आरजू जिससे शादी करना चाहती थी. उसी लड़के ने अपनी आरजू का गला घोंट कर, उसकी लाश अपने ही कमरे में छुपा दी. इसके दो दिन बाद उसने शादी की और फिर उसी कमरे में सुहागरात मनाई, जिस कमरे में उसकी आरजू की लाश थी.
प्यार करते थे आरजू और नवीन
यह कहानी दिल्ली के मॉडल टाउन इलाके से शुरू होती है. इलाके के इसी मोहल्ले में तमाम घरों के बीच एक घर आरजू का था और एक नवीन खत्री का. आरजू दिल्ली यूनिवर्सिटी के लक्ष्मीबाई कॉलेज में फाइनल ईयर की स्टूडेंट थी. जबकि नवीन पढ़ाई छोड़ प्रॉपर्टी डीलिंग के धंधे में उतर गया था. दोनों की मुलाकात होती है, फिर प्यार और बात शादी तक पहुंच जाती है.
घर वालों को था शादी से एतराज
आरजू और नवीन दोनों जिस गांव से आते थे, वो गांव एक ही था और गांव के गोत्र के हिसाब से लड़के वालों को दोनों की शादी से एतराज था. मगर रिश्ता अधूरा छूट जाने के बाद भी आरजू और नवीन मिलते रहे. यहां तक कि नवीन की शादी कहीं और तय हो गई. बस इसी शादी से दो दिन पहले कहानी एक नया मोड़ लेती है.
कार में की आरजू की हत्या
शादी से सिर्फ दो दिन पहले वो उस लड़की का खून करता है, जिससे उसकी शादी होते-होते रह गई थी. फिर उसी आरजू की लाश अपने कमरे में लाकर छुपा देता है. दो फरवरी की शाम को नवीन अपनी कार में आरजू के कॉलेज पहुंचा और उसे अपने साथ इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक गांव में ले गया. वहां उसने कार में ही आरजू के दोपट्टे से गला घोंट कर उसकी हत्या कर दी.
घर में ही छिपाई लाश
नवीन को आरजू की लाश ठिकाने लगाने का मौका ही नहीं मिला. लिहाजा वो लाश को कार की डिक्की में डाल कर रात घर लौट आया. लाश की गठरी बना कर, वो उसे सीधे अपने बेडरूम में ले गया. लोगों को लगा कि वह शादी का कोई सामान ले जा रहा है. इसके बाद उसने आरजू की लाश को अपने बेडरूम से ही लगते एक दूसरे कमरे के बीच की खाली जगह में छुपा दिया.
उसी कमरे में मनाई सुहागरात
चार फरवरी को शादी करने के बाद पांच फरवरी की शाम वो अपनी दुल्हन को लेकर घर लौटा. रात उसी कमरे में सुहागरात मनाई और दुल्हन को इसकी भनक तक नहीं लगी. फिर छह फरवरी की शाम जब आरजू के घर वालों ने दबाव बनाया और पुलिस ने नवीन को उठाया. तब कहीं जाकर उसने सच उगला और कमरे से आरजू की लाश भी बरामद हो गई.
आखिर क्यों ली आरजू की जान?
नवीन को डर था कि चार फरवरी को होने वाली उसकी शादी में आरजू कोई हंगामा खड़ा कर सकती है. इसी डर से उसने आरजू को रास्ते से ही हटा दिया.