दिल्ली के व्यापारी भाइयों के अपहरण के मास्टरमाइंड रंजीत मंडल उर्फ डॉन को बिहार पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया. बीते 21 अक्टूबर को पटना एयरपोर्ट से दिल्ली के दो व्यवसायी बंधुओं सुरेश शर्मा और कपिल शर्मा को अगवा किए जाने के मामले में रंजीत डॉन की पुलिस तलाश कर रही थी.
जानकारी के मुताबिक, रंजीत डॉन के दो गुर्गे ललन कुमार और मनोज यादव की गिरफ्तारी के बाद उससे हुई पूछताछ के बाद पुलिस को उसके बारे में मिले सुराग मिला. इसके बाद एसटीएफ की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की टीम डीएसपी आलोक कुमार के नेतृत्व में कोलकाता में गुप्त रूप से छापेमारी कर रंजीत को धर दबोचा.
बताते चलें कि बिहार के लखीसराय जिले के एक छोटे से गांव बोधनगर में पैदा हुआ रंजीत मंडल देखते-देखते अपराध की दुनिया का बेताज बादशाह बन गया था. गरीबी और मुफलिसी की जिंदगी जीने को मजबूर बोधनगर गांव के शिवदानी मंडल का बेटा रंजीत मंडल जरायम की दुनिया में आने के बाद देखते ही देखते करोड़पति बन गया.
कुछ वक्त बाद ही वो रंजीत डॉन कहलाने लगा. अब उसके पास गाड़ी है, बंगला है, और वो सब कुछ है जो एक शानदार जिंदगी के जीने के लिए ज़रूरी होता है. अब वो करोड़ों का मालिक है. रंजीत बड़े-बड़े व्यवसायियों को उनके साथ व्यापार करने का लालच देता है. फिर उन्हें मिलने के लिए बुलाता. इसके बाद फिरौती के लिए उनका अपहरण कर लेता.
करीब चार साल पहले रंजीत डॉन सुर्खियों में उस वक्त आया था जब उसने साल 2012 में हरियाणा के सोनीपत लोकसभा क्षेत्र से सांसद जगवीर सिंह मल्लिक के रिश्तेदार अजय सिरोहा को अगवा कर लिया था. मामला हाईप्रोफाइल था इसलिए राज्य सरकार ने इस घटना को चुनौती के रुप में लेते हुए पीरीबाजार के बरियारपुर के कोड़ासी जंगल से बरामद कर लिया था.