कानपुर के चर्चित बिकरू कांड में एसआईटी की रिपोर्ट के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने कानपुर के एसएसपी रहे अनंत देव तिवारी को सस्पेंड कर दिया है. जबकि बिकरू कांड के वक्त एसएसपी रहे दिनेश कुमार पी को नोटिस जारी किया गया है.
एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद बिकरू कांड को लेकर दोषी पाए गए एसएसपी रहे अनंत देव तिवारी सस्पेंड कर दिए गए हैं. यही नहीं बीते 15 सालों से बिकरू इलाके में तैनात रहे सीओ, एडिशनल एसपी समेत आधा दर्जन सब इंस्पेक्टर/इंस्पेक्टर पर भी कार्रवाई होने की संभावना है.
गृह विभाग ने विभागीय कार्रवाई के भी आदेश दिए हैं. एसआईटी की रिपोर्ट में 80 अधिकारियों और कर्मचारियों को दोषी पाया गया था और भी कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी हो रही है.
इससे पहले बिकरू कांड में पिछले दिनों एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट दाखिल कर दी थी. एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट 3,200 पन्नों में तैयार की जिसमें अकेले 700 पन्नों में पुलिस और अपराधियों के बीच सांठगांठ का कच्चा चिट्ठा है. जांच रिपोर्ट में कुल 80 अधिकारियों और कर्मचारियों पर लगे आरोप सही पाए गए. आरोपियों में 50 पुलिसवाले भी शामिल हैं, जिनके खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश की गई है.
एसआईटी रिपोर्ट में बताया गया कि कैसे पुलिसवाले विकास दुबे को थाने में चल रही हर गतिविधि के बारे में पहले से ही बताते रहते थे. घटना वाले दिन कैसे पुलिसवालों ने दबिश के बारे में पहले से ही विकास दुबे को सबकुछ बता दिया, ताकि वो पहले से ही तैयार रहें.
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इन्हीं पुलिसवालों की जानकारी के आधार पर ही विकास दुबे ने पहले से ही असलहे और लोगों को इकट्ठा कर लिया. विकास दुबे ने पहले से ही अपने लोगों को बोल दिया था कि अगर पुलिसवाले रेड के लिए आएं तो वो बच कर जिंदा ना जाने पाएं. घटना के दिन 8 पुलिसवाले बिकरू गांव में शहीद हो गए थे.
एसआईटी ने अपनी जांच में करीब सौ लोगों को शामिल किया था, जिसमें पुलिसकर्मियों के अलावा बिकरू गांव के लोग, कई बाहर के पुलिस अधिकारी और कानपुर के बिजनेसमैन तक शामिल थे. इनमें से कुछ को छोड़कर सबकी कई सालों से विकास के साथ सांठगांठ पाई गई. एसआईटी ने इस मामले मे 9 बिंदुओं पर जांच शुरू की थी.