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होटल में दो लाशें, जहाज पर एक मौत... उलझती जा रही है भारत आए रूसी पर्यटकों की डेथ मिस्ट्री

जासूसी फिल्मों की स्क्रिप्ट जैसी कहानी ओडिशा से बाहर आ रही है. बिल्कुल वैसी ही कहानी जैसी आप जेम्स बॉन्ड या फिर हॉलीवुड की जासूसी फिल्मों में देखते हैं. पर इन तीनों मौतों में कनेक्शन कुछ ऐसा है कि इसे नजरंदाज भी नहीं किया जा सकता.

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तीनों मरने वाले रूसी नागिरक थे, जिनमें एक पुतिन विरोधी सांसद भी शामिल हैं
तीनों मरने वाले रूसी नागिरक थे, जिनमें एक पुतिन विरोधी सांसद भी शामिल हैं

पहले एक लाश फिर दूसरी लाश और उसके बाद अब तीसरी लाश. बारह दिनों के अंदर तीन रूसी नागरिकों की लाश मिलती है. और इत्तेफाक ये कि ये तीनों लाशें ओडिशा में मिलती हैं. पहली दो लाशें एक होटल में मिलती हैं जबकि तीसरी लाश पानी के जहाज से बरामद होती है. इन तीन लाशों की पहेली जितनी उलझी हुई है, उससे ज्यादा उलझी इनकी मौत की कहानी है. 

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मौत का कनेक्शन
जासूसी फिल्मों की स्क्रिप्ट जैसी कहानी ओडिशा से बाहर आ रही है. बिल्कुल वैसी ही कहानी जैसी आप जेम्स बॉन्ड या फिर हॉलीवुड की जासूसी फिल्मों में देखते हैं. पर इन तीनों मौतों में कनेक्शन कुछ ऐसा है कि इसे नजरंदाज भी नहीं किया जा सकता. जहां तक इत्तेफाक की बात है तो ऐसे इत्तेफाक अमूमन कभी होते नहीं हैं. 

होटल में दो मौत के बाद तीसरी वारदात
पहली मौत होटल के कमरे के अंदर होती है. कहा जाता है मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई. पहली मौत के दो दिन बाद जो दूसरी मौत होती है वो होटल के बराबर वाली अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग में होती है. लाश वहीं मिलती है. कहा जाता है मरने वाले ने खुदकुशी के लिए तीसरी मंजिल से छलांग लगा ली. मगर हैरतअंगेज तौर पर लाश की जगह पर तमाम ईंट, सीमेंट, कबाड़ पड़ा होने और तीसरी मंजिल से गिरने के बावजूद उसके जिस्म से खून की एक भी बूंद नहीं गिरती. उसके बाहरी जिस्म पर कोई चोट भी नजर नहीं आती. दो मौत के दस दिन बाद फिर अचानक तीसरी लाश मिलती है वो भी होटल से दूर. 

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3 जनवरी 2023, पारादीप पोर्ट, जगतसिंहपुर ज़िला, ओडिशा
सबसे पहले कहानी शुरू करते हैं उस तीसरी लाश से जो तीन जनवरी को मिली. दूसरी मौत के ठीक दस दिन बाद एक और रूसी नागरिक की रहस्यमयी हालत में मौत हो जाती है. ये तीसरी मौत रायगढ़ के होटल साईं इंटरनेशनल से दूर प्रदीप पोर्ट पर होती है. मरने वाले की शिनाख्त 51 साल के मिलायकोव सर्गे के तौर पर हुई. मिलायकोव एमबी अल्दना जहाज़ के चीफ इंजीनियर थे. ये जहाज़ बांग्लादेश के चिटगांव पोर्ट से प्रदीप पोर्ट के रास्ते मुंबई जा रहा था. शिप पर भारतीय और रूसी समेत कुल 23 क्रू मेंबर सवार थे. मिलायकोव की लाश तीन जनवरी को तड़के साढे चार बजे शिप के चैंबर में मिली. मौत की वजह अभी साफ नहीं हो पाई है. प्रदीप पोर्ट ट्रस्ट के चेयरमैन पीएल हरनानंद ने रूसी इंजीनियर की मौत की तस्दीक करते हुए कहा कि मामले की जांच की जा रही है.

