पिछले 40 दिनों से नॉर्थ गाजा में हमास और इजरायल के बीच जंग चल रही है. हजारों लोग मारे जा चुके हैं. सैकड़ों आतंकियों के ठिकाने ध्वस्त हो चुके हैं. इजरायली सेना ने गाजा सिटी सेंटर पर कब्जा कर लिया है. हमास के हेडक्वार्टर बन चुके अल शिफा अस्पताल को भी इजरायली सेना ने घेर लिया है. लेकिन इन सबके बावजूद इजरायल को मनचाही सफलता नहीं मिल पाई है. इजरायल डिफेंस फोर्सेस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही खुफिया एजेंसी मोसाद भी मायूस है, क्योंकि 'हमास का ओसामा बिन लादेन' 7 अक्टूबर हमले का मास्टरमाइंड याह्या सिनवार उनकी पकड़ से बाहर है. वो गाजा की जमीन के नीचे बने सुरंगों में गुम हो गया है. आईडीएफ युद्ध के पहले दिन से उसकी तलाश कर रही है.
10 दिन पहले ही इजरायल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने दावा किया था कि उनकी सेना ने हमास नेता याह्या सिनवार को उसके बंकर में घेर लिया है. उसके बंकर में अलग-थलग करते हुए संपर्क के सभी साधनों को काट दिया है. लेकिन अभी तक उसके मारे जाने की कोई सूचना नहीं है. कहा जा रहा है कि 500 किमी के दायरे में बने सुरंगों के जाल में वो लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है. कई जगह सुरंगें इतनी गहराई में बनाई गई है कि वहां पहुंचना इजरायली सेना के लिए मुश्किल है. ऐसे में आईडीएफ के गाजा फतह के दावे तबतक खोखले हैं, जबतक कि सिनवार उनकी गिरफ्त में नहीं आता. बेहद खूंखार और शातिर माने जाने वाले आतंक के इस आका को कई अलग-अलग नामों से जाना जाता है.
'खान यूनुस का जल्लाद', 'आतंक का हिटलर'
याह्या सिनवार को कोई 'हमास का ओसामा बिन लादेन' कहता है, तो कोई 'खान यूनुस का जल्लाद'. इजरायल उसे 'आतंक का हिटलर' कहता है. इजरायल में हुए कत्लेआम का असली जिम्मेदार वही है. 1400 इजरायलियों की मौत और 230 बंधकों का मास्टरमाइंड है. वो इतना क्रूर है कि हमास से गद्दारी और इजरायल से वफादारी के शक में फिलिस्तीनियों को तड़पा-तड़पा कर मारता है. वो बच्चों के साथ खुले मंच बंदूकों की नुमाइश करता है. उनकी मासूमियत को आतंक के जहर से मार डालता है. उसके बाद बच्चों पर ज्यादती का इल्जाम इजरायल पर लगाता है. इजरायली सेना जब गाजा में दाखिल हुई तो वो अपने बिल में छुप गया. यही वजह है कि इजरायल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने उसको बुजदिल कहा था.
हमास चीफ इस्माइल हनिएह का घर उड़ाया
दूसरी तरफ इजरायली वायुसेना ने हमास चीफ इस्माइल हनिएह का घर उड़ा दिया है. उसका घर नॉर्थ गाजा पट्टी में बना हुआ था. हालांकि, हनिएह खुद भाग कर इस वक्त कतर में छिपा है. लेकिन हमास को जड़ से मिटाने में जुटी इजरायली एयरफोर्स ने हमास आतंकी सरगना का घर बमबारी में उड़ा दिया है. इजरायली सेना के मुताबिक ये आतंकी ठिकाने का काम कर रहा था. यहां साजिश रची जा रही थी और इसके नीचे सुरंग भी था. इससे पहले आईडीएफ ने गाजा में उस संसद को भी तबाह कर दिया, जिसमें हमास नेता बैठा करते थे. इसे इजरायली सेना ने 48 घंटे पहले अपने कब्जे में लिया था. इसके साथ ही आईडीएफ ने आतंक का कमांड सेंटर बन चुके अल-शिफा अस्पताल को भी अपने कब्जे में ले लिया.
अल-शिफा अस्पताल को बनाया आतंकी अड्डा
अमेरिका ने खुफिया जानकारी के आधार पर पहले ही ये साफ कर दिया था कि अल-शिफा के नीचे हमास का कमांड कंट्रोल सेंटर है. जब इजरायली सेना इस अस्पताल में दाखिल हुई तो एक खास हिस्से में उसने सर्जिकल ऑपरेशन किया. सीसीटीवी कैमरों पर हमास ने टेप लगा रखा था. एमआरआई रूम में मशीन के पीछे एक बैग में एके-47 राइफल, ग्रेनेड और राइफल की मैगजीन रखी हुई थी. अलमारी में कपड़े से ढक कर असॉल्ट राइफल रखी गई थी. शेल्फ में जहां दवाइयां होनी चाहिए वहां भी हथियार और कारतूस रखे हुए थे. इसके पास ही हमास की पूरी मिलिट्री किट मिली थी. इन सभी सबूतों को आईडीएफ ने एक वीडियो के जरिए पूरी दुनिया के सामने रखते हुए हमास का सच दिखाया है.
हमास की सबसे बड़ी ताकत उसका टनल नेटवर्क
बंकर में घिरे याह्या सिनवार कुछ दिन पहले ही अपने टनल नेटवर्क को अपनी ताकत बताया था. उसके मुताबिक, हमास की सबसे बड़ी ताकत उसके लड़ाके नहीं बल्कि उसका टनल नेटवर्क है. गाजा पट्टी में दो रास्ते हैं. एक सड़क का जिसे दुनिया देखती हैं. इस पर गाजा में रहने वाले लोग आते-जाते हैं, लेकिन एक और रास्ता हैं, जो जमीन के नीचे है. उसी रास्ते में सीक्रेट रूट है. वही रूट जिसका इस्तेमाल हमास के आतंकी एक जगह से दूसरे जगह जाने के लिए करते हैं. उसका इस्तेमाल रॉकेट हमले के लिए किया जाता हैं. उसका इस्तेमाल इजरायल के हवाई हमले से बचने के लिए किया जाता है. यही वजह है कि इजरायल द्वारा लगातार किए जा रहे हवाई हमलों से बच जा रहे हैं.
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इजरायली पैसों से बने सुरंग से हमास की हिफाजत
इजरायली सेना की एक खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, इन सुरंगों का निर्माण मिस्र से माल की तस्करी के लिए किया गया था, लेकिन हवाई निगरानी के बाद हमास इन सुरंगों का इस्तेमाल अपने लड़ाकों, नेताओं के साथ हथियारों और खाद्य पदार्थों को छिपाने के लिए करने लगा. हमास द्वारा बनाई गई ये सुरंगें सामान्यत: 30 मीटर तक गहरी हैं, लेकिन कुछ सुरंगें 70 मीटर तक गहरी हैं. इजरायली बमबारी से बचने के लिए इसे मजबूत कंक्रीट से बनाया गया है. दिलचस्प बात ये है कि इजरायल की ओर से गाजा में सिविलियल कंस्ट्रक्शन के लिए सामान से इन सुरंगों का निर्माण किया गया है. आईडीएफ के मुताबिक, एक सुरंग बनाने में करीब 3 मिलियन डॉलर का खर्च आता है.