वैसे तो ऊपरवाला ना करे कि आपका कोई अपना कभी जेल जाए, पर बदकिस्मती से कोई जेल पहुंच जाए और उसे जेल के अंदर आजादी और तमाम ऐश-ओ-आराम चाहिए तो इसके लिए दिल्ली की तिहाड़ से जुड़ी रोहिणी जेल मौजूद है, बस किराया एक करोड़ रुपये महीना है. एक करोड़ रुपये दीजिए और जेल के अंदर जेल का पूरा स्टाफ और साथ में जेलर भी आपकी खिदमत में हाजिर रहेगा. पिछले 12 महीनों से देश का सबसे बड़ा ठग इसी जेल में बंद है और अब तक वो जेल को 12 करोड़ रुपये किराया दे चुका है.
कमाल की बात है ना. रिश्वत लो या दो तो जेल जाओ. पर जेल के अंदर ही अगर रिश्वत लें और दें तो फिर कहां जाएं? जेल के खेल की तस्वीरें तो जब-तब बाहर आती रहती हैं. मगर इस बार जेल के अंदर की ऐसी तस्वीर और खेल बाहर आया है कि बस पूछिए मत. बस तस्वीरें देखिए, कहानी सुनिए और मज़ा लीजिए. क्योंकि जेल सज़ा के लिए अब रह ही कहां गई है.
तो सबसे पहले बात तिहाड़ की रोहिणी जेल बाहर आई कुछ तस्वीरों की. उसी जेल के वार्ड नंबर तीन और बैरक नंबर 204 में इस वक्त देश का सबसे बड़ा ठग या सबसे नटवरलाल कहिए सुकेश चंद्रशेखर बंद है. वो भी पिछले करीब एक साल से. कुछ तस्वीरें जो सामने आईं हैं, वो इसी साल 7 अगस्त की हैं. ठग-ए-आज़म को बाकायदा जेल के अंदर एक पूरा बैरक ही अलग से दे दिया गया है. जहां बकायदा पर्देदारी की गई है. सीसीटीवी कैमरों को धोखा देने के लिए पर्दे डाले गए हैं.
दरअसल एक वक्त में तिहाड़ जेल ने कहा था कि सुकेश पर नजर रखने के लिए उसके बैरक के इर्द-गिर्द 55 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. अब कैमरों को छुपाना और ढकना था. लिहाज़ा पर्दे, तौलिए, कपड़े यहां तक कि पानी के बोतल तक से कैमरों को ढक दिया गया. ताकि पर्दे के पीछे से सुकेश अपना धंधा आसानी और आजादी से चलाता रहे.
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अब आगे की कहानी बताएं उससे पहले आप जानना चाहते होंगे कि जेल में इतनी मेहरबानी के बदले जेल स्टाफ का क्या फायदा? तो जनाब जेल में मुफ्त कुछ नहीं मिलता. यहां सब माया का खेल होता है. एक साल में जेल में ही बैठ कर सुकेश 200 करोड़ कमा सकता है तो क्या कुछ करोड़ जेल स्टाफ को नहीं दे सकता? जेल में दिल खोल कर पैसे दिए उसने. महीने का करीब एक करोड़. यानी एक साल में लगभग 12 करोड़.
जी हां, तिहाड़ जेल पर ये इल्जाम हम नहीं लगा रहे. बल्कि खुद पुलिस लगा रही है. पुलिस की चार्जशीट लगा रही है. दरअसल, दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने इस पूरे मामले की जांच की. अब उसी ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है. जिसमें कहा है जेल के अंदर जेल स्टाफ पूरी तरह बिके हुए थे. ऊपर से नीचे तक हरेक को सुकेश पैसे देता था. वो भी एक महीने का एक करोड़.
चार्जशीट के मुताबिक सुकेश के पास जेल में पूरे साल भर तक मोबाइल था. आईफोन 12 प्रो और आईफोन 11. इन्ही मोबाइल नंबरों से वो जेल में बैठ कर ही बाहर के लोगों को चूना लगाता और उनसे पैसे ऐंठता था. साल भर में अकेले जेल में ही बंद एक बिजनेसमैन की पत्नी से उसने करीब 200 करोड़ रुपए वसूले थे. कई बार तो पैसे लेने के लिए उसने जेल के स्टाफ को उन्हीं की गाड़ी में भेजा था.
चार्जशीट के मुताबिक फिलहाल जेल के आठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें जेल सुप्रींटेंडेंट, डिप्टी सुपरींटेंडेट से लेकर कई पुलिसवाले शामिल हैं. यहां तक कि सुकेश जेल के गार्ड और सफाई कर्मचारी तक को रिश्वत देता था और बदले में वो उसकी हर ख्वाहिश पूरी करते थे.
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एक करोड़ महीने की रिश्वत के बदले ही उसे जेल में फोन की सुविधा थी. अलग से खास बैरक था. जी खास बैरक. क्योंकि जो बैरक की तस्वीर सामने आई है, उस बैरक में अमूमन 40 कैदी एक साथ रहते हैं. पर जेलर की मेहरबानी से 40 कैदियों वाले इस बैरक में सुकेश अकेला रह रहा था. यहां उसके खाने-पीने के लिए हर खास चीज भी मुहैया थी. इंटरटेनमेंट के सारे साधन थे और सबसे बड़ी बात कि वहां लगे हर कैमरे पर पर्दा था.
