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एक मासूम बच्ची के जनाज़े तले दब गया पूरा पाकिस्तान!

छह साल पहले दिसंबर के महीने में एक निर्भया ने पूरे हिंदुस्तान को रुला दिया था. छह साल बाद जनवरी में एक ज़ैनब ने पूरे पाकिस्तान की आंखें नम कर दीं. जी हां, वो हिंदुस्तान की निर्भया थी. ये पाकिस्तान की ज़ैनब. दोनों के मुल्क अलग, नाम जुदा, मज़हब भी अलग. मगर दोनों ही जगह दरिंदगी और दरिंदे एक जैसे थे. ज़ैनब पाकिस्तान के बस एक घर की बेटी थी. मगर उसके जनाज़े पर पूरा पाकिस्तान रो रहा था. जानतें हैं क्यों? क्योंकि सात साल के जनाज़े का ग़म बहुत बड़ा होता है.

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जैनब की मौत पर पूरा पाकिस्तान रो रहा है
जैनब की मौत पर पूरा पाकिस्तान रो रहा है

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छह साल पहले दिसंबर के महीने में एक निर्भया ने पूरे हिंदुस्तान को रुला दिया था. छह साल बाद जनवरी में एक ज़ैनब ने पूरे पाकिस्तान की आंखें नम कर दीं. जी हां, वो हिंदुस्तान की निर्भया थी. ये पाकिस्तान की ज़ैनब. दोनों के मुल्क अलग, नाम जुदा, मज़हब भी अलग. मगर दोनों ही जगह दरिंदगी और दरिंदे एक जैसे थे. ज़ैनब पाकिस्तान के बस एक घर की बेटी थी. मगर उसके जनाज़े पर पूरा पाकिस्तान रो रहा था. जानतें हैं क्यों? क्योंकि सात साल के जनाज़े का ग़म बहुत बड़ा होता है.

हिंदुस्तान की निर्भया, पाकिस्तान की ज़ैनब

हिंदुस्तान का वो 16 दिसंबर 2012 था. पाकिस्तान का 5 जनवरी 2018. तब 13 दिनों तक पूरा हिंदुस्तान हर दिन यही पूछता था. अब कैसी है वो? कुछ हालत सुधरी? वो बच तो जाएगी? सच बताना उसको कुछ होगा तो नहीं? इस बार पांच दिनों तक पूरा पाकिस्तान पूछ रहा था--कहां है वो? उसको कुछ होगा तो नहीं? मिल तो जाएगी ना? ठीक तो होगी ना वो?

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छह साल पहले हिंदुस्तान में हर घर पर, दफ्तर में, बाज़ार में, रिश्तेदार, दोस्त, पड़ोसी. सब बस उसी की बातें कर रहे थे. उसी को पूछ रहे थे. उसी के बारे में जानना चाहते थे. छह साल बाद पाकिस्तान के हर घर में, दफ्तर में, बाज़ार में, रिश्तेदार, दोस्त, पड़ोसी. सब बस उसी की बातें कर रहे थे.

वो हिंदुस्तान की निर्भया थी तो इस बार पाकिस्तान की सात साल की बच्ची ज़ैनब. जिसके जनाजे पर पूरा पाकिस्तान रोया. मासूम जैनब की मौत पर इस वक्त पूरा पाकिस्तान मातम बना रहा है. जैनब एक आम बच्ची थी. बेहद आम परिवार से. मगर उसके हिस्से जो मौत आई और मौत से पहले दरिंदगी उसने उसे पाकिस्तान के हर घर की लाडली बना दिया. हर दिल को छलनी कर दिया. हर मां-बाप को तोड़ कर रख दिया.

घर से अगवा कर रेप और हत्या

इसी साल पांच जनवरी को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के कसूर इलाके से सात साल की जैनब घर के पास से ही अचानक गायब हो गई. पांच दिनों तक घऱ वालों ने उसे हर जगह ढूंढा. पर पांच दिन बाद वो घर से थोड़ी ही दूरी पर कूड़े के ढर पर पड़ी मिलती है वो भी मुर्दा. बाद मे पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलता है कि जैनब का कत्ल किया गया था और कत्ल से पहले उसके साथ वो तमाम ज्यादती की गई जिसे बताने के लिए कलेजा चाहिए.

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आग की तरह फैली ख़बर

फूल जैसी जैनब का लाहौर जैसे शहर में ये अंजाम. देखते ही देखते ही ख़बर पूरे पाकिस्तान में फैल गई. मीडिया और सोशल मीडिया में बस जैनब की तस्वीर देख कर ही लोगों का कलेजा फटने लगा. देखते ही देखते पाकिस्तान में सियासत और आतंकवाद समेत तमाम बाकी मुद्दे हाशिए पर थे और जैनब के कातिल को पकड़ कर उसका हिसाब करने की मांग सबसे ऊपर. निर्भया के बाद जैसा मंजर हिंदुस्तान का था, जैनब के बाद ठीक वैसा ही अब पाकिस्तान में था.

