मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुए रेशमा मर्डर केस के सभी चार आरोपियों को मंगलवार को जेल भेज दिया गया. इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी रेशमा का पति शुभम चौधरी है, जिसने अपने तीन दोस्तों के साथ इस वारदात को अंजाम दिया था. चारों आरोपियों को पुलिस ने एक दिन की रिमांड में लिया था. मंगलवार को उनको कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया. आरोप है कि शुभम ने अपने दोस्त प्रहलाद सिहं ठाकुर, शिब्बू चौधरी और अनुराग के साथ मिलकर अपनी पत्नी की हत्या कर दी और लाश को लेकर पूरे शहर में घूमता रहा. पुलिस से बचने के लिए उसने लूट की झूठी कहानी गढ़ी थी.
इस मामले की जांच के दौरान पुलिस कई जगहों पर शक हुआ. इसके बाद पुलिस ने जब गहनता से जांच की तो पूरा मामला पलट गया. इसके बाद जो कहानी सामने आई, उसे सुनकर पुलिस भी सन्न रह गई. पता चला कि शुभम ने ही अपनी बीवी की हत्या की है. लेकिन यह कई सवाल भी खड़े हुए. पहला सवाल यही कि आखिर उसे क्या जरूरत पड़ी की उसने रेशमा की हत्या कर दी? इस पूरी साजिश के पीछे की वजह क्या रही? आखिर साजिश की शुरुआत कैसे हुई और पुलिस ने इस ड्रामे का अंत कैसे कर दिया? ये सब जानने के लिए इस पूरे वाकये को सिलसिलेवार तरीके से समझना होगा. कहानी कुछ इस प्रकार है.
4 मई रात 9.30 बजे माढ़ोताल मारघटाई जबलपुर
शुभम चौधरी अपनी बीवी रेशमा चौधरी और डेढ़ साल के बच्चे के साथ अपनी बोलेरो गाड़ी से अपने ससुराल मदर टेरेसा नगर जा रहा था. लेकिन रास्ते में एक जगह पर लुटेरों ने उसे घेरकर उसकी बीवी का कत्ल ही कर डाला. लूटपाट की इस वारदात के बाद बदहवास पति अपनी बीवी को उसी हालत में लेकर पहले मौका ए वारदात से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर अपने ससुराल पहुंचा और फिर उनकी मदद से उन्हें लेकर अस्पताल गया. लेकिन डॉक्टरों ने जहां उसकी बीवी को मुर्दा करार दिया, वहीं खुद उसके जख्मों की मरहम पट्टी कर दी. शुभम ने सबको बताया कि लुटेरों ने गला घोंट कर रेशमा का कत्ल कर दिया.
विरोध करने पर उसके सिर पर पत्थर से हमला किया, जिससे वो बेहोश हो गया. इसके बाद बदमाशों ने लूटपाट के दौरान उसकी गाड़ी पर भी हमला किया और उसके शीशे चकनाचूर कर डाले, लेकिन जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो उसे हर कदम पर हैरानी हुई. पुलिस ने पूरी रात मौका ए वारदात के आस-पास के पूरे रिहायशी इलाके में करीब सौ घरों में दस्तक दी और वहां रहने वाले लोगों को जगा-जगा कर लूटपाट की ऐसी किसी वारदात के बारे में पूछा, लेकिन पुलिस को इतनी कोशिश के बावजूद ऐसा एक भी आदमी नहीं मिला, जिसने वहां लूटपाट होते हुए देखा हो. इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाल डाले.
लेकिन पुलिस को वहां बताए गए वक़्त पर कोई भी संदिग्ध लुटेरा आता-जाता हुआ दिखाई नहीं दिया. अब पुलिस को शक होने लगा था. लिहाजा पुलिस ने चुपके से शुभम के मोबाइल की सीडीआर यानी कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकलवाई. इसके बाद उसके बरेला इलाके में मौजूद घर से लेकर उसके ससुराल के पूरे रूट की स्कैनिंग की, लेकिन इस कोशिश में देखा कि उसके मोबाइल फोन की लोकेशन घर से ससुराल के सीधे रास्ते में ना हो कर शहर के कई अलग-अलग हिस्सों में दिखाई दे रही थी. इससे भी ज्यादा अजीब बात ये थी कि वो और उसकी पत्नी के मोबाइल फोन के साथ तीन और नंबर भी ट्रैवल करते दिख रहे थे.
सवाल ये था कि ये बाकी के तीन फोन आखिर किनके हैं? जब पुलिस ने इन नंबरों के बारे में पता लगाया तो पता चला कि ये नंबर शुभम के तीन दोस्त प्रह्लाद सिंह ठाकुर, शिबू चौधरी और अनुराग के हैं. यानी ये तीनो लूटपाट के वक्त भी शुभम के साथ मौजूद थे, लेकिन उसने इनके बारे में पुलिस को कुछ नहीं बताया था. ये अपने-आप में एक बड़ी और हैरान करने वाली बात थी. अब तक पुलिस शुभम से कई बार अलग-अलग पूछताछ कर चुकी थी. पुलिस ने गौर किया हर बार उसकी बताई हुई लूटपाट की कहानी में कोई ना कोई फर्क भी दिख रहा था. पहली बार में उसने कहा कि लुटेरों ने जब उसकी बीवी से लूटपाट की कोशिश की, तो उसने विरोध किया और लुटेरों ने उसके सिर पर पत्थर से हमला कर दिया और इसके बाद वो करीब 20 मिनट तक बेहोश पड़ा रहा.
