
Crime Story of Jewel Thief Rajesh Kapoor: जब किसी चोर की बात होती है, तो आपके दिमाग में क्या ख्याल आता है. शायद आप किसी ऐसे किरदार की कल्पना करते हैं, जो किसी घर की दिवार फांदकर कीमती सामान चुरा लेता है. या फिर बस में किसी का पर्स मार लेता है. लेकिन जुर्म की जो दास्तान हम आपको बताने जा रहे हैं, ये कहानी है एक ऐसे शातिर चोर की जो फ्लाइट में सफर करता है और आसमान में चोरी करता है. यकीनन ये कहानी आपको हैरान कर देगी.
एक साल में 200 से ज्यादा फ्लाइट से सफर
एक साल के भीतर उसने हर तीसरे दिन फ्लाइट ली. 200 से ज़्यादा उड़ानें भरी. और जब भी किसी फ्लाइट से नीचे उतरा, उसके बैग में लाखों की ज्वेलरी और कीमती चीज़ें थी. मगर, वो कोई जादूगर या फिर किसी फिक्शन स्टोरी का किरदार नहीं, बल्कि एक ऐसा ज्वैलथीफ है, जिसकी करतूत ने दिल्ली के साथ-साथ देश भर के तमाम महानगरों की पुलिस को हलकान कर दिया था. लेकिन अब उसकी इस कहानी पर फुल स्टॉप लग चुका है. कम से कम तब तक के लिए तो लग ही चुका है, जब तक कि वो सलाखों से बाहर नहीं आ जाता.
सौ से ज्यादा लोगों को बनाया शिकार
इस देश में अब भी नामालूम कितने ही लोग होंगे, जिन्होंने अब तक फ्लाइट में उड़ना तो दूर एयरपोर्ट का मुंह तक नहीं देखा होगा, लेकिन ये कहानी है एक ऐसे चोर की, जो सिर्फ इसीलिए फ्लाइट से चलता था, ताकि वो हवा में उड़ते-उड़ते ही किसी मुसाफिर को टारगेट कर सके और उसकी कीमती चीज़ें झटक कर हवा में ही गुम हो जाए. वो अपने इस शातिर चाल में काफी हद तक कामयाब भी रहा और तकरीबन सौ से ज्यादा लोगों को सीधे हवा से ज़मीन पर ला पटका.
उनकी कीमती चीज़ें उड़ा लीं और उन्हें ऐसा झटका दिया जिसे वो शायद ही कभी भुला पाएंज. लेकिन अब दिल्ली पुलिस ने इस चोर को अपने जाल में फांस लिया है और साथ ही फंसा लिया है, उस ज्वेलर को भी, जो उससे चोरी की ज्वेलरी खरीद कर रातों-रात अमीर बनने की कोशिश में लगा था.
11 अप्रैल 2024, आईजीआई एयरपोर्ट, नई दिल्ली
दिल्ली पुलिस को इस चोर की करतूतों की खबर तो लंबे समय से मिल रही थी, लेकिन ना तो इस चोर के बारे में उसे इस चोर के बारे में कोई जानकारी थी और ना ही उसका कोई सुराग ही था. लेकिन इसी बीच जब हैदराबाद की एक महिला ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट यानी आईजीआई पुलिस स्टेशन पर अपने हैंड बैग से करीब 7 लाख रुपये की ज्वेलरी चोरी चले जाने की एफआईआर दर्ज करवाई, तो पुलिस हरकत में आ गई. ये वारदात 11 अप्रैल की थी, जब हैदराबाद की उस महिला के हैंडबैग से किसी ने उसकी जूलरी उड़ा ली थी.
अमेरिकी यात्री ने भी दर्ज कराई थी चोरी की शिकायत
इससे पहले इसी साल 22 फरवरी को भी दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर अमेरिका के रहने वाले एक मुसाफिर ने ऐसी ही शिकायत दर्ज करवाई थी, जब उसने बताया था कि उसके केबिन बैग से किसी ने 20 लाख रुपये की जूलरी चुरा ली. अब चूंकि एक के बाद एक चोरी के मामले सामने आ रहे थे, तो आईजीआई पुलिस ने इस केस की तफ्तीश के लिए अलग से एक टीम बनाई. पीड़ित लोगों की कहानी से लग रहा था कि उनके सामानों पर हाथ साफ करने वाला शख्स कोई एक ही आदमी हो सकता है, क्योंकि जिस तरीके से उन्हें टारगेट किया गया था, वो दोनों मामलों में सेम टू सेम था.
