मुंबई में मुकेश अंबानी के बहुमंजिला घर एंटीलिया के बाहर मिली संदिग्ध स्कॉर्पियो कार का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. इस मामले में जहां सियासत तेज़ होती जा रही है, वहीं मनसुख हिरेन की मौत ने मामले को और पेचीदा बना दिया है. दरअसल, हिरेन के शव की जांच के दौरान उनके मुंह से पांच रूमाल निकले हैं. जबकि उनकी लाश एक नाले से बरामद की गई है. कथित तौर पर मनसुख को उस संदिग्ध कार का मालिक बताया गया था.
प्रारंभिक जांच में पुलिस मनसुख हिरेन की मौत को आत्महत्या जैसा बता रही थी, लेकिन लाश के मुंह से निकले पांच रूमाल दूसरी तरफ इशारा कर रहे हैं. मनसुख हिरेन ठाणे के रहने वाले थे. ठाणे में ही उनका ऑटोमोबाइल पार्ट्स का बिजनेस था. शुक्रवार को संदिग्ध अवस्था में मनसुख की लाश एक नाले से बरामद हुई. उनके परिवार ने आरोप लगाया है कि मनसुख हिरेन को मारकर पानी में डुबाया गया है.
दरअसल, परिवार ने खुलासा करते हुए बताया कि मनसुख हिरेन को स्वीमिंग आती थी. वो अच्छे से तैरना जानते थे. तो पानी में जाकर सुसाइड करने की बात शंका पैदा करती है. और फिर उनकी लाश की जांच के दौरान उनके मुंह से निकले पांच रूमाल साफ तौर पर किसी बड़ी साजिश की तरफ इशारा कर रहे हैं.
मनसुख गुरुवार से गायब थे. परिवार के लोग शुक्रवार को ठाणे में मनसुख के गायब होने की शिकायत दर्ज कराने पहुंचे थे. तभी थाने में खबर आई कि ठाणे की खाड़ी में एक शव मिला है. जो पानी में होने की वजह से फूल गया था. पुलिस उनके परिवार को वहां ले गई, और शव की शिनाख्त कराई. परिवार ने पहचान करके बताया कि ये शव मनसुख हिरेन का ही है.
परिवार का आरोप है कि इसके पीछे बड़ी साजिश है. परिवार का कहना है कि मनसुख की लास्ट मोबाइल लोकेशन पालघर जिले का विरार इलाका था. जबकि उनका शव ठाणे की खाड़ी में मिला. दोनों लोकेशन में काफी अंतर है. अब इस मामले में पोस्टमार्टम से ही खुलासा होगा कि मनसुख की मौत कैसे और क्यों हुई.
रूमाल पर ठाणे पुलिस की सफाई
रूमाल की बात पर सफाई देते हुए ठाणे पुलिस ने बयान जारी किया है कि जो 5 रूमाल मिले हैं, वे मनसुख हिरेन के चेहरे पर बंधे हुए थे. उन्हें उनके मुंह में ठुंसा नहीं गया था. दरअसल, कपड़े के टुकड़ों ने उनके चेहरे को ढक दिया गया था.
विधानसभा में गूंजा मनसुख की मौत का मुद्दा
उधर, मनसुख हिरेन की मौत पर विधानसभा में सरकार और विपक्ष के बीच गरमा-गरम बहस हुई. गृह मंत्री अनिल देशमुख ने नया खुलासा करते हुए कहा कि मनसुख हिरेन उस कार के मालिक नहीं थे, उसके मालिक सैम पीटर न्यूटन थे. जबकि कार पर केवल हिरेन का कब्जा था. गृहमंत्री ने कहा कि मनसुख हिरेन का शव मुंब्रा क्रीक से बरामद किया गया है. उनके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले हैं, पीएम कराया जा रहा है.
नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस केस में इतने सारे संयोग क्यों हैं? क्या हिरेन और सचिन वेज़ के बीच कॉल रिकॉर्ड की जांच की जाएगी? सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है कि हिरेन जो मृत है. मैं विजुअल में देख सकता हूं कि उनके हाथ बंधे हुए थे, किसी ने भी बंधे हाथों से आत्महत्या नहीं की. इसकी जांच एनआईए से कराई जानी चाहिए.
गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि हाथ नहीं बंधे थे. मुंबई पुलिस जांच करने में सक्षम है. सचिन वाज़े के नाम का बार-बार इस्तेमाल किया जा रहा है, वे इस मामले के आईओ नहीं हैं. क्या आप वाज़े पर क्रोधित हैं क्योंकि उन्होंने आपके अर्नब गोस्वामी को गिरफ्तार किया था? सचिन वाज़े ने अर्नब को उठा लिया था और 7 दिन के लिए उसे अनव नाइक मामले में जेल में डाल दिया था, फिर भी अगर आपके पास इस बारे में अधिक जानकारी है, तो कृपया प्रदान करें.