राजस्थान के एक मंत्री के बेटे पर राजस्थान की एक लड़की ने रेप का इल्जाम लगाया है. इस मामले को लेकर दिल्ली में एक एफआईआर दर्ज हुई है. जिसके मुताबिक मंत्री के बेटे ने शादी का झांसा देकर ना सिर्फ लड़की के साथ जबरदस्ती की, बल्कि उसकी अश्लील तस्वीरें उतार कर वो उसे लगातार ब्लैकमेल भी करता रहा. इतना ही नहीं मंत्री के बेटे ने लड़की को ये भी धमकी दी कि अगर उसने अपना मुंह खोला तो उसका अंजाम भी वही होगा, जो कभी भंवरी देवी का हुआ था. दिल्ली पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद मंत्री का बेटा अभी तक हाथ नहीं आया है.
ये कहानी है राजस्थान सरकार के एक ताकतवर मंत्री के दबंग बेटे और राजस्थान की एक बेटी की. उस बेटी की जिसे मंत्री के बेटे ने भंवरी देवी की कहानी दोहराने की धमकी दे डाली है. राजस्थान की बेटी ने दिल्ली में आरोपी मंत्री पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. पुलिस शिकायत पर कार्रवाई भी कर रही है. लेकिन अभी तक मंत्री का दबंग बेटा दिल्ली पुलिस की पहुंच से बाहर है.
भंवरी देवी तो याद होंगी ना आपको? वही भंवरी देवी, जिसने एक वक्त राजस्थान की सियासत में भूचाल ला दिया था. बाद में उसी भंवरी देवी को बड़ी बेरहमी से मार दिया गया था. तब इस केस में राजस्थान के मंत्री समेत कई नेता नाप दिए गए थे. उसी राजस्थान की सरज़मीन से एक मंत्री के बेटे ने राजस्थान की एक बेटी को ये धमकी दी है कि अगर उसने अपना मुंह खोला, तो राजस्थान एक और भंवरी देवी को देखेगा. पर कमाल देखिए एफआईआर की शक्ल में कानून के पन्नो पर मंत्री के बेटे का काला-चिट्ठा काले अक्षरों में लिखा होने के बावजूद राजस्थान की सरकार और पुलिस आंखें मूंदे है. सत्ता, ताकत, हैसियत और हुकूमत के बीच से निकली ये वो कहानी है, जिसे अगर वक्त रहते अंजाम तक नहीं पहुंचाया गया, तो सचमुच कोई हैरत नहीं होगी कि राजस्थान में एक बार फिर से भंवरी देवी की कहानी दोहरा दी जाए.
दिल्ली के सदर बाज़ार थाने में दर्ज इस मामले की एफआईआर महज FIR नहीं है. इस एफआईआर की हर लाइन कहानी है उस दरिंदगी की, जिसे राजस्थान के मंत्री महेश जोशी के साहबज़ादे रोहित जोशी ने एक बेबस लड़की पर ढाए. राजस्थान से लेकर हिमाचल और हिमाचल से लेकर दिल्ली तक मंत्री के साहबज़ादे ने जब जहां मौक़ा मिला, उस बेबस मज़लूम लड़की को मारा-पीटा, नोचा खसोटा और बार-बार उसकी अस्मत को तार-तार किया. शायद लड़की को भी पता था कि सत्ता में बैठे लोगों के ईशारे पर राजस्थान में तो इंसाफ़ मिलने से रहा. इसीलिए उसने दिल्ली पुलिस के सामने अपनी आपबीती सुनाई. और दिल्ली पुलिस ने मंत्री के बेटे के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की.
एफ़आईआर दर्ज करने के बाद से दिल्ली पुलिस की एक टीम ने जयपुर के कई चक्कर काटे, लेकिन रोहित जोशी हाथ नहीं लगा. राजस्थान पुलिस ने भी उसे पकड़वाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई. यही वजह है कि रेप का एक आरोपी सबकी आंखों के सामने होते हुए भी अब तक क़ानून से दूर है. आख़िर ये पूरा मामला है क्या? ये लड़की कौन है? मंत्री के बेटे के चंगुल में कैसे फंसी? रेप के इस केस में भंवरी देवी कहां से आ गई? तो आइए सबसे पहले सिलसिलेवार पूरी कहानी समझते हैं. कहानी एफ़आईआर की ज़ुबानी.
