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दोस्ती, धोखा, बहन का रेपः बदले की आग में जल रहे ज़ाकिर ने ऐसे किया कैदी का कत्ल

दिल्ली की सबसे सुरक्षित तिहाड़ जेल में सोमवार को एक कैदी ने दूसरे कैदी की तेजधार हथियार से हत्या कर दी. जेल में कत्ल की वारदात से जेल प्रशासन सकते में आ गया. आखिर कातिल के पास हथियार आया कहां से? कैसे उसने कत्ल की खौफनाक वारदात को अंजाम दे डाला. ऐसे कई सवाल हैं, जो जेल प्रशासन पर सवाल खड़े करते हैं.

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मामले की तफ्तीश करने पर बदले की कहानी खुलकर सामने आ गई (फाइल फोटो)
मामले की तफ्तीश करने पर बदले की कहानी खुलकर सामने आ गई (फाइल फोटो)

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  • मृतक ने आरोपी की नाबालिग बहन से किया था रेप
  • सात साल तक बदले की आग में जलता रहा आरोपी

कभी-कभी जुर्म की दुनिया में कुछ ऐसी वारदातें सामने आती हैं, जिनकी कहानी किसी फिल्म से कम नहीं होती. कहीं प्यार में नाकाम कोई आशिक खुद अपने हाथों से अपनी मोहब्बत का कत्ल कर डालता है. तो कभी कोई किसी झगड़े के दौरान किसी की जान ले लेता है. ऐसे ही बदला भी अहम माना जाता है, जिसकी खातिर कोई भी इंसान अपराधी बन जाता है. उसके सीने में बदले की आग तब तक दहकती रहती है, जब तक वो अपने दुश्मन का खून ना बहा दे. तिहाड़ जेल में सोमवार को ऐसा ही कत्ल का एक मामला सामने आया था. जो वाकई किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं. जिसमें बदले की आग ने एक शख्स को खूनी बना दिया.

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दिल्ली की सबसे सुरक्षित तिहाड़ जेल में सोमवार को एक कैदी ने दूसरे कैदी का तेजधार हथियार से कत्ल कर दिया. मृतक कैदी की पहचान और जेल में कत्ल की वारदात से जेल प्रशासन सकते में आ गया. आखिर कातिल के पास हथियार आया कहां से? कैसे उसने कत्ल की खौफनाक वारदात को अंजाम दे डाला. ऐसे कई सवाल हैं, जो जेल प्रशासन पर सवाल खड़े करते हैं. लेकिन जब आरोपी कैदी से इस हत्याकांड को अंजाम देने की वजह पूछी गई तो एक ऐसी कहानी सामने आई, जो एक बहन और भाई के रिश्ते पर आधारित है.

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बात करीब 7 साल पुरानी है. मृतक मेहताब और आरोपी ज़ाकिर दोनों एक दूसरे को पहचानते थे. लिहाज़ा दोनों का एक दूसरे के घर पर आना जाना था. लेकिन मेहताब का चरित्र अच्छा नहीं था. इसी के चलते उसने ज़ाकिर के भरोसे का कत्ल किया. मेहताब ने एक दिन मौका पाकर ज़ाकिर की नाबालिग बहन को अपनी हवस का शिकार बना डाला. रेप की इस वारदात ने उस नाबालिग लड़की को इतना तोड़कर रख दिया कि उसने खुदकुशी कर ली. ज़ाकिर अपनी बहन से बहुत प्यार करता था. उसकी बहन के साथ जो कुछ हुआ वो उसे बर्दाश्त नहीं हो रहा रहा था.

