दिल्ली के पहाड़गंज इलाके में शातिर चोरों ने हैरतअंगेज तरीके से एक ज्वेलरी शोरूम पर हाथ साफ कर दिया. उनकी तैयारी और तरीका आप जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे.
पहाड़गंज में है होटल हरी परिओक. इस होटल के ग्राउंड फ्लोर पर कई दुकाने हैं. दो मार्च को होटल के रिसेप्शन पर दो शख्स आते हैं, रजिस्टर पर दस्तखत करते हैं और फिर होटल की पहली मंजिल पर कमरा नंबर 117 और 118 में चेक-इन कर लेते हैं.
एक हफ्ते बाद सोमवार को साप्ताहिक छुट्टी के रोज होटल के ठीक नीचे ज्वैलर्स की दुकान का मालिक जब अपनी दुकान खोलता है तो उसके पैरों तले जमीन खिसक जाती है. ज्वैलर्स की दुकान के भीतर दीवार में एक सुराख बन चुका था और वह भी इतना बड़ा कि कोई भी दुबला-पतला इंसान आसानी से उसमें से गुजर सकता था. दुकान के मालिक ने जब अपनी दुकान का हाल देखा तो उसे समझते देर नहीं लगी कि उसे चपत लग चुकी है. चोरों ने ज्वैलर्स की इस दुकान से करीब 17-18 लाख रुपये के सामान पर हाथ साफ कर दिया था.
दुकान की दीवार पर जो सुरंग बनाई गई थी वो पड़ोस की उस दुकान में जाकर निकलती थी जो अक्सर बंद रहती थी. लेकिन
ज्वैलर्स के पड़ोस की दुकान को जब खोलकर देखा गया तो शातिर चोरों की कारस्तानी का खुलासा हो गया. दरअसल चोरों ने
ज्वैलर्स की दुकान में सेंध लगाने से पहले पड़ोस की दुकान में सेंध लगाई और वो भी छत के रास्ते, लेकिन चौंकाने वाला पहलू
ये है कि दुकान की वह छत सीधे होटल के एक कमरे से जुड़ी हुई थी. उसी होटल के कमरा नंबर 117 से जिसमें दो लोग आकर
ठहरे थे और जिनकी तस्वीरें होटल के सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हो गईं.
पुलिस ने जब होटल का वो कमरा खंगाला तो चोर तो दुकान पर हाथ साफ करके नौ दो ग्यारह हो चुके थे, लेकिन वो तमाम सामान वहीं कमरे में छोड़ गए थे, जिससे उन्होंने होटल की जमीन काटकर दुकान में सेंध लगाई थी. यहां लोगों को ताज्जुब इस बात पर ज्यादा हो रहा था कि चोर सात रोज तक छैनी हथौड़ी और गैस कटर से होटल की जमीन को काटते रहे, लेकिन किसी को भी उसकी आहट तक नहीं हुई.
पुलिस को ये अंदाजा तो हो ही गया है कि जिन शातिर चोरों ने इस वारदात को अंजाम दिया वो चोर नौसिखिये तो नहीं हो सकते, लिहाजा पुलिस अब उस शक्ल को हाथ में लेकर दोनों चोरों की तलाश कर रही है, जिस तस्वीर और आईडी प्रूफ के जरिए उन्होंने होटल का कमरा किराये पर लिया था. पुलिस दुकान के साथ साथ होटल के कर्मचारियों पर भी मिलीभगत का शक है.
(साथ में नितिन जैन)