फेक आइडेंटिटी से सफर
अब पुलिस ने आईजीआई एयरपोर्ट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की स्केनिंग चालू की, खास कर 22 फरवरी और 11 अप्रैल की. और आपको जान कर हैरानी होगी कि इन दोनों ही दिनों में उन फ्लाइट्स में पुलिस को एक मुसाफिर मिला, जो कॉमनली ट्रैवल कर रहा था. यानी दोनों ही फ्लाइट में एक मुसाफिर पुलिस को कॉमन नजर आया. अब पुलिस ने बोर्डिंग डिटेल्स के सहारे उस आदमी की पहचान पता करने की कोशिश शुरू की. पुलिस को थोड़ी कामयाबी भी मिली, लेकिन उसे तब झटका लगा, जब उसने देखा कि इन फ्लाइट्स से ट्रैवल करने वाला वो संदिग्ध शख्स अपने सही नाम पते से नहीं बल्कि किसी फेक आइडेंटिटी से सफर कर रहा है. और तो और टिकट बुकिंग के लिए दिया गया उसका मोबाइल नंबर भी गलत निकला.
पहाड़गंज के गेस्ट हाउस से पकड़ा गया शातिर चोर
अब पुलिस ने टेक्नीकल सर्विलांस के जरिए उस आदमी को लोकेट करने की कोशिश शुरू की. मोबाइल का डंप डाटा और सीडीआर निकलवाए. एक खास नंबर की पहचान हुई और पता चला कि वो नंबर दिल्ली के पहाड़गंज एरिया में रहने वाले किसी शख्स का है. इसके साथ ही पुलिस ने भी गौर किया कि वो अपना मोबाइल फोन बहुत कम ही समय के लिए ऑन करता है. लेकिन आखिरकार पुलिस की कोशिश रंग लाई और राजेश कपूर नाम के इस चोर को पुलिस ने पहाड़गंज के ही एक गेस्ट हाउस से गिरफ्तार कर लिया. उस गेस्ट हाउस से जिसका मालिक कोई और नहीं बल्कि वो खुद ही था पूछताछ में उसकी पहचान ना सिर्फ राजेश कपूर के तौर पर साफ हुई, बल्कि उसने फ्लाइट्स में ज्वेलरी चुराने की बात कबूल भी कर ली.
पहले ट्रेन में करता था चोरी
फिलहाल दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर एक ही झटके में जूलरी थेफ्ट के 11 मामलों को सुलझा लेने का दावा किया है. जबकि पुलिस को शक है कि उसने देश भर में कम से सौ ऐसी वारदातों को तो अंजाम दिया ही होगा. पुलिस की मानें तो राजेश कपूर ने अपने चोरी के सिलसिले की शुरुआत ट्रेनों में लोगों का बैग चुराने से की थी. जिसमें उसे अच्छी कामयाबी मिली. जिसके बाद उसका कॉन्फिडेंस बढ़ गया और उसने ट्रेनों के बाद अब फ्लाइट्स में लोगों को टारगेट करने का फैसला किया.
शातिर ज्वैलथीफ की मॉडस ऑपरेंडी
अब बात इस ज्वैलथीफ की ऐसी चौंकाने वाली मॉडस ऑपरेंडी की, जिसके बारे में सुन कर अच्छे-अच्छों का दिमाग़ घूम जाएगा. राजेश अक्सर वैसे पैसेंजर्स को टार्गेट करता था, तो बुजुर्ग यानी उम्र दराज़ होने के साथ-साथ किसी भारतीय शहर से विदेश यात्रा पर जा रही हों. असल में उसे लगता था कि ऐसे लोगों को टारगेट करने से उनका रिएक्शन टाइम ज्यादा हो जाएगा और उसके बचने की उम्मीद बढ़ जाएगी.