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वो जान चुका था कि ये सब किसने किया. लिहाज़ा वो मेहताब से बदला लेना चाहता था. वक्त बीतने के साथ-साथ वो बदले की आग में जलता रहा. जबकि मेहताब जेल जा चुका था. उसने मेहताब तक पहुंचने के लिए एक सोची समझी साजिश के तहत किसी का खून करने की सोची. वो 20 जुलाई 2018 का दिन था. दक्षिण पश्चिम दिल्ली का जैतपुर इलाका. जहां जलेबी चौक में एक रिक्शेवाले को चाकू से गोद डाला गया. जब तक घायल रिक्शेवाले को अपोलो असपताल पहुंचाया गया, तब तक उसकी मौत हो जाती है.

उसे बड़ी ही बेरहमी से क़त्ल किया गया. पुलिस मामले की तफ्तीश शुरू करती है. और कातिल पुलिस के हत्थे चढ़ जाता है. जो कोई और नहीं बल्कि 20 साल का ज़ाकिर था. इस मर्डर के पीछे उसका मकसद भी जेल जाना ही था, ताकि वो अपनी बहन का बदला ले सके. लेकिन जब वो जेल गया तब उसकी उम्र 20 साल से कम थी. लिहाज़ा उसे उस वार्ड में रखा गया, जंहा 20 साल से कम उम्र के अपराधी रखे जाते हैं.

जैसे-जैसे वक्त बीता. ज़ाकिर की उम्र 20 साल से ज्यादा हो गई. फिर उसे तिहाड़ की दूसरी जेल में शिफ्ट किया गया. लेकिन वहां जाने के बाद भी वो मेहताब की जेल से दूर था. लिहाज़ा उसने एक साजिश रची. वो अपने वार्ड के दूसरे कैदियों से लड़ाई करने लगा. जिसके बाद उसने जेल प्रशासन से ये गुज़ारिश की उसे दूसरी जेल में शिफ्ट किया जाए. जैसे ही वो मेहताब की जेल में पहुंचा, वो मेहताब को मारने का मौका तलाशना शुरू कर दिया.

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वो लगातार मेहताब की फिराक में था. दो-तीन दिन उस जेल में बिताने के बाद उसे मेहताब की जानकारी मिल गई. वो ये भी जान गया कि उसे मारने का सबसे बढ़िया मौका सुबह का है, जब प्रेयर के लिए बैरक खोले जाते हैं. 29 जून की सुबह जैसे ही बैरक खुली ज़ाकिर पहली मंजिल पर जा पहुंचा. और वो वहां पहले से मौजूद मेहताब पर चाकू नुमा हथियार लेकर टूट पड़ा. उसने मेहताब पर एक बाद एक ताबड़तोड़ वार किए. इस हमले में मेहताब बुरी तरह से घायल हो गया.

पहले उसे जेल में प्राथमिक उपचार दिया गया. फिर डीडीयू अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई. मृतक मेहताब 2014 से ही बलात्कार के एक मामले में जेल में बंद था. जबकि आरोपी कैदी ज़ाकिर हत्या के एक मामले में 2018 से जेल में बंद था. आरोपी ज़ाकिर को कुछ दिन पहले ही जेल नंबर 5 से जेल नंबर 8/9 में शिफ्ट किया गया था. और इस तरह से ज़ाकिर के बदले की आग ठंडी पड़ गई. 7 साल बाद आखिरकार ज़ाकिर ने अपनी बहन के साथ हुए गुनाह का बदला ले लिया. फिलहाल, पुलिस ने फिर से जाकिर के खिलाफ हत्या का मामला भी दर्ज कर लिया है.

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2017 से अब तक हर साल एक मर्डर

तिहाड़ जेल के डीजी संदीप गोयल के मुताबिक जेल में सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाता है. बावजूद इसके वक्त-वक्त पर जेल के अंदर हत्या की वारदातें होती रहती हैं. पिछले चार वर्षों में तिहाड़ जेल में हत्या की चार वारदातों को बेरहमी से अंजाम दिया गया. डीजी जेल के अनुसार वर्ष 2017 से वर्ष 2020 में अब तक हर साल तिहाड़ जेल में एक मर्डर किया गया.

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