पुलिस ने की बड़ी लापरवाही
इसी प्रदीप पोर्ट से करीब 490 किलोमीटर दूर ओड़ीशा के ही रायगढ़ में 22 और 24 दिसंबर को दो और लाश मिली थी. वो दोनों भी रूसी थे. हैरत की बात ये है कि इन दोनों की मौत जितनी रहस्यमयी थी. उससे ज्यादा सस्पेंस उनकी मौत के बाद उठाए गए कदमों को लेकर है. मौत के बाद दोनों को कब्रिस्तान की बजाए एक अंडर कसंट्रक्शन श्मशान में ले जाया गया. दोनों को ईसाई रीति रिवाज के हिसाब से दफनाने की बजाए जलाकर अंतिम संस्कार किया गया. पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने विसरा सैंपल तक सुरक्षित नहीं रखा. क्राइम सीन की पूरी तरह अनदेखी की गई.

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क्या है तीन मौतों का कनेक्शन?
अब सवाल ये है कि इ तीन मौतों को लेकर शक और सवाल ही क्यों? तो जवाब है इनमें से एक मौत को लेकर रूस की मीडिया से लेकर अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप तक में चर्चा हो रही है. और वो मौत है रूस के सबसे रईस कारोबारी और सांसद पावेल एंटोव की. जो रूसी राष्ट्रपति पुतिन के विरोधी थे और जिनकी मौत के बाद से ही रूस पर इन मौतों को लेकर उंगलियां उठ रही हैं. तो पूरी कहानी समझने के लिए चलिए अब पहली मौत  की तरफ पलटते हैं.

ऐसे शुरु हुआ मौत का खेल
इन रहस्यमयी मौतों का सिलसिला 22 दिसंबर से शुरू हुआ था. दरअसल, रूस से चार दोस्त भारत आए थे. वो सबसे पहले दिल्ली आते हैं और 21 दिसबंर को ओडिशा पहुंचते हैं. फिर ओडिशा में रायगढा के एक होटल में चेकइन करते हैं. इसी के एक दिन बाद पहली लाश होटल के कमरे में मिलती है.

22 दिसंबर 2022, होटल साई इंटरनेशनल, रायगढा, ओडिशा
दक्षिणी ओडिशा के शांत से शहर रायगढा में इस रोज सुबह एक बडी वारदात हुई. हालांकि पहली नजर में ये मामला एक विदेशी पर्यटक की ज्यादा शराब पीने से हुई मौत का लगा और इसे लेकर ना तो कोई बहुत ज्यादा शोर-शराबा हुआ और ना ही इस वारदात ने किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा. हुआ यूं कि रूसी पर्यटक व्लादिमीर बेदेनोव यहां अपने कमरे में बेहोश पाए गए और जब लोगों ने उन्हें उठा कर इलाज के लिए पास ही के अस्पताल में पहुंचाया, तो डॉक्टरों ने उन्हें ब्रॉट डेड यानी मुर्दा करार दिया. 61 साल के बेदेनोव ने अपने तीन और रूसी साथियों के साथ अपनी मौत से एक रोज़ पहले यानी 21 दिसंबर को ही इस होटल में चेकइन किया था. और चूंकि अपनी मौत से पहले वो लगातार शराब पी रहे थे और उनकी मौत के वक्त भी उनके कमरे से पुलिस को शराब की कई खाली बोतलें मिलीं, शुरुआती तौर पर ये मान लिया गया कि बेदेनोव की मौत शायद ज्यादा शराब पीने की वजह से हुई.

