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Killer Mother Soochna Seth: गोवा में अपने मासूम बेटे का कत्ल करने वाली कातिल मां सूचना सेठ का मामला सुलझने का नाम नहीं ले रहा है. अब सूचना सेठ की दिमागी हालत को लेकर सवाल उठ रहे हैं. क्या वाकई सूचना सेठ को दिमागी बीमारी है? क्या बीमारी के चलते ही उसके हाथों कत्ल हुआ? अब अदालत में सूचना के वकीलों ने उसकी मेंटल असेसटमेंट रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए हैं. और फिर से उसकी मानसिक जांच की मांग की है.
सूचना की मानसिक हालात पर सवाल
क्या एआई कंपनी की सीईओ सूचना सेठ ने किसी दिमागी बीमारी के चलते अपने चार साल के बेटे चिन्मय की हत्या की? क्या किसी दिमागी बीमारी के चलते ही वो अपने बेटे की लाश सूटकेस में पैक कर अपने साथ गोवा से बेंगलुरु लेकर जा रही थी? क्या उसने किसी दिमागी़ बीमारी की वजह से बेटे की हत्या के फौरन बाद अपने हाथ की नसें काट कर जान देने की कोशिश की? अपने चार साल के बेटे की हत्या की आरोपी सूचना सेठ की मानसिक हालत को लेकर ये सवाल अब एक बार फिर से खड़े हो गए हैं.
मेंटल असेसमेंट रिपोर्ट को चुनौती
असल में कुछ रोज़ पहले ही गोवा पुलिस ने वहां की चिल्ड्रेंस कोर्ट में सूचना सेठ की एक मेंटल असेसमेंट रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें ये बताया गया था कि सूचना को किसी प्रकार की मानसिक बीमारी नहीं है. और वो पूरी तरह से स्वस्थ है. यानी सूचना ने अपने बेटे की हत्या भी पूरे होशो-हवास में साजिश के तहत की है. लेकिन अब सूचना के वकीलों ने गोवा पुलिस की ओर से पेश की इस रिपोर्ट को चैलेंज करते हुए ये इल्ज़ाम लगाया है कि सूचना असल में मानसिक बीमारी का शिकार है और उसकी मानसिक हालत फिर से मेडिकल बोर्ड के द्वारा ज़रिए की जानी चाहिए.
सिजोफ्रेनिया की शिकार है सूचना!
बुधवार को सूचना के वकीलों ने इस सिलसिले में कोर्ट में फिर से एक अर्जी दाखिल की और बताया कि सूचना चूंकि अपने पति के साथ चल रहे तलाक के मामले से निपट रही है, इसलिए वो मानसिक बीमारी का शिकार हो गई है. उसे सिजोफ्रेनिया है और ये एक ऐसी बीमारी है, जिसमें इंसान वास्तविक दुनिया से कट जाता है और ये मरीज और उसके करीबी लोगों के लिए एक बड़ी मुश्किल हालत है.
पिता की अर्जी पर हुआ था मेंटल असेसमेंट
सूचना के पिता ने इससे पहले कोर्ट में एक अर्जी दाखिल कर उसकी मेंटल असेसमेंट कराने की मांग की थी. जिसके बाद पुलिस ने मनोचिकित्सकों की एक टीम से उसकी जांच करवाई और तब पता चला कि सूचना ने खुद से पूछे गए सारे सवालों के जवाब साफ और तर्क संगत तरीक़े से दिए. जो इस बात का सबूत है कि उसे कोई भी दिमाग़ी बीमारी नहीं है.
खुद को मानसिक बीमार नहीं मानती सूचना
सूचना के पिता ने इस सिलसिले में गोवा के चिल्ड्रेंस कोर्ट में एक अर्जी दाखिल की थी और दावा किया था कि उनकी बेटी दिमाग़ी बीमारी का शिकार है. लिहाज़ा, उसकी मानसिक हालत की मेडिकल जांच करवाई जानी चाहिए. कोर्ट में दी गई अपनी अर्जी में उन्होंने ये भी कहा था कि अपनी दिमागी बीमारी के चलते ही सूचना कानूनी तौर पर अपना बचाव करने की हालत में भी नहीं है. यहां तक कि वो अपनी बीमारी को लेकर भी डिनायल मोड में है. वो ये मानने को तैयार ही नहीं है कि उसे कोई मानसिक बीमारी भी है. उन्होंने कहा कि अगर इस हालत में उसके मामले की सुनवाई होती है, तो ये नाइंसाफी होगी.