इस कहानी की शुरुआत हुई साल 2021 के शुरुआती दिनों में, जब रोहित के साथ पीड़ित लड़की की फ़ेसबुक पर मुलाक़ात हुई. जल्द ही ये मुलाक़ात बातचीत और फिर दोस्ती में बदल गई. अब रोहित और लड़की मिलना-जुलना शुरू हो गया. लेकिन कहानी में असली ट्विस्ट तब आया, जब शादीशुदा रोहित ने ख़ुद को लड़की के सामने बेचारा बना कर पेश किया. उसने कहा कि उसकी अपनी पत्नी से बिल्कुल भी नहीं बनती है, वो हमेशा ही उससे लड़ती झगड़ती रहती है. ऐसे में धीरे-धीरे लड़की के मन में रोहित के प्रति हमदर्दी पैदा हो गई. लेकिन रोहित ने उसकी इसी हमदर्दी की फायदा उठाया.
लड़की ने रोहित के ख़िलाफ जो पुलिस रिपोर्ट लिखवाई है, उसमें भरोसे के क़त्ल की रौंगटे खड़े करनेवाली कहानी दर्ज है. लड़की ने पुलिस को बताया है कि 8 मई 2021 को उसके साथ एक भयानक वारदात हुई. असल में इस रोज़ वो रोहित पर भरोसा करके उसके और उसके दोस्तों के साथ सवाई माधोपुर गई, जहां दोनों एक दोस्त के पुश्तैनी मकान में रुके. लेकिन इसी रोज़ रोहित ने उसका भरोसा तोड़ दिया. असल में हुआ यूं कि रोहित ने उसे धोखे से जूस में कोई नशीली चीज़ डाल कर पिला दी और अगले दिन जब उसे होश आया, तो उसके पैरों तले ज़मीन खिसक गई. होश आते ही उसे अहसास हुआ कि उसके जिस्म पर एक भी कपड़ा नहीं है. रोहित के इस रवैये से लड़की ना सिर्फ़ डर गई, बल्कि बुरी तरह रोने लगी.
लेकिन हद तो ये हो गई कि अब रोहित उसके साथ कभी इमोशनल, तो कभी ब्लैकमेलिंग का खेल खेलने लगा. रोहित ने पहले तो उसे उसकी बिना कपड़ों वाली तस्वीरें दिखाईं और फिर कहा कि वो उससे बहुत ज़्यादा प्यार करता है और उसके बिना नहीं रह सकता है. लेकिन सच्चाई तो यही थी कि अब लड़की रोहित के जाल में बुरी तरह फंस चुकी थी. मुंह खोलने या रोहित को कुछ भी बोलने का मतलब था कि रोहित उसकी बिना कपड़ों वाली यानी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो कभी भी वायरल कर देता और आख़िरकार उसका वही डर सामने आ गया.
जल्द ही रोहित मनमानी पर उतर आया और जैसे ही लड़की ने उसे रोकने टोकने की कोशिश की, रोहित ने उसे याद दिलाया कि अव्वल तो वो राजस्थान सरकार के मंत्री महेश जोशी का बेटा है और दूसरा उसका रसूख इतना है कि पुलिस तक उसका बाल भी बांका नहीं कर सकती और तो और रोहित उसे बातों ही बातों में बताने लगा कि उसके पिता हिस्ट्रीशीटर और माफ़ियाओं तक से रिश्ते हैं और वो जब चाहे किसी का भी पूरा का पूरा परिवार ख़त्म करवा सकता है.
यहां तक तो फिर भी गनीमत थी. लड़की को अपने रिश्ते संभाल लेने की उम्मीद थी, लेकिन इसके बाद रोहित ने हद ही कर दी. अब वो जब चाहे तब लड़की को अपने अलग-अलग ठिकानों पर बुलाने लगा और उससे संबंध बनाने लगा. यहां तक कि वो अब लड़की को किसी से बात भी नहीं करने देता था और नौकरी छोड़ कर चुपचाप घर बैठने के लिए उस पर दबाव बनाने लगा. लड़की जब भी इस बात का विरोध करती, तो रोहित ना सिर्फ़ उसे मारता-पीटता बल्कि उसे उसके वही पुराने वीडियो और तस्वीरों की याद दिला कर उन्हें वायरल कर देने की धमकी देता.
