आतंकवादी संगठन जैश का सबसे बड़ा आतंकवादी मसूद अजहर अभी मरा नहीं बल्कि ज़िंदा है. ज़िंदा है पर बीमार है. बीमार भी इतना कि चलना-फिरना मुश्किल है. लिहाज़ा फिलहाल बहावलपुर के करीब घोटघन्नी इलाके में एक खुफिया ठिकाने पर बिस्तर पर पड़ा है, और उसकी हिफाजत के लिए उसके अपने कमांडर के साथ-साथ पाकिस्तानी स्पेशल सर्विस ग्रुप के दस कमांडो भी चौबीसों घंटे मसूद अजहर की हिफाजत में लगे हैं. उसे इजाजत नहीं है कि वो अपने ही लोगों से मिले या फिर किसी तरह का कोई बयान जारी करे, क्योंकि पाकिस्तान नहीं चाहता कि वो पुलवामा हमले की ज़िम्मेदारी ले.
पाकिस्तान का बहावलपुर. इसी के घोटघन्नी इलाके में है मसूद अजहर. इस इलाके के एक बेहद महफूज ठिकाने में. उस खुफिया ठिकाने पर जहां आम लोग, पाक मीडिया और यहा तक कि जैश के बाकी के टॉप कमांडर को भी फिलहाल जाने की इजाजत नहीं है. पाकिस्तानी मीडिया के दावों पर यकीन करें तो तो आतंकी सरगना मसूद अजहर बाकायदा जिंदा भी है.
पाक मीडिया और सूत्रों के मुताबिक मसूद अजहर को पुलवामा हमले के कुछ घंटे बाद 14 फरवरी की रात को ही रावलपिंडी के मिलिट्री अस्पताल से आईएसआई की निगरानी में बहावलपुर के पास कोटघनी में एक खुफिया ठिकाने पर शिफ्ट कर दिया गया है. मसूद को शिफ्ट करने के साथ-सीथ उसकी सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है. मसूद के अपने जैश के भरोसेमंद कमांडर के साथ-साथ पाकिस्तानी स्पेशल सर्विस ग्रुप के दस कमांडो भी चौबीसों घंटे मसूद अजहर की हिफाजत में लगे हैं.
हालांकि पाक मीडिया का भी कहना है कि मसूद अजहर बहुत ज्यादा बीमार है. पर ये बीमारी चार मीहेन पुरानी है. पिछले चार महीने से वो ज्यादातर वक्त अस्पताल में ही रहा है. मगर अस्पताल से ही वो जैश को तमाम हिदायतें भी दे रहा है. मसूद की बीमारी की खबर की खुद पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी तस्दीक की है.
शाह महमूद कुरैशी ने अपने बयान में कहा कि मसूद अजहर बेहद बीमार है. वह बीमारी से तड़प रहा है. उसकी ये हालत है कि वह अपने घर से बाहर नहीं निकल सकता है. खबरों के मुताबिक मसूद अज़हर लगातार बिस्तर पर है. वो अपने पैरों पर चल भी नहीं पा रहा है. लिहाज़ा घर से बाहर निकलना भी उसके लिए मुश्किल हो गया है. वो बीमार नहीं बल्कि बहुत बीमार है. खबर है कि मसूद अजहर के लीवर में दिक्कत है.
खबरों के मुताबिक मसूद अज़हर का पिछले करीब चार महीने से इलाज चल रहा है. पुलवामा हमले के दिन यानी 14 फरवरी को वो रावलपिंडी के मिलिट्री अस्पताल में भर्ती था. रावलपिंडी के आर्मी बेस अस्पताल में ही उसे पुलवामा हमले की खबर मिली थी. पुलवामा हमले के फौरन बाद उसी रात मसूद अज़हर को मिलिट्री हॉस्पिटल से महफ़ूज़ ठिकाने पर शिफ्ट कर दिया गया.
पुलवामा आतंकी हमले से 9 दिन पहले 5 फरवरी को मसूद अजहर ने एक ऑडियो संदेश भी जारी किया था. जिसमें हमारी सेना के हाथों ढेर किए गए अपने भतीजे उस्मान की मौत का बदला लेने की बात कही थी. ये ऑड़ियो मैसेज भी उसने अस्पताल से जारी किया था. खबरों के मुताबिक हमेशा जुमा की नमाज़ में सामने आने वाला मसूद अजहर इधऱ पिछले कई जुमा से लोगों को नज़र नहीं आया है. इसकी वजह भी उसकी बीमारी बताई जा रही है.
उधर, मसूद अजहर की मौत को लेकर तमाम अटकलों के बीच पाकिस्तानी मीडिया ने सोमवार को खबर छाप कर बाकायदा इसका खंडन किया. पेशावर से छपने वाले इस रोजाना अखबर आज में छापा है. ''भारतीय मीडिया का सरबराह जैश मौसाना मसूद अजहर के इंतक़ाल का दावा ग़लत निकला''
वैसे इस बीच पाकिस्तानी सरकार के सूत्रों से खबर आ रही है कि पाकिस्तान में मौजूद सभी आतंकवादी संगठनों को गैर मुसल्लह किया जाएगा. यानी उनसे हथियार रखवाए जाएंगे. साथ ही पाकिस्तान में चल रहे इन संगठनों के मदरसों को सरकार अपने कब्जे में लेकर मदरसों का राष्ट्रीयकरण करेगी.