2 जनवरी को गुरुग्राम में हुए मॉडल दिव्या पाहुजा मर्डर केस में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. लंबे सर्च ऑपरेशन के बाद आखिरकार मॉडल के शव को पुलिस ने बरामद कर लिया है. हरियाणा के फतेहाबाद के टोहना में भाखड़ा नहर से उसका शव मिला है. हत्या की वारदात के बाद 11 दिनों तक पानी में रहने की वजह से शव क्षत-विक्षत हो चुका है. उसके सिर से बाल भी गायब हो चुके हैं. ऐसे में पुलिस के सामने उसकी पहचान की समस्या आ गई. इसके बाद मृतिका की मां को बुलाया गया. उन्होंने शव के पीठ और हाथ पर बने टैटू को देखकर पहचान कर ली कि वो दिव्या पाहुजा की ही लाश है. पोस्टमार्टम के लिए शव को फतेहाबाद से हिसार के अग्रोहा मेडिकल भेजा गया है.
इस सनसनीखेज हत्याकांड के मुख्य आरोपी होटल व्यवसायी अभिजीत सिंह के गुर्गे बलराज गिल की गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ था कि उन लोगों ने शव को पटियाला के आसपास एक नहर में फेंका है. इसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया था. लेकिन कई दिनों तक शव बरामद नहीं हो सका था. शनिवार को पुलिस टीम को फतेहाबाद के टोहना में भाखड़ा नहर में एक शव बरामद हुआ. उसकी हालत इतनी ज्यादा खराब थी कि उसे पहचान पाना बहुत मुश्किल हो रहा था. इसके बाद दिव्या की मां के द्वारा पहचान किए जाने के बाद पुलिस ने चैन की सांस ली है. शव के पोस्टमार्ट के बाद इसकी रिपोर्ट से खुलासा हो सकेगा कि आरोपियों ने हत्याकांड को कैसे अंजाम दिया था.
जानकारी के मुताबिक, दिव्या पाहुजा की लाश को तलाशने के लिए एनडीआरएफ की टीम भी पहुंची थी. इसमें 25 सदस्य शामिल थे. इस टीम ने गुरुग्राम और पंजाब पुलिस के साथ मिलकर खनौरी बॉर्डर तक नहर में लाश को तलाशने का काम किया था. गुरुग्राम के एसीपी क्राइम वरुण दहिया ने बताया कि दिव्या पाहुजा की हत्या के आरोपी बलराज गिल को गुरुवार को कोलकाता हवाई अड्डे से हिरासत में लिया गया था. वो पंजाब के पटियाला बस स्टैंड के पास अपनी कार छोड़ने के बाद लापता हो गया था. उसे हुई पूछताछ के दौरान पता चला था कि मॉडल का शव कहां ठिकाने लगाया गया है. इस केस में एक अन्य आरोपी रवि बंगा अभी भी फरार है. उसकी तलाश की जा रही है.
बलराज और रवि ने ठिकाने लगाई दिव्या की लाश
बताते चलें कि 2 जनवरी की रात गुरुग्राम के होटल द सिटी प्वाइंट के कमरा नंबर 111 में अपकमिंग मॉडल दिव्या पाहुजा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इसके बाद हत्यारोपी अभिजीत सिंह ने अपने होटल के दो कर्मचारियों के साथ मिलकर उसका शव कंबल में लपेट कर अपनी बीएमडब्ल्यू कार की डिग्गी में रख दिया था. उसके इशारे पर उसके गुर्गे बलराज गिल और रवि बंगा ने 10 लाख रुपए लेकर शव का नहर में फेंक दिया था. इस वारदात के अगले दिन मॉडल की बहन की शिकायत पर केस दर्ज करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी अभिजीत सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद अभिजीत की गर्लफ्रेंड मेघा भी पकड़ी गई थी, जिसने वारदात के कई सबूत नष्ट किए थे.
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दिव्या की बहन ने की सीबीआई जांच की मांग
मॉडल दिव्या पाहुजा की बहन ने कुछ दिन पहले गुरुग्राम पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा था कि उन्हें जब सेवा, सुरक्षा और सहयोग की सर्वाधिक जरूरत थी तो न तो पुलिसिया सेवा मिली न सुरक्षा और सहयोग मिला. उन्होंने बताया कि दिव्या से उनकी आखरी बातचीत 2 जनवरी दोपहर 12 बजे हुई थी. उस वक्त उनकी बहन ने कहा था कि वो बस आधे घंटे में घर लौट रही है, लेकिन जब शाम 6 बजे तक नहीं आई तो उनको शक हुआ. अनहोनी का डर सताने लगा. क्योंकि दिव्या कभी अपने फोन से दूर नहीं रहती थी. उन दोनों के बीच हर आधे या 1 घंटे में बातचीत हो जाती थी. लेकिन उस दिन कई घंटों तक उसका मोबाइल बंद रहा था. इसके बाद उसने अभिजीत को कॉल किया था.
