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फरीदाबाद के निकिता मर्डर केस को लेकर रविवार को बल्लभगढ़ में महापंचायत बुलाई गई. सर्व समाज महापंचायत में फैसला लिया गया कि 21 साल की निकिता की हत्या मामले में दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए. इसके बाद भीड़ ने फरीदाबाद-बल्लभगढ़ हाईवे जाम कर दिया है. धीरे-धीरे भीड़ उग्र हो गई. पत्थरबाजी होनी लगी. तोड़फोड़ की जाने लगी. हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया.
फिलहाल, पुलिस ने हाईवे पूरी तरह से खाली करा लिया है. साथ ही पुलिस का कहना है कि शरारती तत्वों की पहचान की जा रही है. दूसरी तरफ बवाल के बाद पुलिस ने पंचायत के कुछ लोगों से बात की, उन्हें समझा बुझाकर हाईवे से वापस जाने की कोशिश की गई. लेकिन भीड़ अब भी वहां मौजूद है और सड़क जाम करने की कोशिश कर रही है.
बताया गया है कि रविवार को सर्व समाज महापंचायत बुलाई गई थी. इस महापंचायत में आसपास के गांव के लोग भी शामिल हुए थे. महापंचायत के बीच ही कुछ लोगों ने बाहर निकल कर सड़क जाम कर दिया. पुलिस ने जब इन लोगों को हटाने की कोशिश की तो उनपर पत्थरबाजी होने लगी. जिसके बाद उन्होंने उग्र भीड़ पर लाठीचार्ज किया.
महापंचायत को लेकर डीसीपी सुमेर सिंह ने कहा कि उन्हें इस तरह के महापंचायत की अनुमति नहीं दी गई थी. हमने उनसे कहा था कि कोई भी लोग इकट्ठा नहीं होंगे. सभी शरारती तत्वों की पहचान की जा रही है. इन्हीं लोगों ने सड़क जाम कर माहोल खराब करने की कोशिश की. इन सभी के खिलाफ कानून कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
वहीं एसीपी ने इस मामले को लेकर कहा कि कुछ शरारती तत्व भीड़ में शामिल हो गए थे. जिन्होंने इस मामले को भड़काया. फिलहाल उन्हें पहचानने की कोशिश की जा रही है. जो लोग भी इस कार्य में शामिल हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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क्या अब तक किसी शख्स की पहचान हो पाई है. इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अभी हाईवे पर काफी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए थे. भीड़ के बीच में घुसकर कुछ लोगों ने माहोल खराब किया है. फिलहाल हमने लोगों को समझा कर सड़क से वापस भेजा है. हमारी प्राथमिकता फिलहाल कानून-व्यवस्था बनाए रखने की है. बाद में यह छानबीन की जाएगी कि किन लोगों ने माहोल खराब किया.
न्यायिक हिरासत में दोनों आरोपी
गुरुवार को दोनों आरोपियों तौसीफ और रेहान को कोर्ट में पेश किया गया था. जिसके बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. इससे पहले पुलिस ने दोनों को दो दिन की रिमांड पर रखा था. इस दौरान मर्डर में इस्तेमाल हथियार और गाड़ी को बरामद कर लिया गया. साथ ही हथियार देने वाले आरोपी अजरु को नूंह से गिरफ्तार किया था.
फरीदाबाद के निकिता मर्डर केस की जांच करने के लिए पहले ही SIT का गठन किया जा चुका है. पुलिस कमिश्नर ओपी सिंह ने DCP (क्राइम) की देखरेख में SIT का गठन किया है. ACP (क्राइम) अनिल यादव SIT के अध्यक्ष होंगे. टीम में 4 सदस्य होंगे. क्राइम ब्रांच प्रभारी अनिल, सब इंस्पेक्टर रामवीर, ASI कप्तान सिंह और प्रधान सिपाही दिनेश कुमार टीम का हिस्सा होंगे.
क्या है मामला?
फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ में सोमवार को पेपर देकर लौट रही बीकॉम तृतीय वर्ष की छात्रा 21 वर्षीय निकिता की गोली मारकर हत्या की गई थी. कत्ल का आरोप नूह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद के चचेरे भाई तौसिफ पर लगे हैं. तौसिफ ने पुलिस हिरासत में स्वीकार किया कि उसने निकिता की हत्या की योजना वेब सीरीज 'मिर्जापुर' देखने के बाद बनाई थी.
दरअसल, तौसीफ निकिता से शादी करना चाहता था. इसलिए वह कॉलेज के बाहर निकिता को ले जाने के लिए उसका इंतजार कर रहा था. जैसे ही निकिता कॉलेज से बाहर आई, तौसीफ उसे जबरन कार में बिठाने लगा. लेकिन निकिता ने इंकार करते हुए विरोध किया. इसके बाद आरोपी ने निकिता की गोली मारकर हत्या कर दी.