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24 दिसंबर 2022, होटल साई इंटरनेशनल, रायगढा, ओडिशा
इसके ठीक दो दिन बाद यानी शनिवार 24 दिसंबर को तब इस मामले में एक नया मोड़ आ गया, जब बेदेनोव के साथ ही ओडिशा घूमने पहुंचे उनके दोस्त, रूसी सांसद और वहां के अमीर कारोबारी 65 साल के पावेल एंटोव की उसी होटल में रहस्यमयी हालात में मौत हो गई. पावेल शनिवार की शाम को अपने कमरे की खिड़की के नीचे छत पर खून से लथपथ पड़े मिले और जब तक लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. और इस तरह महज दो दिनों के अंदर दो रूसी पर्यटकों की ओडिशा के इस टाउन में जिस तरह से मौत हुई, उसने सिर्फ हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया.

संदिग्ध मौत पर सवाल
अब सवाल था कि ओडिशा में हुई रूसी पर्यटकों की मौत का रहस्य क्या है? दो दिनों में कैसे गई दो-दो रूसी पर्यटकों की जान? एक मौत होटल के कमरे में जबकि दूसरी ऊपर से गिरने पर हुई. रूसी पर्यटकों की मौत पर कई गंभीर सवाल उठने लगे हैं. क्या ये सामान्य मौत है या फिर इसके पीछे है कोई गहरी साज़िश? ओडिशा सरकार ने इस संगीन मामले की जांच क्राइम ब्रांच के हवाले की है.

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कौन थे ये रूसी पर्यटक?
दरअसल, बेदेनोव और एंटोव यहां एक रूसी दंपत्ति 63 साल के मिखाइल तुरोव और उनकी पत्नी नातालिया पानासेंको के साथ पहुंचे थे. इनके साथ दिल्ली का एक ट्रैवल एजेंट जितेंद्र सिंह भी था. जानकारी के मुताबिक ये पांचों लोग पिछले हफ्ते यानी सोमवार, 19 दिसंबर को दिल्ली से भुवनेश्वर पहुंचे थे. जहां से वो ओडिशा के कुछ ग्रामीण इलाकों में घूमना चाहते थे. अगले दिन यानी मंगलवार को सभी ओडिशा के कंधमाल जिले के हिल स्टेशन दारिंगबाडी पहुंचे और वहां घूमने-फिरने के बाद बुधवार की शाम करीब 5 बजे वो रायगढा पहुंचे और वहां होटल साई इंटरनेशनल में चेकइन किया.

होटल में एक के बाद एक दो मौत
अगले दिन उनका इरादा कोरापुट जाने का था, लेकिन इसी बीच बुधवार की सुबह पहले होटल के कमरे में बेदेनोव के बेहोश होने की खबर मिली और कुछ ही देर में उन्हें मुर्दा करार दे दिया गया और फिर दो दिन बाद उनके दोस्त और रूसी सांसद एंटोव की भी उसी होटल में ऊपर से गिरने से मौत हो गई. होटल के कमरे में मारे गए बेदेनोव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत की वजह कार्डियेक अरेस्ट यानी हार्ट अटैक को बताया गया है. जबकि उनके साथी एंटोव की मौत को लेकर अब भी रहस्य बरकार है.

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रूसी सांसद एंटोव की मौत के मामले में कई पेच
सांसद एंटोव की मौत को लेकर फिलहाल कई थ्योरीज़ सामने हैं. इनमें पहली संभावना तो ये है कि एंटोव अपने दोस्त की मौत से सदमे में थे और उन्होंने अपने होटल के कमरे से नीचे कूद कर खुदकुशी कर ली. जबकि दूसरी थ्योरी ये है कि उन्होंने भी अपने दोस्त की तरह ज्यादा शराब पी ली और पैर फिसलने के कारण वो अपने कमरे की खिड़की से नीचे गिर गए. तीसरी थ्योरी इस मौत के पीछे और लोगों के शामिल होने की है यानी साज़िश की है.

