यूपी के हाथरस का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ कि राजस्थान से दो नाबालिग बहनों के साथ सामूहिक बलात्कार किए जाने की खबर सामने आई है. आरोपी पहले दोनों लड़कियों को बहला फुसला कर अपने साथ ले गए. फिर तीन दिन तक उन्हें अलग-अलग शहरों में ले जाकर उनके साथ रेप किया गया. मामला तब और भी गंभीर हो गया, जब पुलिस पर एक आरोपी को थाने से छोड़ देने का आरोप लगा. लड़की का परिवार अब इंसाफ मांग रहा है और लेकिन पुलिस कुछ और कहानी बता रही है.
बारां की रहने वाली दोनों लड़कियों ने आरोप लगाया कि झांसा देकर दो युवक उन्हें अपने साथ पहले कोटा ले गए. फिर जयपुर और उसके बाद अजमेर. उनके साथ लगातार बलात्कार किया गया. जिले के पुलिस अधीक्षक रवि सभरवाल का कहना है कि हमने इन लड़कियों को बरामद कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया था. जहां पर मजिस्ट्रेट के समक्ष 164 के बयान में इन्होंने बलात्कार जैसी कोई बात नहीं कही थी और कहा था कि वे अपनी मर्जी से इन लड़कों के साथ गई थीं. क्योंकि उनके घरवाले उनके साथ मारपीट करते थे.
दरअसल, बारां में 18 सितंबर की रात दो नाबालिग लड़कियां अपने घर से गायब हो गई थीं. 19 सितंबर को उनके पिता ने पड़ोस में रहने वाले दो परिचित लड़कों पर लड़कियों को भगाने का मुकदमा दर्ज करवाया. इसी दौरान आरोपी लड़कों ने उन लड़कियों के साथ अपने फोटो फेसबुक पर पोस्ट किए. तब पिता पुलिस को साथ लेकर कोटा पहुंचे और 21 सितंबर को लड़कियां बरामद हो गईं.
पुलिस ने दोनों लड़कियों को बारां में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया. दोनों के 164 के बयान हुए. उन्होंने लड़कों के साथ अपनी मर्जी से जाने का की बात कही. अपने माता-पिता पर मारपीट करने का आरोप लगाया. इसके बाद दोनों लड़कियों को सखी केंद्र भेज दिया गया. 4 दिन बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया. घर आने के बाद दोनों नाबालिग लड़कियों ने आरोप लगाया है कि आरोपी लड़के उन्हें कोटा, जयपुर और फिर अजमेर ले गए. तीन दिन तक उनके साथ गैंगरेप किया गया. उनके साथ गलत काम करने में दो-तीन लड़के और भी शामिल थे. पुलिस के सामने कुछ बोलने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी थी.
उधर, आरोपियों को पुलिस ने थाने से छोड़ दिया. नाबालिग लड़कियों का पिता खुद गाड़ी कर पुलिस के साथ गया था. लड़कियों का पिता अब इंसाफ मांग रहा है. दोनों बहनों की उम्र 13 और 15 वर्ष है. दोनों बहनों का आरोप है कि उन्हें सखी केंद्र में भी धमकाया गया था. पीडित लड़कियों के पिता का कहना है कि उनकी बेटियों के साथ गलत हुआ है. लेकिन पुलिस ने आरोपियों को छोड़ दिया. वह न्याय की मांग कर रहे हैं.
बीजेपी ने इस मामले पर राजस्थान सरकार से जवाब मांगा है. बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस के राज में बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं और पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिल रहा है. केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने इस मामले पर कहा कि क्या राजस्थान में गरीबों के लिए कोई कानून नहीं है. 13 और 15 साल की नाबालिग लड़कियों के साथ दरिंदगी हुई है और उस मामले को दबाने की कोशिश शर्मनाक है. ये लड़कियां अकेली नहीं पूरा राजस्थान इनके साथ है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी से मैं कड़ी कार्रवाई की मांग करता हूं.
मामला बढ़ता देख, राजस्थान पुलिस ने बारां में 2 नाबालिग लड़कियों के साथ रेप किए जाने के आरोपों का खंडन किया है. पुलिस के अनुसार दोनों बालिकाओं ने अपने 164 के बयानों में साफ कहा कि उनके संग कोई रेप नहीं किया गया. दोनो बालिकाओं की मेडिकल जांच में भी रेप की पुष्टि नहीं हुई है.