दूसरी बार उसने बेहोशी की बात नहीं कही बल्कि कहा कि उसके सामने ही लुटेरों ने मारपीट कर उसकी बीवी का मंगलसूत्र, पर्स, मोबाइल सब छीन लिए. फिर तीसरी बार उसने कोई और कहानी सुनाई. यानी शुभम झूठ बोल रहा था और ऊपर से उसके और उसके दोस्तों के मोबाइल फोन के लोकेशन भी उनकी चुगली खा रहे थे. ऐसे में पुलिस ने वारदात के दो दिन बाद आखिरकार शुभम के साथ-साथ इस क़त्ल में शामिल उसके तीन दोस्तों को भी गिरफ्तार कर लिया. जिन्होंने ना सिर्फ अपना जुर्म कबूल किया, बल्कि ये भी बताया कि इस कत्ल के लिए शुभम ने उन्हें 60 हजार रुपए देने का वादा किया था.
ये है रेशमा मर्डर केस की असली कहानी...
पुलिस पूछताछ में इस हत्याकांड की जो असली कहानी सामने आई, उसे सुनकर पुलिसवाले भी स्तब्ध रह गए. शनिवार को ससुराल जाने के बहाने जब शुभम अपनी पत्नी को लेकर निकला, तो वो पहले उसे पाठ बाबा मंदिर की तरफ लेकर गया, वहां दर्शन कराए और फिर खमारिया थाने के मढ़ई रांझी के तरफ से ससुराल जाने की बात कही. रास्ते में प्लानिंग के मुताबिग शुभम के तीन दोस्त पहले से ही उनका इंतजार कर रहे थे. उसने दोस्तों को अपनी गाड़ी में बिठा लिया और रांझी के पास वो अपने बेटे के साथ गाड़ी से उतर गया, जबकि उसके दोस्तों ने गला घोंट कर शुभम की पत्नी रेशमा की जान ले ली.
इसके बाद वो लाश लेकर फिर से आगे निकले और फिर करीब 20 किलोमीटर की दूरी तय कर वो माढ़ोताल के मारघटाई गए. वहां उन्होंने एक जगह पर लूटपाट का ड्रामा किया और इसके तहत उन्होंने ना सिर्फ शुभम की गाड़ी के शीशे पत्थरों से चटका दिए, बल्कि उसके सिर पर पत्थर मार कर उसे लहूलुहान कर दिया, ताकि उस पर कोई शक ना करे. लेकिन इसके बावजूद मोबाइल फोन की लोकेशन, शुभम की बातों, मौका ए वारदात पर लूटपाट होने के कोई भी निशान या चश्मदीद के ना मिलने से आखिरकार इस मामले का खुलासा हो ही गया. पुलिस ने शुभम के साथ उसके तीन दोस्तों को भी गिरफ्तार कर लिया.
आखिर शुभम ने रेशमा का कत्ल क्यों किया?
अब सवाल ये है कि आखिर एक शख्स ने अपने हाथों से अपने हंसते खेलते परिवार को क्यों उजाड़ लिया? आखिर उसे अपनी प्रेगनेंट बीवी और उसके डेढ़ साल के बच्चे की मां के क़त्ल की क्या जरूरत पड़ी? तो इसका जवाब है, शादीशुदा होने के बावजूद एक और लड़की से चल रहा उसका अफेयर. पुलिस की मानें तो शुभम का मोनिका नामक एक और लड़की के साथ अफयेर है, जिसके चलते उसने ये पूरी साजिश रची. वो बीवी को अपने रास्ते से हटाना चाहता था. उसकी शादी रेशमा से साल 2020 में हुई थी. दो साल तक सब ठीक चला, फिर पति-पत्नी में लड़ाई चालू हो गई. उसे उसके अवैध संबंध के बारे में पता चल गया.
अब शुभम अपनी पत्नी के सामने ही उस लड़की से बात करने लगा, उससे चैटिंग शुरू कर दी. हार कर रेशमा ने शुभम को रोकने के लिए उसे खुदकुशी करने की धमकी देने की शुरुआत कर दी. लेकिन इसके बावजूद वो नहीं सुधरा. रेशमा ने उसके घरवालों से उसकी शिकायत कर दी. धमकी दी कि अगर वो नहीं माना तो वो उसकी करतूत हर किसी को बता देगी. बस, इसी के बाद से शुभम अपनी पत्नी रेशमा के क़त्ल की साजिश रचने लगा. वो रेशमा की हत्या की प्लानिंग पिछले कई महीनों से कर रहा था. इसी प्लानिंग के तहत उसने अपने तीन दोस्तों को भरोसे में लिया और उन्हें रुपयों का लालच दे दिया.
इसके बाद शुभम के दोस्त उसकी बीवी की जान लेने के लिए तैयार हो गए. फिर तय प्रोग्राम के तहत शनिवार 4 मई को शुभम पहले अपनी बीवी को लेकर ससुराल जाने के बहाने घर से निकला और फिर सीधे ससुराल न जा कर इधर उधर घुमाता रहा और आखिरकार कातिल दोस्तों को अपनी गाड़ी में बिठा लिया, जिन्होंने मौका मिलते ही पहले रेशमा का कत्ल किया और फिर शुभम का सिर फोड़ कर इसे लूटपाट का मामला दिखाने की कोशिश की. फिलहाल, पुलिस ने पति समेत चार लोगों को कत्ल के इल्जाम में तो गिरफ्तार कर लिया है. रेशमा के कत्ल में शुभम की गर्लफ्रेंड का भूमिका की अभी जांच कर रही है.