यात्रियों को ऐसे करता था टारगेट
ऐसे लोगों की पहचान करने के बाद ये ज्वैलथीफ अपनी चाल के मुताबिक एयर एंडिया और विस्तारा के प्रिमियम डोमेस्टिक फ्लाइट्स को चुनता था, जो दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, मुंबई और चंडीगढ़ जैसे शहरों के बीच उड़ान भरती हों. उड़ान से पहले पैसेंजरों के बीच मचने वाली होड़ और अफरातफरी का फायदा उठा कर ये अक्सर केबिन लगेज सेट करने का ड्रामा करता और मौका मिलते ही दूसरे पैसेंजर के हैंड बैग या केबिन लगेज से कीमती चीज़ें पार कर देता था. कभी-कभी वो अपनी सीट अपने टारगेट पैसेंजर के पास वाली सीट से बदल लेता और आसानी से उनकी कीमती चीज़ें चुरा लेता था.
हैदराबाद की महिला पैसेंजर ने की थी शिकायत
पुलिस ने इस मामले की तफ्तीश के दौरान एक और खास चीज़ पर गौर किया. हैदराबाद की महिला पैसेंजर से मिली शिकायत के मुताबिक पुलिस ने पहले बेंगलुरु से हैदराबाद और फिर हैदराबाद से दिल्ली की फ्लाइट के स्कैनर चेक किए. असल में वो पीड़ित महिला हैदराबाद से दिल्ली ट्रैवल कर रही थी और फिर यहां से उसे विदेश जाना था. जबकि राज कपूर उसके पीछे लग चुका था. पुलिस ने देखा कि राजकुमार के ट्रैवल बैग में बेंगलुरू से हैदराबाद के दौरान कोई भी जूलरी या कीमती चीज़ें नहीं थी, जबकि जब वो हैदराबाद से दिल्ली के लिए ट्रैवल कर रहा था, तो उसका बैग जूलरी आइटम से भरा हुआ था. यानी ये साफ था कि राजेश कुमार ने ये कीमती चीज़ें हैदराबाद से दिल्ली आने के दौरान ही उड़ा ली थीं.
मर चुके भाई की आईडी का इस्तेमाल
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि वो पकड़े जाने से बचने के लिए ना सिर्फ फेक आईडेंटिटी से एयर ट्रैवल करता था, बल्कि वो इसके लिए अपने मर चुके भाई ऋषि कपूर की पहचान का इस्तेमाल करने से भी बाज़ नहीं आया. यानी इस ज्वैलथीफ़ ने अपने नापाक करतूतों के लिए अपने मर चुके भाई को भी नहीं बख्शा.
ज्वेलर शरद जैन की गिरफ्तारी
पुलिस ने राजेश कपूर नाम के इस शख्स के साथ उसके एक साथी ज्वेलर शरद जैन को गिरफ्तार किया है, जिसकी शॉप करोल बाग में ही है. जैन को इस बात का अहसास था कि कपूर उसके पास चोरी का माल बेचता है, लेकिन वो इन चोरी के माल को खपाने में उसकी मदद करता था, ताकि मोटी कमाई कर सके. वो भी पकड़े जाने से पहले ज्वेलरी के प्रेशियस मेटल को उसी दिन पिघला देता था, जिस दिन वो मेटल उसके हाथ लगता था. अब पुलिस ने उसके पास से ऐसे लाखों रुपये कीमत के पिघले सोने चांदी के साथ-साथ कीमती जेम्स स्टोंस भी बरामद किए हैं.
अभी भी पुलिस की पहुंच से बाहर हैं कई गुनहगार
बहरहाल, आईजीआई पुलिस ने अपनी तफ्तीश की बदौलत अनगिनत लोगों को खून के आंसू रुलाने वाले इस शातिर ज्वैलथीफ़ को धर दबोचा है, लेकिन अब भी नमालूम कितने ऐसे पैसेंजर हैं जिनके गुनहगार पकड़ से बाहर हैं और कितने ही ऐसे चोर हैं जो ऐसी भीड़-भाड़ वाली जगहों पर घात लगाए शिकार का इंतजार कर रहे हैं.
(साथ में अमरदीप कुमार का इनपुट)