गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला को आज भी यूपी का अब तक का सबसे खूंखार क्रिमिनल माना जाता है. इसकी वजह ये थी कि वो पहला अपराधी था, जिसके पास एके-47 राइफल थी. फिल्म स्टार संजय दत्त को जेल की सज़ा काटनी पड़ी, क्योंकि उनके घर से एके-56 राइफल मिली थी. किसी के पास एके-47 राइफल होना अपने आप में ही बेहद संगीन जुर्म है. मगर आजकल बिहार के मुंगेर के नदी, नाले, कुएं, जंगल, ज़मीन, दुकान और मकान सभी एक-47 राइफल उगल रहे हैं.
मुंगेर में हथियारों का ज़खीरा
एके-47 बनाने वाले मिखाइल क्लाश्निकोव ने भी सोचा नहीं होगा कि उनकी ये जानलेवा खोज इस तरह नदी नालों से खोज खोज कर निकाली जाएगी. वो भी बिहार के बीहड़ों से. अब तक मुंगेर पुलिस इस तरह करीब 20 एके-47 और उसके 500 पार्टस बरामद कर चुकी है.
सबसे बड़ा सर्च ऑपरेशन
29 अगस्त 2018. मुंगेर के नदी नालों से बारूद और बंदूक निकलने का ये सिलसिला इसी तारीख से शुरू हुआ. पहली बार 3 एके-47 बरामद हुई थीं. एक शख्स को गिरफ्तार किया गया. पड़ताल आगे बढ़ी तो पता चला कि इसमें एक महिला भी शामिल है. पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया. दोनों से पूछताछ हुई और उसके बाद शुरू हुआ देश का सबसे बड़ा सर्च ऑपरेशन.
नदी-नालों में बारूद तलाश रही है पुलिस
जिन कुओं से मीठा पानी निकलना चाहिए. मुंगेर में उन कुओं से जानलेवा एके-47 निकल रही हैं. जिन नदियों में मछलियों की तलाश की जानी चाहिए उनमें खंगाली जा रही हैं क्लाश्निकोव राइफलें. नालों में भी गंदे पानी से ज़्यादा खतरनाक बारूद भरा है. हालांकि इसमें शक़ नहीं है कि मुंगेर बिहार का नक्सल प्रभावित इलाका है. मुल्क की आज़ादी के बाद से पुलिस ने यहां कट्टे और देसी बम तो कई बार पकड़े हैं. मगर ये पहली बार है कि बिहार के इस अंदरुनी इलाके में पुलिस को एके-47 मिल रही हैं.
दर्जनभर से ज्यादा लोग गिरफ्तार
अब तो पूरे मुंगेर में तमाम नदी नालों के नज़दीक खुफिया कुत्तों को फिराया जा रहा है. हथियारों को खोजने वाली मशीनें और उसके एक्सपर्ट पूरे इलाके की खाक छान रहे हैं. अब 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. 20 एके-47 और करीब 500 के करीब उसके पार्ट्स रिकवर हो चुके हैं. मगर शक़ है कि अभी इन इलाकों में कई और एके-47 हो सकती हैं.
मुंगेर में बन रहा है मौत का सामान!
सुनकर हैरानी होगी मगर जिस मुंगेर को हथियारों की फैक्ट्री और अवैध असलहों की खान माना जाता था. अब वहां दुनिया की सबसे हाईफाई रायफल बरामद हो रही है. यानी एके-47. कहा जा रहा है कि मुंगेर के हथियार व्यापारियों ने इतनी तरक्की कर ली है कि वो एके-47 बेचने लगे हैं. या कहें कि ये हथियार व्यापारी एके-47 जैसा घातक हथियार नक्सलियों को मुहैय्या करा रहे हैं. और मुंगेर से आई तस्वीरें इस बात की तस्दीक कर रही हैं.
बरामद हुईं एके-47 की मैगजीन और पार्ट्स
दरअसल एके-47 की खूबी ये है कि बड़ी आसानी से इसके पुर्ज़े अलग अलग किए जा सकते हैं और फिर उतनी ही आसानी से वापस इन्हें जोड़कर एके-47 तैयार की जा सकती है. कुल मिलाकर हथियारों के सौदागरों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त नेक्सस चल रहा है. इसका खुलासा बरामद की गई एके-47 की मैगजीन और पार्ट्स से हुआ है.
नक्सलियों का नेक्सस
इस मामले की अहम कड़ी पूर्व आर्मर पुरुषोत्तम लाल के जबलपुर से पकड़े जाने के बाद अहम खुलासे तो हुए लेकिन अब सवाल ये है कि अगर देश में अशांति फैलाने वाले नक्सलियों का खुफिया नेक्सस है तो फिर इसके तार जुड़ते कहा हैं. कौन है इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड और कहां से आ रहे हैं ये हथियार. इसका खुलासा अभी बाकी है.