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Maya Gogoi Deka Murder Case: बेंगलुरू के एक होटल में एक लड़का और एक लड़की चेक इन करते हैं. इसके बाद वहीं होटल के कमरे में वो लड़का उसके साथ आई लड़की का कत्ल कर देता है. और फिर दो दिनों उसी कमरे में लड़की की लाश के साथ रहता है. जब उस लाश से दुर्गंध आने लगती है, तो वो लड़का वहां से भाग निकलता है. अब पुलिस और लोग जानना चाहते हैं कि आखिर वो कातिल लड़का उस कमरे में लाश के साथ दो दिनों तक क्यों रुका था?
असम की रहने वाली थी माया गोगोई डेका
बेंगलुरु के इंदिरानगर में मौजूद है थ्री स्टार सर्विस अपार्टमेंट होटल रॉयल लिविंग. इसी होटल के एक कमरे में एक लाश मिली. जिसे बाहर निकाला गया. ये लाश असम की रहने वाली 19 साल की एक लड़की माया गोगोई डेका की है. लाश दो दिन से होटल के कमरे में पड़ी थी, इसलिए लाश खऱाब होने लगी थी. होटल रॉयल लिविंग के रूम से ही माया की लाश मिली थी.
बेड पर मिला माया का मोबाइल
मौका-ए-वारदात पर तस्वीर में साफ है कि बेड और बेड पर पड़े ब्लैंकेट पर खून के धब्बे हैं. फर्श पर भी खून के निशान नजर आ रहे हैं. बेड पर एक मोबाइल भी पड़ा है. ये मोबाइल माया का ही है. ये मोबाइल 24 नवंबर को स्विच ऑफ हो गया था. और इसी से पुलिस ने अंदाजा लगाया है कि माया का क़त्ल 24 नवंबर को ही हुआ है और अगले दो दिनों तक यानी 26 नवंबर तक उसकी लाश वहीं होटल के कमरे में पड़ी रही. कमरे में बेड के करीब फर्श पर नाइलोन की एक रस्सी भी पड़ी है. इस रस्सी का ऑर्ड़र ऑनलाइन दिया गया था और रस्सी की डिलिवरी इसी होटल में हुई थी.
सीसीटीवी में कैद है माया और लड़के की तस्वीर
अब आइए चलते हैं, इसी रॉयल लिविंग होटल के रिसेप्शन की तरफ. रिसेप्शन पर लगे सीसीटीवी कैमरे की तस्वीर पुलिस को मिली है, जो 23 नवंबर दोपहर 12 बजकर 31 मिनट की हैं. बाहर से रिसेप्शन पर दो लोग आते हैं. इनमें एक लड़की है और दूसरा लड़का. लड़के ने सिर पर व्हाइट कैप पहनी हुई है. लड़की के हंसने के अंदाज से साफ है कि दोनों य़हां खुशी-खुशी और अपनी मर्जी से आए हैं. लड़का अब रिसेप्शन पर डिजिटल पेमेंट करता है जबकि लड़की सोफे पर बैठ जाती है. कुछ देर बाद दोनों रिसेप्शन से उठ कर कमरे की तरफ बढ़ जाते हैं. ये वही लड़की माया गोगोई डेका है.
तीन साल पहले असम से बेंगलुरु आई थी माया
अब सवाल ये है कि डेका की लाश तो कमरे से बरामद हो गई. पर वो लड़का कौन था और कहां गया? जिसने डेका के साथ इस होटल में चेकइन किया था. तो आइए अप पूरी कहानी सिलसिलेवार जानते हैं. माया गोगोई डेका तीन साल पहले असम से बेंगलुरु आई थी. वो सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने के साथ-साथ एक एजूकेशन कनसलटेंसी फर्म में जॉब करती थी. डेका बेंगलुरु में अपने बहन और एक कजन के साथ किरए के एक अपार्टमेंट में रहती थी.
सोशल मीडिया के ज़रिए मिले थे आरव और माया
करीब छह महीने पहले सोशल मीडिया के जरिए ही डेका की मुलाकात केरल के कुन्नूर के रहने 21 साल के आरव हनोय से हुई। दोनों में पहले दोस्ती हुई और फिर प्यार. बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में ग्रेजुएशन करने के बाद इसी साल आरव कुन्नूर से बेंगलुरु आ गया. आरव ने भी बेंगलुरु की एक कंपनी में स्टूडेंट काउंसलर के तौर पर का करना शुरू कर दिया. अब डेका और आरव की अकसर मुलाकात होती थी.
दो दिन होटल में बढ़ाया था स्टे
23 नवंबर को आरव और डेका दोपहर को इसी होटल रॉयल लिविंग में पहुंचते हैं. दोनों के पास एक-एक बैग था. दोपहर को चेकइन करने के बाद दोनों अपने कमरे में चले जाते हैं. उन्होंने रूम एक दिन के लिए बुक कराया था. अगली सुबह यानी 24 नवंबर को जब रिसेप्शन से रूम में फोन कर पूछा गया कि कितने बजे चेकआउट करेंगे तब आरव ने कहा कि वो एक दिन और स्टे करेंगे. इसके बाद 25 नवंबर की सुबह रिसेप्शन से फिर से रूम में फोन आया कि वो कितने बजे चेक आउट करेंगे. तब आरव ने कहा कि अब वो 26 नवंबर की दोपहर को चेक आउट करेगे. इस तरह एक दिन का स्टे और बढा दिया.