ऐसे की थी डॉक्टरों ने जांच
सूचना के पिता की इस फरियाद को देखते हुए ही अदालत ने गोवा पुलिस को मनोचिकित्सकों की टीम ने उसके मेंटल स्टेटस की जांच के आदेश दिए थे. जिसके बाद गोवा पुलिस ने बंबोलिम के इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री एंड ह्यूमन बिहेवियर को सूचना की जांच के लिए कहा और तब मनोवैज्ञानिकों ने सूचना से अलग-अलग वक़्त पर गहन पूछताछ की. उसे कई मेडिकल एक्सरसाइज़ दिए और फिर इसे लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार की.
बेटे की हत्या से इनकार करती रही सूचना
सूचना ने जिस तरह होटल के बंद कमरे में कथित तौर पर अपने बेटे की जान ली, उसकी लाश सूटकेस में भरी और ले जाने लगी और इतना सबकुछ होने के बावजूद उसने जिस तरह से अपने बेटे की हत्या करने की बात से इनकार कर दिया, उससे पुलिस को शक होने लगा था कि शायद सूचना को कोई दिमागी बीमारी है. यही वजह है कि सूचना को पूछताछ के लिए दूसरी बार रिमांड पर लेने के साथ ही पुलिस ने साइकोलॉजिस्ट की मदद लेने की शुरुआत कर दी थी. जिसने पुलिस को ये सुझाव भी दिया था कि सूचना के साथ अगर पूछताछ को लेकर कोई सख्ती की गई, तो वो खुद को एक 'अदृश्य खोल' में बंद कर सकती है, जिसके बाद उससे कोई भी सच जानना नामुमकिन हो जाएगा.
साइकोलॉजिस्ट ने दिया था ये सुझाव
लिहाजा, उससे पूछताछ में पुलिस धैर्य से काम ले और सच जानने की जल्दी ना करे. साइकोलॉजिस्ट के इस सुझाव के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ में एहतियात से काम लेना शुरू कर दिया. लेकिन इसके बावजूद सूचना ने अब तक एक बार भी अपने बेटे की हत्या करने की बात नहीं मानी.
बेटे को पिता से नहीं मिलवाना चाहती थी सूचना
39 साल की सूचना सेठ ने नॉर्थ गोवा के एक होटल के कमरे में 7 जनवरी को कथित तौर पर गला घोंट कर सांसें रोक कर अपने बेटे की हत्या कर दी थी. बेंगलुरु की रहने वाली सूचना का अपने पति वेंकटरमन के साथ विवाद चला आ रहा था. अदालत में तलाक और घरेलु हिंसा के मामले लंबित थे. इसी बीच अदालत ने सूचना को अपने बेटे को उसके पिता यानी अपने पति वेंकटरमन से हफ्ते में एक बार मिलवाने का हुक्म दिया था. लेकिन ये हुक्म सूचना को गवारा नहीं था. जिसके बाद उसका व्यवहार काफी बदल गया था और वो लगातार अपने बच्चे को उसके पिता से मिलने से रोक रही थी. वो सिर्फ वेंकटरमन से बेटे की मीटिंग को टालने के इरादे से ही एक हफ्ते में दो बार गोवा आई और वापस लौट गई. लेकिन दूसरी बार गोवा से बेंगलुरु निकलने से पहले ही उसने होटल के कमरे में मासूम की जान ले ली.
चित्रदुर्ग में लाश के साथ पकड़ी गई थी कातिल मां
पुलिस की मानें तो इसके बाद उसने बेटे की लाश को अपने सूटकेस में भरा और टैक्सी लेकर बेंगलुरु के लिए रवाना हो गई. लेकिन जैसे ही पुलिस को सूचना के अपने बेटे की हत्या कर गोवा से बेंगलुरु जाने की खबर मिली, पुलिस ने टैक्सी ड्राइवर से जरिए उसे इंटरसेप्ट करने की कोशिश शुरू कर दी. और उसे लेकर जा रहे टैक्सी ड्राइवर को हुक्म दिया कि वो सूचना रास्ते में ही किसी पुलिस स्टेशन तक ले कर जाए. ड्राइवर ने ऐसा ही किया. सूचना को लेकर वो सीधे कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में मौजूद आईमंगला पुलिस स्टेशन में पहुंच गया. जहां गोवा पुलिस ने कर्नाटक पुलिस से बात की और टैक्सी में रखे उसके सूटकेस की तलाशी ली. जिसके बाद सूटकेस से पुलिस को सूचना के बच्चे की लाश बरामद हो गई.
नहीं कबूल किया जुर्म
मगर हद ये रही कि इतना सबकुछ होने और बेटे की लाश के साथ रंगे हाथों पकड़े जाने के बावजूद सूचना ने अब तक पूछताछ में एक बार भी ये नहीं माना कि उसने बेटे की जान ली. बल्कि बार-बार वो यही कहती रही कि वो अपने बेटे के साथ सो रही थी, जब उसकी नींद खुली तो उसका बेटा मरा हुआ था.
(गोवा से रितेश देसाई का इनपुट)