जिस जगह से उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने पूरी दुनिया को तबाह करने का ख्वाब देखा था. खुद उसी जगह पर अब उसने संकट ला दिया है. एक के एक बाद परमाणु परीक्षण कर किम ने अपने ही मुल्क की जमीन के नीचे की टेक्टॉनिक प्लेट्स हिला दिए हैं. अब आलम ये है कि रह रह कर नॉर्थ कोरिया में जलजला आ रहा है. खासकर प्यूंगे- री के इलाके में जहां अब तक किम जोंग उन 4 बार और उसके पिता किम जोंग इल 2 बार परमाणु परीक्षण किया है.
नार्थ कोरिया में परमाणु बम परीक्षण
तारीख़- 9 अक्टूबर 2006, दिन- सोमवार, वक़्त- सुबह 9 बजे, जगह- प्योंगांग-री.
तारीख़ - 25 मई 2009, दिन- सोमवार, वक़्त- सुबह 9 बजे, जगह- प्योंगांग-री.
तारीख़ - 12 फ़रवरी 2013, दिन- मंगलवार, वक़्त- सुबह 9 बजे, जगह- प्योंगांग-री.
तारीख़ - 6 जनवरी 2016, दिन- बुधवार, वक़्त- सुबह 8:30 बजे, जगह- प्योंगांग-री.
तारीख़ - 9 सितंबर 2016, दिन- शुक्रवार, वक़्त- सुबह 8:30 बजे, जगह- प्योंगांग-री.
तारीख़ - 3 सितंबर 2017, दिन- रविवार, वक़्त- सुबह 8:30 बजे, जगह- प्योंगांग-री.
परीक्षण के बाद तबाही
दहशत की जो रवायत बाप ने शुरू की थी. बेटा उससे भी दो हाथ आगे बढ़कर उसे बढ़ा रहा है. जब से उत्तर कोरिया की गद्दी पर बैठा तब से लेकर अब तक 4-4 बार न्यूक्लियर टेस्ट कर चुका है. जबकि उसके पिता किम जोंग इल ने दो बार इस टेस्ट को अंजाम दिया था. मगर जिस टेस्ट के ज़रिए किम जोंग उन अपने देश की ताक़त बढ़ाने का दावा कर रहा है, उसी टेस्ट ने उसके अपने ही देश में तबाही लानी शुरू कर दी है.
परीक्षण के साइट इफेक्ट
उत्तर कोरिया ने अपने अब तक के सभी टेस्ट जिस प्योंगांग-री टेस्ट साइट पर किया उसने उत्तर कोरिया की ज़मीन के नीचे की टेक्टॉनिक प्लेटों को छेड़ दिया है. जिसका ऐसा साइड इफेक्ट हो रहा है कि खुद नॉर्थ कोरिया और उसके सुप्रीम लीडर किम जोंग उन को भी समझ नहीं आ रहा है कि करें तो करें क्या.
परीक्षण के घातक परिणाम
ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर कोरिया की न्यूक्लियर टेस्ट साइट प्योंगांग-री के आसपास के इलाकों में परमाणु परीक्षणों के बाद से रह रहकर भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं. वियना की न्यूक्लियर टेस्ट बैन ट्रीटी ऑग्रेनाइज़ेशन के साथ साथ यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने भी इस बारे में चेतावनी जारी की है कि अगर उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर अब और कोई टेस्ट किया तो उसके भौगोलिक रूप से घातक परिणाम होंगे.
ज़मीन के नीचे हलचल
यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक जब आपके पास एक बड़ा परमाणु परीक्षण होता है, तो ये पृथ्वी के चारों ओर की सतह को स्थानांतरित करता है, और इसे पूरी तरह से कम करने के लिए कुछ समय लगता है. नॉर्थ कोरिया में हुए छठे परमाणु परीक्षण के बाद यहां की ज़मीन के नीचे की सतह में हलचल हो चुकी है.
कोरिया में भूकंप के झटके
अब इस हलचल का असल दिखने लगा है. इस पूरे रीजन में रिएक्टर स्केल पर तीन के करीब भूकंप के झटके पिछले कुछ दिनों में महसूस किए गए हैं. जिनके बाद वहां के लोग दहशत में हैं. लेकिन किम जोंग उन को इस बात से कोई सरोकार नहीं है. वो अपनी कामयाबी का जश्न मना रहा है.
पहले किया था हाईड्रोजन बम टेस्ट
उत्तर कोरिया भी ये जानता है उसका सुप्रीम लीडर अपनी जिस सनक को पूरा करने के लिए आमादा है वो घातक है. इसका अंदाज़ा इस बात से लगाइये कि परमाणु परीक्षण के अलावा तानाशाह किम हाईड्रोजन बम का भी परीक्षण कर चुका है. जो अमेरिका के हिरोशिमा नागासाकी पर गिराए गए परमाणु बम से भी 10 गुना घातक है.