दिल्ली पुलिस की eow ने चार्जशीट में दो सौ करोड़ की ठगी के मामले में कुल 14 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. इसमें उसकी पत्नी और फिल्म एक्ट्रेस लीना का नाम भी शामिल है. जबकि चार्जशीट में फिलहाल जेल के पांच अधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं. दल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा के मुताबिक सुकेश ने धोखे से बनाए पैसों में से काफी पैसा बॉलीवुड में भी लगाया है. इस सिलसिले में बॉलिवुड से जुड़े कुछ लोगों के नाम भी सामने आए हैं. उनसे भी जल्दी पूछताछ हो सकती है.
अब जो ठग एक करोड़ रुपए महीना जेल स्टाफ को रिश्वत दे और पिछले बारह महीने से देता रहे उसके पास कितने पैसे होंगे? जेल के अंदर से ही 200 करोड़ की वसूली करने वाला सुकेश आलीशान जिंदगी जीता था. उसकी शाही जिंदगी के बारे में जानकर आपके मन में सवाल पैदा होने लगेगा कि आख़िर ये दौलत, ये कारें, ये शानो-शौकत और ये घर कैसे उसके पास आया? वो काम क्या करता है. ये गिनती कहां से शुरू होकर कहां पर ख़त्म होती है.
अरबों की दौलत और अमीरी के मालिक सुकेश चंद्रशेखर और उसकी फिल्म स्टार बीवी लीना मारिया पॉल पर हवाला कारोबार समेत अरबों की हेराफेरी के मामले दर्ज हैं. जिसकी जांच करनेवाली एंजेसी एनफोर्समैंट डायरेक्टरेट यानी प्रवर्तन निदेशालय की मानें तो चेन्नई का रहनेवाला सुकेश चंद्रशेखर ना सिर्फ़ एक पुराना ठग है, बल्कि उसका जेल में आना-जाना भी लगा ही रहता है. सुकेश साल भर पहले तब सुर्खियों में आया जब उसने दिल्ली की एक बड़ी कंपनी के प्रोमोटर की बीवी से उसके पति के खिलाफ़ दर्ज मामलों में कोर्ट और सरकार से राहत दिलाने के नाम पर दो सौ करोड़ रुपये ठग लिए थे. सुकेश ने ठगी अपने किसी अड्डे या किसी तहखाने से नहीं, बल्कि क़ानून के मुहाफ़िज़ों की नाक के नीचे दिल्ली की रोहिणी जेल से बैठे-बैठे की थी.
सुकेश ने एक बड़ी कंपनी के मालिक की बीवी से खुद को किसी मंत्रालय से जुड़ा अफ़सर बताकर कॉन्टैक्ट किया था. उसने उस महिला से कहा कि भारत सरकार अब उनकी कंपनी के साथ मिलकर कोरोना पर काम करना चाहती है. लेकिन इससे पहले उनकी कंपनी और कंपनी के मालिक यानी उसके पति के खिलाफ़ दर्ज मुकदमों का ख़ात्मा ज़रूरी है. इसके बाद उसने खुद ही अपनी तरफ से एक-एक कर सारे मुकदमों का ख़ात्मा कराने का प्रोपोज़ल उस महिला को दिया.
लेकिन बदले में करोड़ों रुपयों की ज़रूरत बताई. सुकेश ने कहा कि ये रुपये उसे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजेज़ के अलावा बाकी अफ़सरों को देने होंगे. महिला उसकी बातों में आ गई और रुपये ठगने या यूं कहें कि रुपये लूटने का सिलसिला शुरू हो गया. ये सिलसिला जून 2020 से शुरू हुआ और जुलाई 2021 तक चलता रहा. महिला कूरियर के ज़रिए करोड़ों रुपये भिजवाती रही और सुकेश के लोग उसे कलेक्ट कर मंडोली जेल में सुकेश के पास पहुंचाते रहे.
और तो और इस काम में रोहिणी जेल के कुछ अफ़सर और आरबीएल बैंक की वीपी कोमल पोद्दार की भी ख़ास भूमिका रही. इस तरह जेल में बैठे-बैठे सिर्फ़ फर्ज़ी पहचान और स्पूफिंग वाले टेलीफोन कॉल्स के ज़रिए सुकेश चंद्रशेखर ने उस महिला से पूरे 200 करोड़ रुपये ठग लिए.
अब बात इस महाठग की मोडस ऑपरेंडी यानी ठगी के तौर तरीक़े की. पुलिस की मानें तो महाठग सुकेश चंद्रशेखर को सरकारी तंत्र की बारीक से बारीक जानकारी है. इसी का फायदा उठा कर वो लोगों को फंसाता है. वो अक्सर उन अमीर लोगों को फंसाता है, जिनका कोर्ट या किसी सरकारी महकमे में कोई बड़ा काम अटका हो. वो खुद तो कभी सामने नहीं आता है, लेकिन फर्ज़ी सरकारी अफसर बन कर ऐसे लोगों से उनका काम करवा देने का झांसा देता है और उन्हें किसी परजीवी की तरह आहिस्ता-आहिस्ता खोखला करता रहता है.