परिजनों का पुलिस पर लापरवाही का आरोप
दिव्या पाहुजा की बहन ने पुलिसिया रवैये के बारे में खुलासा करते हुए कहा था, "मैं जब अपनी बहन के लिए गुरुग्राम सेक्टर 14 थाने पहुंची तो वहां बैठे पुलिस अधिकारियों ने कहा सुबह आना अभी बहुत रात हो चुकी है. तुम शिकायत दे दो. तफ्तीश सुबह 10 बजे से शुरू करेंगे". इसके बाद दिव्या की बहन ने अपनी मां को थाने में बुलाया. फिर पुलिसकर्मियों ने उनकी बात ड्यूटी अधिकारी से करवाई. उन्होंने भी कहा कि कल सुबह आना, अगले दिन से ही हम इस मामले में की जांच करेंगे. पुलिस की इस हरकत से मां और बेटी परेशान हो गए. उन्होंने नहीं समझ आ रहा था कि आगे क्या करें. मुंबई में हुए संदीप गाड़ौली के एनकाउंटर केस के बाद दिव्या पाहुजा 25 जुलाई 2023 को जमानत पर जेल से रिहा हुई थी.
पहले से था दिव्या पाहुजा की जान को खतरा
बहन के मुताबिक, दिव्या पाहुजा की जान को खतरा था. इस वजह से वो अपनी बहन और मां से लाइव लोकेशन के जरिए जुड़ी रहती थी. 2 जनवरी की दोपहर 12 बजे परिजनों की दिव्या से आखिरी बार बात हुई थी. इसके बाद शाम जब 6 बजे तक जब उसकी कोई कॉल या मैसेज नहीं आया तो उन्होंने उसकी लोकेशन चेक किया, जो कि साउथ एक्स दिल्ली में था. एक दूसरे फोन की लोकेशन अभिजीत सिंह के होटल द सिटी प्वाइंट के पास थी. बहन ने अभिजीत को कॉल किया तो उसने गुमराह करते हुए कहा कि वो कुछ देर पहले तक उसके पास थी, लेकिन 11.30 बजे घर के लिए निकल गई. इसके बाद परेशान होकर बहन करीब 7.30 बजे दिल्ली के साउथ एक्स स्थित अभिजीत सिंह के घर पहुंची.
बहन का आरोप, पुलिस ने नहीं की मदद
वहां बलराज गिल पहले से मौजूद था. उसने ही दिव्या का सैमसंग का मोबाइल उसे सौंपा था, जिसे गुरुग्राम पुलिस को दे दिया गया. बहन की माने तो दिव्या न तो ब्लैकमेलर थी और न ही उसके फोन से कोई अश्लील वीडियो बरामद हुआ. साउथ एक्स से गुरुग्राम स्थित होटल द सिटी प्वाइंट पहुंचने के बाद दिव्या की बहन वहां केयर टेकर अनूप से सीसीटीवी दिखाने के लिए कहा, लेकिन उसने इंकार कर दिया. ज्यादा जिद्द करने पर पुलिस बुलाने की धमकी देने लगा. इसी बीच अभिजीत भी वहां पहुंच गया. उसने उसे दिव्या का पैन और अधार कार्ड दिया. बहन का कहना था कि यदि पुलिस ने सही समय पर हमारी मदद की होती तो मेरी बहन का शव होटल के कमरे से ही बरामद हो सकता था.
सीसीटीवी में लाश ले जाते दिखे आरोपी
होटल द सिटी प्वाइंट में लगे सीसीटीवी के फुटेज खंगालने के बाद वारदात का खुलासा हुआ था. इसमें दिव्या पाहुजा के शव को कंबल में लपेटकर घसीटते हुए हेमराज और ओम प्रकाश दिखाई दे रहे थे. इस केस में सबसे पहले गिरफ्तार हुए तीन आरोपियों में होटल मालिक 56 वर्षीय अभिजीत सिंह, 28 वर्षीय हेमराज और 23 वर्षीय ओम प्रकाश का नाम शामिल था. अभिजीत हिसार के मॉडल टाउन का मूल निवासी है. हेमराज नेपाल का रहने वाला है. ओमप्रकाश वेस्ट बंगाल के जलपाईगुड़ी का है. अभी तक जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार अभिजीत ने दिव्या को गोली मारी थी. उसका कहना है कि उसकी कुछ अश्लील तस्वीरें मॉडल के पास थी, जिसके जरिए वो उसे ब्लैकमेल किया करती थी.