होटल से अकेला निकल गया था आरव
अब 26 नवंबर की तारीख आ चुकी थी. आज ही के दिन दोनों को होटल से चेक आउट करना था. लेकिन 26 नवंबर की सुबह आठ बज कर 19 मिनट पर आरव अकेले ही होटल से बाहर निकलता है. उसके पास उसका बैग भी नहीं था. लेकिन सिर पर वही व्हाइट कैप अब भी मौजूद थी. इस बार आरव होटल से बाहर गया तो फिर नहीं लौटा. अब 26 नवंबर की दोपहर का वक्त हो चुका था. रिसेप्शन पर बैठे शख्स को पता था कि आज आरव और डेका को चेकआउट करना है. उसने रूम में लैडलैइन पर फोन किया. घंटी बजती रही पर फोन किसी ने नहीं उठाया. तब आरव के मोबाइल पर फोन किया गया. लेकिन मोबाइल बंद था.
खौफनाक था कमरे का मंजर
इसके बाद होटल का एक स्टाफ कमरे में जाता है. दरवाजा अनलॉक था. पर जैसे ही वो दरवाजे को धक्का देता है अंदर से तेज बदबू आती है. वो अंदर झांक कर देखता है तो बेड पर लड़की की लाश और हर तरफ खून नजर आता है. वो भाग कर होटल के बाकी स्टाफ को इसकी जानकारी देता है और फिर पुलिस को खबर दी जाती है. पुलिस पुलिस जब अंदर दाखिल होती है तो डेका की लाश बेड पर ही पड़ी मिलती है. लाश कंबल से ढकी हुई थी. लाश की हालत देख कर ऐसा लग रहा था जैसे डेका की मौत कम से कम दो दिन पहले हुई थी. बेड पर पड़ा मोबाइल भी चार्ज्ड ना हो पाने की वजह से 24 नवंबर से बंद दिखा रहा था. दरअसल मोाबाइल फर आखिरी मैसेज और कॉल 24 नवंबर का ही था. उसके बाद कोई कॉल या मैसेज नहीं.
CDR से पता चला कि कैब से स्टेशन गया था आरव
कमरे में नाइलोन की अएक रस्सी के साथ एक पैकेट भी मिला. उस पैकेट से पता चला कि इस रस्सी का ऑर्डर इसी होटल के पते पर ऑनलाइन दिया गया था. लाश को देखने पर अंदाजा हुआ कि डेका के जिस्म और सिर पर चाकू से कम से कम दस वार किए गए थे. अब चूंकि कमरे में डेका और आरव ही थे. लिहाजा पुलिस ने आरव की तलाश शुरू कर दी. होटल के सीसीटीवी कमरे से पता चला कि आरव 26 नवंबर की सुबह आठ बज कर 19 मिनट पर होटल से निकला वो भी बिना बैग के. इसके बाद जब उसके मोबाइल के कॉल डिटेल रिकार्ड को खंगाला गया तो पता चला कि होटल से निकलने के बाद उसने अपने मोबाइल एप से एक कैब बुक की थी. कैब रेलवे स्टेशन के लिए बुक की गई थी. मगर कैब बुक करने के पौरन बाद आरव ने अपना फोन बंद कर दिया. तब से उसका फोन बंद है.
पूरी प्लानिंग के साथ होटल आया था आरव
अब तक की तफ्तीश के बाद बैंगलूरी पुलिस का मानना है कि आरव पूरी प्लानिंग के साथ होटल आया था. रस्सी का मंगाना चाकू का साथ लाना यही इशारा कर रहे हैं. इतना ही नहीं जब वो होटल में चेक इन कर रहा था तब भी उसने कैप की मदद से अपने चेहरे को छुपाने की कोशिश की थी. और जब वो 26 नवंबर को होटल से आकिरी बार निकला तब भी उसने कैप से चेहरा छुपा रखा था.
लाश से आने लगी थी दुर्गंध
पुलिस बेंगलुरु पुलिस इस बात से हैरान है कि माया का कत्ल करने के दो दिन बाद तक आरव लाश के साथ उसी कमरे में क्यों रुका रहा? वो चाहता तो पहले भी भाग सकता था. यहां तक कि दो दिनों में लाश से बदबू भी आने लगी थी. मगर वो फिर उसी कमरे में था. पुलिस इस पहलू से भी मामले की जांच कर रही है कि कहीं आरव उस लड़की की लाश के टुकड़े कर किश्तों में उसे ठिकाने लगाने की प्लानिंग तो नहीं कर रहा था? और जब उसे लगा कि ऐसा मुम्किन नहीं तब तो भाग गया.
फरार कातिल की तलाश
पुलिस ने माया के मोबाइल को भी खंगाला है. इससे पता चला है कि दोनों के बीच पिछले कुछ वक्त में हजारों बार बात हुई और हजारों मैसेज दोनों ने एक-दूसरे को भेजे. मगर आरव ने डेका का कत्ल क्यों किया? इस सवाल का जवाब तभी सामने आएगा, जब खुद आरव पुलिस की पकड़ में आएगा. बेंगलुरु पुलिस के मुताबिक आरव के पास ज्यादा पैसे नहीं हैं, इसलिए वो बहुत दूर तक या बहुत दिनों तक भाग नहीं सकता. आरव की तलाश जारी है.