रूसी काउंसलेट ने किया साजिश से इनकार
हालांकि ये सभी बातें अभी संभावनाओं के तौर पर ही हैं और क्राइम ब्रांच को अब तक इस मामले की जांच में ऐसा कुछ भी नहीं मिला है, जिसमें इसके पीछे किसी साजिश का शक हो या फिर किसी को घेरे में लिया जाए. यहां तक कि कोलकाता में मौजूद रूसी काउंसलेट के प्रवक्ता ने भी इन दोनों ही पर्यटकों की मौत में किसी तरह की साजिश होने की बात से इनकार किया है.

पूरी दुनिया जता रही है शक
लेकिन फिर सवाल ये है कि अगर इन दोनों ही मौतों में कुछ भी असामान्य नहीं है, तो ओडिशा से लेकर पूरी दुनिया में इन मौतों को लेकर इतना शोर क्यों है? क्यों लोग अलग-अलग तरीक़ों से इन मौतों के पीछे साजिश का शक जता रहे हैं?

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पुतिन के आलोचक थे सांसद एंटोव
तो आइए, आपको इन सवालों के भी जवाब दिए देते हैं. रायगढ़ा में मारे गए रूसी सांसद पावेल एंटोव की गिनती वहां के नामी लोगों में होती थी. एंटोव सिर्फ सांसद और कारोबारी ही नहीं ब्लकि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कड़े आलोचक माने जाते थे. उन्होंने अपने जीते-जी रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर पुतिन के स्टैंड का विरोध भी किया था. इससे पहले भी कई ऐसे लोगों की संदिग्ध हालत में मौत हुई, जिन्होंने यूक्रेन पर हमले की आलोचना की थी. लेकिन बात सिर्फ पुतिन के एक आलोचक की संदिग्ध मौत की ही नहीं है. इस मामले की जांच अब तक जिस तरीके से आगे बढ़ी है, उसे लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.

दोनों विदेशियों की लाशों को क्यों जलाया?
ओडिशा पुलिस ने आनन-फानन में दोनों ही रूसी पर्यटकों का अंतिम संस्कार कर दिया और उनकी लाशें जला दीं. जबकि अव्वल तो वो हिंदू नहीं थे, तो हिंदू रीति-रिवाज के मुताबिक उनका अंतिम संस्कार नहीं होना चाहिए था और दूसरा चूंकि दोनों ही मौतें संदिग्ध परिस्थितियों में हुई, जिसकी जांच अभी जारी है, पुलिस को दोनों की लाशों को जलाने की जगह उन्हें दफनाना चाहिए था, ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी लाशों से और सबूत इकट्ठा किए जा सकते थे.

सवालों के घेरे में ओडिशा पुलिस की कार्रवाई
यहां तक ऐसे संदिग्ध मौत के मामलों में भी पुलिस ने दोनों लाशों का पोस्टमार्टम तो करवाया, लेकिन उनका विसरा सुरक्षित नहीं रखा. आम तौर पर ऐसे मामलों में मृतक के शरीर के अंदरुनी अंगों को विसरा के तौर पर सुरक्षित रख लिया जाता है. ताकि उनकी टॉक्सीकोलॉजी जांच की जा सके और ये पता लगाना मुमकिन हो कि मौत से पहले उनके पेट में कोई जहरीली चीज़ थी या नहीं. लेकिन यहां ओडिशा पुलिस ने दोनों के अंतिम संस्कार में जिस तरह की जल्दबाजी दिखाई और लाशें जला दी, वो सवालों के घेरे में है.

रायगढा जाने पर भी सवाल
एक सवाल इन पर्यटकों के घूमने के लिए रायगढ़ा जैसे टाउन को चुनने पर भी है. आम तौर पर विदेशी पर्यटकों के बीच इस टाउन को लेकर इतना आकर्षण भी नहीं है. ऐसे में रूसी पर्यटकों की ये टोली आखिर ओडिशा से इस उनींदे से टाउन में घूमने के लिए क्यों पहुंची, ये भी एक बड़ा सवाल है. रायगढ़ा में हुई इन दो मौतों पर तो खैर देसी-विदेशी मीडिया में सवाल उठ ही रहे हैं.