पाकिस्तान के पंजाब सूबे की सरकार ज़बरदस्त दबाव में थी. लोगों का गुस्सा बढता ही जा रहा था. पुलिस सबसे ज्यादा निशाने पर थी. इसी बाच 17 दिन गुजर जाते हैं. आखिरकार 18वें दिन खुद पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ सामने आकर एलान करते हैं कि जैनब का कातिल पकड़ा गया.

आरोपी तक ऐसे पहुंची पुलिस

पाकिस्तान के इतिहास में शायद किसी जुर्म या वारदात की ऐसी तफ्तीश इससे पहले कभी नहीं हुई. जैनब के कातिल तक पहुंचने के लिए पुलिस ने तय किया कि वो जैनब के घर के ढाई किलोमीटर के दाय़रे में रहने वाले 15 से 50 साल की उम्र के हर पुरुष का डीएनए कराएगी. शहर के हर उस शख्स को उठा कर पूछताछ करेगी जिसका क्रिमिनल रिकार्ड है.

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बच्चा चोर गिरोह, रेपिस्ट, सड़क छाप मजनूं, मानव तस्कर, बच्चों की अश्लील फिल्में बनाने वाले गैंग और साइको क्रिमिनल को उठाएगी और आखिरकार इसी में से एक तरीका काम कर गया. और 18 दिन बाद आखिरकार जैनब का गुनहगार और उसका चेहरा दोनों सामने आ गए.

डीएनए से मिला आरोपी का सुराग

हुआ यूं कि जिस वक्त पुलिस की निगरानी में 1150 लोगों के सैंपल लिए जा रहे थे, तभी लाइन में खड़ा एक नौजवान लाइन छोड़ कर भाग गया. मगर उस युवक के चाचा के डीएनए से डॉक्टरों ने ये बता दिया कि आरोपी इसी के खानदान का है. पुलिस को अब इस बात का सुराग मिल चुका था कि आरोपी किस खानदान से है और वो कौन है।

क्योंकि उस खानदान का वो इकलौता शख्स था जिसने सैंपल नहीं दिया था. पुलिस जैनब के गुनहगार के बेहद करीब पहंच चुकी थी. मगर पुलिस को उस गुनगहार और उसके खानदान का सच किसी भी कीमत पर छुपा कर रखना था. क्योंकि डर ये था कि गुस्से में लोग पूरे खानदान को ना मार डालें.

लिहाजा पुलिस आरोपी के पूरे परिवार को ही उठा कर गुप्त जगह पर ले गई. बाद मे किसी तरह आखिरकार पुलिस ने उस शख्स को भी पकड़ लिया. और फिर उसके डीएनए की जांच की गई. उसका डीएनए ज़ैनब की लाश पर मिले डीएनए से मैच कर गया.

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ज़ैनब का पड़ोसी था आरोपी दरिंदा

आरोपी कसूर का ही रहना वाला 24 साल का युवक था, जो जैनब का पड़ोसी था. जिसे वो अंकल कहा करती थी. नाम था इमरान. इमरान का ज़ैनब के घर आना जाना था. वही ज़ैनब को पांच जनवरी को कूड़े के इस ढेर के करीब ले गया था. जहां उसने जैनब के साथ पहले दरिंदगी की और फिर उसे मार डाला.

सीरियल रेपिस्ट और किलर निकला इमरान

पंजाब पुलिस ने जब इमरान के डीएनए को मिलान कई लंबित मामलों से किया तो खुलासा हुआ कि इमरान सिर्फ ज़ैनब का गुनहगार नहीं है, बल्कि पिछले एक साल में इसी इलाके में उसने ज़ैनब समेत 5 और बच्चियों के साथ अपनी हवस मिटाई और फिर उन्हें मार डाला. यानी वो एक सीरियल रेपिस्ट और सीरियल किलर था.

आरोपी इमरान के पकड़े जाने के बाद अब पूरे पाकिस्तान में उसे फौरन फांसी पर लटका दिए जाने की मांग उठ रही है. खुद सूबे के मुख्यमंत्री शाहबाज़ शरीफ़ इस मामले में तेजी से इंसाफ की बात कर रहे हैं. इसके लिए एक फास्ट ट्रैक कमेटी बनाने का भी उन्होंने एलान कर दिया है.

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