देशभर के छोटे से शहरों में रहने वाले युवा अक्सर काम की तलाश में बड़े शहरों का रुख करते हैं. लेकिन ये ज़रूरी नहीं कि सभी को कामयाबी मिल जाए. कई लोग नाकाम होकर वापस अपने घरों को लौट जाते हैं. कुछ मेहनत मजदूरी करने लगते हैं. और कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो जुर्म के रास्ते पर चल पड़ते हैं. उन्हें लगता है कि पैसा कमाने का ये आसान तरीका हो सकता है. लेकिन अपराध करना भी आसान नहीं होता. और ऐसा करने की कोशिश में कई लोग जल्द ही पुलिस के हत्थे चढ़ जाते हैं. कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है राजधानी दिल्ली से. जहां चोरी के इल्जाम में जेल गए एक शातिर युवक ने जेल से बाहर आकर कुछ ऐसा किया वो फिर से कानून की गिरफ्त में आ गया. चलिए आप भी जान लीजिए ये दिलचस्प कहानी.
ज्वैलर को रंगदारी के लिए आई थी कॉल
इस कहानी का आगाज़ होता है राजधानी दिल्ली से. जहां 17 अगस्त को बुद्ध विहार में रहने वाले एक ज्वैलर को एक अनजान फोन नंबर से किसी शख्स ने फोन किया. फोन करने वाला गुस्से में लग रहा था. उसका अंदाज धमकाने वाला था. उसने ज्वैलर को अपना नाम बिट्टू पांडे बताया और फिर उस ज्वैलर से पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगने लगा. ये सुनकर ज्वैलर सकते में आ गया. फोन करने वाले धमकी देते हुए कहा कि अगर उसे पैसा नहीं मिला तो वो ज्वैलर के परिवार को नहीं छोड़ेगा. ये सुनकर ज्वैलर घबरा गया. बात यहीं खत्म नहीं हुई. कॉल करने वाला इतना बेखौफ था कि उसने ज्वैलर को बताया कि पैसा लेकर कहां आना है. कॉलर ने ज्वैलर को एक पार्क का पता दिया और कहा कि चुपचाप पैसा लेकर उसके बताए वक्त पर उस पार्क में पहुंच जाना. अगर ऐसा नहीं किया या पुलिस को बताने की गलती की तो अंजाम बहुत बुरा होगा. इसके बाद उस शख्स ने कॉल कट कर दी.
ज्वैलर ने पुलिस से की थी शिकायत
इस तरह की धमकीभरी कॉल आने के बाद ज्वैलर परेशान था. उसे समझ नहीं आ रहा था कि वो कॉल करने वाले की बात भरोसा करे या नहीं. पुलिस को इस बारे में बताए या नहीं. काफी कशमाकश के बाद ज्वैलर ने हिम्मत दिखाई और वो नेताजी सुभाष प्लेस थाने पहुंचा. वहां उसने पुलिस को आपबीती सुनाई और मामले की तहरीर पुलिस को दी. मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस फौरन हरकत में आ गई.
पहले शकूरपुर इलाके में रहता था आरोपी
मामले की जांच स्पेशल सेल को सौंप दी गई. पुलिस ने जांच का आगाज़ उस मोबाइल नंबर से किया, जिससे कारोबारी को कॉल करके रंगदारी मांगी गई थी. पुलिस ने नंबर को सर्विलांस पर लगा दिया था. अब पुलिस ने दिल्ली समेत एनसीआर कई ऐसे इलाकों में दबिश दी, जहां आरोपी के छुपे होने की आशंका था. लेकिन आरोपी पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था. इसी दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी का ठिकाना शकूरपुर इलाके में है. पुलिस ने फौरन वहां छापेमारी की लेकिन वहां जाकर पता चला कि आरोपी वहां रहता ज़रूर था मगर वो एक महीने पहले ही वहां से घर खाली करके जा चुका था.
दयालपुर से पकड़ा गया आरोपी आबिद
इस दौरान पुलिस आरोपी की पहचान कर चुकी थी. पुलिस को पता चल चुका था कि आरोपी है कौन? पुलिस जान चुकी थी कि आरोपी 25-26 साल का एक युवक है, जिसका नाम आबिद है और वो मूल रूप से यूपी के अमरोहा जिले का रहने वाला है. लेकिन वो पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था. फिर भी पुलिस ने हार नहीं मानी. वो आबिद की तलाश में जुटी रही. इसी बीच बीती 23 अगस्त को मुखबिर के जरिए पुलिस को एक अहम खबर मिली. पुलिस को पता चला कि आरोपी आबिद दिल्ली के दयालपुर इलाके में आने वाला है. बस इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने वहां जाल बिछा दिया. और उस दिन जैसे ही आबिद वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेरा और गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान इलाके के डीसीपी और एसीपी भी मौके पर पहुंचे थे.
एक नहीं चार-चार ज्वैलर से मांगी थी रंगदारी
आबिद के पकड़े जाने से पुलिस ने राहत की सांस ली. पुलिस ने उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन बरामद किया. जांच में पचा चला कि ये वही मोबाइल फोन और नंबर था, जिससे आरोपी ने ज्वैलर को रंगदारी मांगने के लिए कॉल की थी. पुलिस आरोपी को थाने ले गई और उससे पूछताछ की. पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने केवल एक ज्वैलर से कॉल करके रंगदारी नहीं मांगी थी, ब्लकि उसने चार-चार ज्वैलर को धमकी देकर रंगदारी मांगी थी. आरोपी ने चारों ज्वैलर से पांच-पांच लाख रुपये की मांग की थी. इनमें से एक ज्वैलर ऐसा था, जिसने मार्च में अपनी शादी के समय काफी खरीदारी भी की थी.
जेल में सीखा रंगदारी मांगने का तरीका
आबिद के पकड़े जाने के बाद से ही दिल्ली पुलिस उसका आपराधिक इतिहास खंगाल रही थी. इसी दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी कुछ माह पहले नेताजी सुभाष प्लेस इलाके में एटीएम चोरी के मामले में गिरफ्तार किया था. इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया. आरोपी आबिद ने पुलिस को बताया कि जेल में उसने कई ऐसे शातिर अपराधियों और गैंगस्टर्स को देखा था, जो लोगों को फोन पर कॉल करके रंगदारी मांगते थे और कारोबारी उनके गुर्गों को पैसा पहुंचा देते थे. आरोपी आबिद जेल में ये सब देखकर सीख रहा था. जब वो जेल से जमानत पर रिहा होकर बाहर आया तो उसे वो बात याद थी. इसलिए उसने भी रंगदारी वसूलने का फैसला कर लिया. इसके बाद उसने एक मोबाइल फोन चुराया और फिर शुरू हुआ उगाही करने का खेल.
चार कारोबारियों से मांगी थी रंगदारी
आरोपी आबिद ने दिल्ली के कुछ चुनिंदा गहने बेचने वाले चिन्हित किए. फिर उनके नंबर जुटाए और एक-एक करके उन्हें कॉल करना शुरू कर दिया. उसने सभी को एक ही अंदाज में हड़काया और उनसे रंगदारी मांगी. खास बात ये थी कि उसने सभी ज्वैलर्स को अपना नाम एक ही बताया था. यानी उसने सबको अपना नाम बिट्टू पांडे बताया था. लेकिन उसे ये मालूम नहीं था कि वो रंगदारी वसूलने से पहले ही पकड़ा जाएगा. पुलिस ने बुधवार को उसे दयालपुर से गिरफ्तार कर इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया.