scorecardresearch
 

संजय दत्त का जबरा फैन, अंडरवर्ल्ड डॉन बनने की ख्वाहिश... कौन है दिल्ली को दहलाने वाला गैंगस्टर हाशिम बाबा?

दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल में हुए शूटआउट में कुख्यात गैंगस्टर हाशिम बाबा का नाम सामने आ रहा है. उसी के गुर्गों ने वसीम नामक बदमाश को मारने के लिए अस्पताल के अंदर गोलीबारी की, लेकिन किस्मत से वो बच गया. उसकी जगह रियाजुद्दीन नामक एक मरीज मारा गया.

Advertisement
X
गुरु तेग बहादुर अस्पताल में हुए शूटआउट में कुख्यात गैंगस्टर हाशिम बाबा का नाम सामने आ रहा है.
गुरु तेग बहादुर अस्पताल में हुए शूटआउट में कुख्यात गैंगस्टर हाशिम बाबा का नाम सामने आ रहा है.

दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल में हुए शूटआउट में कुख्यात गैंगस्टर हाशिम बाबा का नाम सामने आ चुका है. उसी के गुर्गों ने वसीम नामक बदमाश को मारने के लिए अस्पताल के अंदर गोलीबारी की, लेकिन किस्मत से वो बच गया. उसकी जगह रियाजुद्दीन नामक एक मरीज मारा गया. वसीम और हाशिम के खास गुर्गे समीर बाबा के बीच बहुत पुरानी अदावत है. जेल में रहने के दौरान दोनों के बीच लड़ाई हो गई थी. तब से वो वसीम की जान के पीछे पड़ा हुआ है.

Advertisement

पिछले महीने ही समीर बाबा ने वसीम को मारने की फुलप्रूव साजिश रची थी, लेकिन किस्मत का धनी वो उस बार भी बच गया था. 12 जून को किसी बहाने वसीम को वेलकम थाना क्षेत्र के शैतान चौक बुलाया गया. वहां दो बदमाशों ने वसीम और उसके दोस्त आसिफ पर जानलेवा हमला कर दिया. उस वक्त वसीम को चार, आसिफ को तीन और फुटपाथ पर सो रहे दो बुजुर्गों को एक-एक गोली लगी थी. लेकिन इस जानलेवा हमले में वसीम बाल-बाल बच गया था.

समीर का आका हाशिम बाबा दिल्ली का कुख्यात गैंगस्टर है. वो पिछले चार साल से दिल्ली की मंडोली जेल में बंद है. उस पर दिल्ली पुलिस ने 6 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था. उसे साल 2020 में एक एनकाउंटर के दौरान गिरफ्तार किया गया था. दिल्ली पुलिस के डोजियर के अनुसार हाशिम पर मकोका के तहत केस दर्ज है. उसके खिलाफ दिल्ली के जाफराबाद, भजनपुरा और वेलकम में हत्या, हत्या के प्रयास और डकैती सहित 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं. 

Advertisement

सलाखों के पीछे से क्राइम सिंडिकेट चला रहा हाशिम

वो सलाखों के पीछे रहते हुए अपना क्राइम सिंडिकेट चला रहा है. साल 2019 के बाद जेल से ही उसने पांच बड़े हत्याकांड की साजिश रची है. इसमें दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में हुआ शूटआउट भी शामिल है, जिसमें एक मरीज की हत्या कर दी गई. ऐसा माना जाता है कि हाशिम बाबा ने तिहाड़ जेल के अंदर पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के आरोपी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के साथ गठजोड़ किया था. उसने दिल्ली में बिश्नोई गैंग के गुर्गों को हथियार हासिल करने में मदद की थी. बिश्नोई साल 2023 तक तिहाड़ जेल में बंद था, जो फिलहाल गुजरात के अहमदाबाद में साबरमती सेंट्रल जेल में बंद है.

चप्पल के कारखाने में किया काम, फिर बना गैंगस्टर

हाशिम बाबा आठवीं कक्षा तक पढ़ा है. इसके बाद उसने पढ़ाई छोड़कर एक कारखाने में चप्पल बनाने का काम शुरू कर दिया. इसी दौरान नासिर गैंग के कुछ गुर्गों के संपर्क में आया, जो कि ड्रग्स की तस्करी के साथ अवैध सट्टेबाजी रैकेट का संचालन करते थे. इन अपराधियों की संगत में आने के बाद वो नासिर का शार्पशूटर बन गया. उसके बारे में कहा जाता है कि वो कभी भी गोली चलाने से हिचकिचाता नहीं था. फिल्मी स्टाइल में वारदात को अंजाम दिया करता था.

Advertisement

संजय दत्त का बहुत बड़ा फैन है गैंगस्टर हाशिम बाबा

हाशिम बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त का बहुत बड़ा फैन है. वो उनकी तरह लंबे बाल रखता था. यही वजह है कि उसके गैंग के लोग उसे 'बाबा' कहने लगे. इसके साथ उसके असली नाम आशिम की जगह हाशिम कहने लगे, क्योंकि ये बोलना आसान था. इस तरह आशिम जरायम की दुनिया में हाशिम बाबा बन गया. वो पुलिस की रडार पर पहली बार साल 2007 में आया था, जब उसे आईपी एस्टेट इलाके में अवैध असलहे के साथ पकड़ा गया था.

crime

हाशिम ने रची छेनू पहलवान को खत्म करने की साजिश

नासिर गैंग के दो शार्प शूटर बहुत कुख्यात थे. इसमें हाशिम के साथ ​​राशिद केबलवाला भी शामिल था. उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया था. लेकिन तिहाड़ जेल से पैरोल पर छूटने के बाद वो दुबई भाग गया. हाशिम का नाम साल 2016 में कड़कड़डूमा कोर्ट में हुई गोलीबारी में भी आया था, जिसमें दिल्ली पुलिस के एक कांस्टेबल की मौत हो गई थी. उस वक्त चार नाबालिगों ने हाशिम के इशारे पर अपने प्रतिद्वंद्वी छेनू पहलवान को खत्म करने की साजिश रची थी.

केबल बिजनेस में दबदबे के साथ शुरू हुआ गैंगवार

हाशिम बाबा अपने गैंग में ज्यादातर नाबालिग लड़कों को रखता है, क्योंकि जघन्य अपराध में शामिल होने के बावजूद वो आसानी से बच जाते हैं. नासिर और छेनू पहलवान के गिरोह यमुना पार में अवैध सट्टेबाजी और जुए के कारोबार पर वर्चस्व हासिल करने के लिए लड़ रहे हैं. इस क्षेत्र में गैंगवार ने साल 2000 के दशक की शुरुआत में केबल टीवी व्यवसाय में अपना दबदबा कायम करना शुरू कर दिया था. वो अब ड्रग्स तस्करी और जुए के कारोबार में बदल गया है. 

Advertisement

कौन है छेनू पहलवान, जो है हाशिम बाबा का दुश्मन

बताते चलें कि हाशिम बाबा का प्रतिद्वंदि गैंग का सरगना छेनू पहलवान नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली का कुख्यात गैंगस्टर है. वो इस वक्त मकोका के तहत वक्त तिहाड़ जेल में बंद है. उस पर हत्या, लूट, फिरौती समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं. उसका गैंग मुख्य रूप से नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में ही सक्रिय है. जेल में बंद होने के बावजूद छेनू अपने गुर्गों के जरिए सट्टेबाजी, फिरौती और रंगदारी की वारदातों को अंजाम दे रहा है. गैंगस्टर नीरज बवानिया उसका करीबी है.

crime

गुरु तेग बहादुर अस्पताल शूटआउट की खौफनाक कहानी

दरअसल, गुरु तेग बहादुर अस्पताल के जिस वार्ड में रियाजजुद्दीन नामक मरीज भर्ती थी, उसी वार्ड में उसकी बेड के ठीक सामने बदमाश वसीम भी भर्ती था. रियाजजुद्दीन 32 साल का था. वो श्रीराम कॉलोनी (खजूरी खास) का रहने वाला था. रियाजजुद्दीन अपने पिता की मौत के बाद डिप्रेशन में चला गया था और नशा करने लगा था. पेट में संक्रमण की वजह से 2 माह पहले उसका अस्पताल में ऑपरेशन हुआ था. फिर उसे नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था.

कुछ दिन पहले रियाजजुद्दीन पेट में दर्द उठने लगा. परिजनों को सूचना मिली तो वो 23 जून को उसे जीटीबी अस्पताल लेकर पहुंचे. यहां अस्पताल की चौथी मंजिल पर स्थित वार्ड नंबर 24 में भर्ती कराया गया. रियाजजुद्दीन के परिवार में उसकी मां, पत्नी और दो बच्चे हैं. 14 जुलाई रविवार शाम 4 बजे की बात है. 3 बदमाश वार्ड नंबर 24 में एकाएक आ धमके. अचानक उन्होंने रियाजजुद्दीन के पेट पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी. ये देखकर आसपास लोग डर गए. 

Advertisement

उस वक्त रियाजजुद्दीन की देखभाल उसकी बहन तरन्नुम कर रही थी. बदमाशों हवा में हथियार लहराते हुए भाग गए. अस्पताल में हंगामा मच गया. मौके पर पुलिस पहुंची. तब तक रियाजजुद्दीन की मौत हो चुकी थी. बदमाशों ने करीब सात राउंड गोलियां चलाईं. पुलिस को मौके से पांच खोखे मिले. जांच में पता चला कि बदमाशों के निशाने पर तो बदमाश वसीम था. वो उसके सामने वाले बेड पर लेटा हुआ था, लेकिन गलती से निशाना रिजाजजुद्दीन बन गया. 

Live TV

Advertisement
Advertisement