राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने हिजबुल मुजाहिदीन (HM) से जुड़े नार्को-टेरर केस में दस आरोपियों के खिलाफ 14000 पन्नों की चार्जशीट दायर की है, जो केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को पंजाब ड्रग कार्टेल और आतंकवाद से जोड़ती है.
इस मॉड्यूल में पाकिस्तान से रॉक साल्ट ग्रेन्युल आयात करने की आड़ में भारत-पाकिस्तान सीमा पर अटारी के माध्यम से हेरोइन की तस्करी की जा रही थी. मॉडस ऑपरेंडी के माध्यम से अर्जित ड्रग मनी का एक हिस्सा प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन को जाता था. बाकि पैसा जम्मू-कश्मीर में ड्रग कार्टेल स्थापित करने के लिए खर्च होना था.
एनआईए की टीम ने पंजाब के मोहाली में स्थित विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर किया है. दस आरोपियों में से सात को गिरफ्तार किया गया है, दो आरोपी फरार हैं. इस चार्जशीट में हिजबुल कमांडर रियाज नाइकू का नाम भी शामिल है. नाइकू को इसी साल मई में सुरक्षा बलों ने एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया था. जांच में एनआईए के साथ-साथ मनी ट्रेल का पता भी चला है. पंजाब रूट नार्को आतंक के लिए सुरक्षित माना जाता है.
एनआईए के एक अधिकारी ने कहा कि इस एक मामले के माध्यम से हमने जम्मू-कश्मीर में काम कर रहे अन्य मॉड्यूलों का भी पता लगाया है. इसलिए इस मामले में आगे और नतीजे सामने आएंगे. पंजाब पुलिस ने इसी साल अप्रैल में अमृतसर के पुलवामा निवासी 35 वर्षीय हिलाल अहमद शेरगोज्री की गिरफ्तारी के बाद एक मामला दर्ज किया था.
छानबीन से पता चला था कि पंजाब पुलिस ने भी उससे रुपये की वसूली की थी. गिरफ्तारी के वक्त हिलाल के कब्जे से 29 लाख रुपये बरामद हुए थे. इसके दो हफ्ते बाद मई में एनआईए ने मामले की जांच शुरू की थी. एनआईए को जांच के दौरान पता चला कि हिलाल 29 लाख रुपये लेने के लिए अमृतसर आया था. दरअसल, हिलाल आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का सदस्य था और वह रियाज़ अहमद नाइकू का करीबी रहा था.
हिलाल की गिरफ्तारी के बाद ही भारत में हेरोइन की तस्करी और बिक्री में शामिल एक बड़े नार्को-टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ था. जिससे पता चला कि हवाला के जरिए और जम्मू-कश्मीर में स्थित एचएम आतंकियों को पाकिस्तान से जरिए ड्रग-प्रोडक्शन का पैसा मिलता था.
जांच में खुलासा हुआ कि पाकिस्तान स्थित एचएम कमांडर और उनके सहयोगी पंजाब में आतंकवादी गिरोहों द्वारा नशीली दवाओं की तस्करी और ड्रग पेडलिंग के माध्यम से पैसा जुटाने काम करते थे. भारत में एचएम के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने और बढ़ाने की साजिश रची गई थी. जिसका खुलासा भी भारतीय एजेंसियों ने कर दिया.