पाकिस्तान के एबटाबाद शहर में ओसामा बिन लादेन को उसके घर में घुस कर जिन लोगों ने मारा था उस नेवी सील कमांडोज की गिनती अमेरिका के सबसे जंबाज फोर्स में होती है. तो क्या अमेरिका के सील कमांडोज का अगला टारगेट किम जोंग उन है? क्या ओसामा की तरह सील कमांडो भी उत्तर कोरिया में घुस कर किम जोंग उन को मारने की तैयारी कर रही है? दरअसल दक्षिण कोरिया के एक अखबार के हवाले से ये खबर आई है कि अमेरिकी नेवी सील सिक्स के स्पेशल कमांडोज़ को मार्शल किम जोंग उन को मारने की सुपारी दी गई है.
जैसे ओसाम को मारा गया. जिस तरह सद्दाम पर बंदूक तानी गई. जैसे गद्दाफी को घुटनों पर लाया गया. जिस तरह सोमालिया के समुद्री डाकुओं से बंधकों को छुड़ाया गया. अब वैसे ही किम जोंग उन पर नकेल कसेंगे US के नेवी सील कमांडों.
अमेरिकी खुफिया एजेंसी और दक्षिण कोरियाई एजेंसी दोनों ने किम जोंग उन को मारने का टोकन इन कमांडोज़ को दे दिया है. कब कहां और कैसे दिया जाएगा ऑपरेशन को अंजाम ये कोई नहीं जानता सिवाए इनके. और ये कभी बता कर नहीं आते हैं. मगर जब आते हैं तो काम तमाम कर के ही जाते हैं.
मई 2011 में ये नेवी सील कमांडो चोरी छिपे पाकिस्तान में आए थे. और जब गए तो ओसामा की लाश को साथ लेकर गए. कैसे मारा. कहां दफ्नाया आज तक ये रहस्य है. मगर जो सच है वो ये कि ये कमांडोज़ ओसामा को अपना शिकार बना चुके हैं.
ऑपरेशन खुफिया है इसलिए कोई भी इसकी जानकारी देने को तैयार नहीं. मगर ये खबर फिज़ाओं में तब तैरी जब एक दक्षिण कोरियाई न्यूज़पेपर जूंगआंग डेली ने ये खुफिया अंदाज़ा लगाया कि नेवी सील कमांडोज़ की टुकड़ी टीम सिक्स. जो एक खास मिशन को अंजाम देने के लिए उत्तर कोरिया की सरहद के नज़दीक ड्रिल ऑपरेशन को अंजाम दे रही है.
खुद उत्तर कोरियाई एजेंसियों ने न्यूज़पेपर जूंगआंग डेली की खबर के अंदेशे को सच माना है. साथ ही इस बारे में किम जोंग उन को आगाह करते हुए उनकी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. नॉर्थ कोरियाई एजेंसी मार्शल किम जोंग उन की जान को पैदा हुए खतरे को देखते हुए अपने जासूसों को ना सिर्फ़ नेवी सील के इस ऑपरेशन के बारे में ज़्यादा से ज़्यादा जानकारी जुटाने का हुक्म दिया है, बल्कि इससे बचने के तौर-तरीकों के बारे में भी पता करने शुरू कर दिया है.
मौजूदा खतरे को देखते हुए किम के सुरक्षा सलाहकार ने उसे खुली और भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर रहने को कहा है. जिसके बाद न सिर्फ खुली जगहों पर किम की गतिविधियों में पहले के मुकाबले काफ़ी कमी आई है, बल्कि 2013 से अब तक उसका बाहर निकलना 51 फ़ीसदी से 32 फ़ीसदी पर रह गया है. इतना ही नहीं कार बम धमाके के डर से वो वो अपनी आलाशीन मर्सिडीज़ से भी कम ही चलता है. और तो और उसने अपनी सुरक्षा पहले के मुकाबले काफ़ी बढ़ा ली है.
नेवी सील सिक्स के बारे में हालांकि ये खबर पक्की है कि साउथ कोरिया के सालाना मिलिट्री एक्सरसाइज़ में उसके कमांडोंज़ ने भाग लिया है. इसी ख़बर ने किम और नॉर्थ कोरिया की सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं. उत्तर कोरिया को लग रहा है कि साउथ कोरिया के रास्ते नेवी सील कमांडो उनके देश की राजधानी प्योंगग्यांग और यहां तक कि किम जोंग उन के महल में दाखिल हो सकती है.
इतना ही नहीं साउथ कोरिया में फोल ईगल और की-रिजॉल्व के नाम से जो मिलिट्री एक्सरसाइज़ हुई उसमें भी बड़ी तादाद में यूएस स्पेशल फोर्सेज़ के कमांडोज़ ने भाग लिया. यहां तक कि एक बड़े अमेरिकी अख़बार ने भी ये कहा है कि अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनल्ड ट्रंप प्योंगग्यांग के खिलाफ़ मिलिट्री एक्शन की संभावनाओं पर भी विचार कर रहे हैं.