कांग्रेस नेता ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस लीडर मनीष तिवारी ने भी एक ट्वीट कर रूसी सांसद पावेल एंटोव की मौत को कुदरती मौत मानने से इनकार कर दिया है. उन्होंने लिखा, "जिस तरह से वो अपने होटल की खिड़की से नीचे गिरे, उससे पहले उनके साथी की संदिग्ध हालत में मौत हुई, दोनों का अंतिम संस्कार भारत में ही कर दिया गया. इसाई होने के बाद दोनों दफनाए नहीं गए और ना ही उनके शव रूस भेजे गए. ये सब इशारा करता है कि ये मौत कुदरती नहीं हैं. अगर ये मौत कुदरती हैं तो फिर मैं कभी लॉ स्कूल गया ही नहीं."

3 लोगों से जारी है पूछताछ
फिलहाल ओडिशा पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले की जांच करते हुए पर्यटकों के इस दल के बाकी तीन लोगों, जिनमें दो रुसी नागरिक हैं, जबकि एक ट्रैवल एजेंट, दोनों से पूछताछ कर रही है. इन तीनों को पहले रायगढ़ा से ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर लाया गया. जहां क्राइम ब्रांच के आईजी अमितेंद्र नाथ सिंह ने तीनों से लंबी पूछताछ की. इसके बाद तीनों को कटक में मौजूद क्राइम ब्रांच के हेडक्वार्टर में ले जाया गया. जहां अभी उनसे पूछताछ जारी है. पुलिस ने अब तक इस में इन तीनों के शक के घेरे में होने की बात से इनकार किया है, लेकिन ये भी सही है कि उसने अभी किसी को क्लीन चिट नहीं दी है.

विदेशी मीडिया भी उठा रही है सवाल
जाहिर है ये दोनों ही मौत और उनकी जांच के तौर तरीके ने इन्हें लेकर रहस्य गहरा दिया है. यही वजह है कि सिर्फ हिंदुस्तान में ही नहीं, बल्कि विदेशी मीडिया में भी रायगढ़ा में हुई रुसी पर्यटकों और खास कर रुस के सांसद की मौत को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. विदेशी मीडिया इसे सांसद पावेल एंटोव के पुतिन विरोधी होने से जोड़कर देख रही है और कई अखबारों ने लिखा है कि एंटोव ने ना सिर्फ रूस के यूक्रेन पर हमले को लेकर पुतिन की आलोचना की थी, बल्कि जब कीव में हुए मिसाइल हमले में एक शख्स की मौत हो गई और उसकी पत्नी और सात साल की छोटी सी बच्ची जख्मी हो गई थी, तब भी एंटोव ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी.

पुतिन के कई आलोचकों की संदिग्ध मौत
वैसे सांसद पावेल एंटोव का मामला अकेला नहीं है. हाल के दिनों में कई ऐसे लोगों की मौत हो चुकी है, जिन्होंने रूस के यूकेन पर हमले की आलोचना की थी. इनमें कई जाने-माने रुसी उद्योगपति और अमीर लोग शामिल हैं. 1 सितंबर 2022 को भी रूसी तेल कंपनी लुकायल के चीफ राविल मागानोव की मास्को के एक अस्पताल की खिड़की से नीचे गिरने से मौत हो गई थी. कुछ उसी तरह जिस तरह अब रायगढा के होटल में सांसद पावेल एंटोव की मौत हुई है.इस वारदात में मारे गए पावेल एंटोव की गिनती रूस के अमीर लोगों में होती थी. उन्होंने 2019 में रूस में मीट प्रोसेसिंग यूनिट व्लादिमीर स्टैंडर्ड की शुरुआत की थी. फोर्ब्स ने रूस के अमीर सांसदों की जो सूची जारी की थी, उसमें उन्होंने पावेल का नाम भी शामिल किया था. फोर्ब्स के मुताबिक एंटोव ने 120 मिलियन डॉलर की पूंजी के मालिक थे.

(रायगढ़ा से रितिक मंडल का इनपुट)

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