इसके बाद 3 से 4 सितंबर 2021 को एक दिल्ली में एक और दर्दनाक वारदात हुई. इस रोज़ लड़की एक इंटरव्यू के लिए दिल्ली आई थी, लेकिन यहां रोहित पहले ही मौजूद था. उसने ख़ुद को और लड़की को पति-पत्नी बताते हुए होटल में कमरा ले लिया और उसके साथ ज़्यादती शुरू कर दी. इस दौरान उसे ना सिर्फ़ अश्लील फिल्में दिखाई, मनमाने तरीक़े से उसका यौन शोषण किया, बल्कि ज़बरदस्ती फिर से उसके कुछ और वीडियोज़ बना लिए. अब रोहित लगातार लड़की पर अपना शिकंजा और कसता जा रहा था. आगे रोहित उससे क्लबों में डांस करवाने लगा.
जब पानी सर के ऊपर से गुज़रने लगा, तो हार कर लड़की ने खुदकुशी कर लेने की धमकी दी और तब रोहित ने नया शिगूफ़ा छोड़ा. उसने कहा कि अब वो अपनी बीवी से तलाक लेकर जल्द ही शादी कर लेगा. अपनी झूठी बातों पर यकीन दिलाने के लिए उसने ना सिर्फ़ उसे अपने वीडियोज़ भेजे, बल्कि उसके घर भी पहुंच गया. अब तो उसने लड़की के मां-बाप को भी डराना धमकाना शुरू कर दिया.
इसके बाद 26 जून 2021 को रोहित ने लड़की के साथ हनीमून का झूठा ड्रामा रचा और उसे अपने साथ मनाली लेकर गया. वहां उसने लड़की के साथ ज़्यादती तो की ही, मुंह खोलने पर गोली मार देने की धमकी भी दी. लगातार हो रही इस ज़्यादती का असर ये हुआ कि लड़की प्रेगनेंट हो गई. लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसे सोच कर ही किसी के भी रौंगटे खड़े हो जाएंगे. रोहित ने लड़की को एक दोस्त के दफ्तर में बुलाया, जबरदस्ती शराब पिलाने की कोशिश की और फिर ज़बरदस्ती कर कुछ गोलियां उसके मुंह में डाल कर उसे कुछ तब तक दबोचे रखा जब तक लड़की ने गोलियां निगल नहीं लीं.
जब ये सिलसिला हद से ज़्यादा बढ़ने लगा, तो 9 नवंबर 2021 की रात को लड़की ने ख़ुदकुशी कर जान देने की कोशिश की. लड़की ने खुदकुशी के इरादे से कुछ गोलियां खा ली थी और फ़ोन कर रोहित को इसकी जानकारी भी दे दी. लेकिन इसके बाद हुआ यूं कि रोहित लड़की को जबरन जयपुर के ही सवाई मान सिंह अस्पताल में लेकर गया, यहां उसने लड़की को अपनी बीवी बता कर डॉक्टरों को झूठी कहानी सुना कर उसका स्टोमक वॉश करा दिया और इसके कुछ दिन बाद फिर से ज़्यादती और धोखे का वही सिलसिला शुरू हो गया.
पूरा साल गुज़र चुका था. नए साल यानी 2022 में रोहित ने नई कहानी शुरू की. अब उसने अपनी पत्नी को तलाक देने की बात कहनी शुरू कर दी. उसने कहा कि उसने अपनी पत्नी से तलाक के पेपर्स पर दस्तख़त करवा लिए हैं और 25 फरवरी को वो अपनी पत्नी से छुटकारा पा लेने के बाद उससे शादी कर लेगा. चूंकि लड़की बुरी तरह रोहित जोशी के जाल में फंस चुकी थी, उसे रोहित की हर बात पर ऐतबार करने के सिवाय कुछ चारा नहीं था. लड़की की मानें तो इस दौरान रोहित ने उससे ना सिर्फ कई सादे कागज़ों पर साइन करा लिए, बल्कि उसके एकाउंट में लाखों रुपये भी डलवाए, हालांकि लड़की का आधार कार्ड और दूसरे पेपर्स उसने अपने पास रख लिए थे, ताकि लड़की उसे छोड़ कर भाग भी ना सके.
अब कहानी जयपुर से चंडीगढ़ होते हुए हिमाचल पहुंच चुकी थी. रोहित वहां लड़की को लेकर पहुंचा और वहां एक नया ड्रामा हुआ. यहीं रोहित के एक दोस्त अनिल चौधरी ने उससे मुलाक़ात की और रोहित से कहा कि उसके पिता ने उसे अपनी जायदाद से बेदखल कर दिया है. लड़की मानें तो ये सब शिगूफे के अलावा कुछ नहीं था, जिसके बाद रोहित ने डरने घबराने का ड्रामा शुरू कर दिया और फिर दोनों दिल्ली लौट आते हैं. वहां सदर बाजार के एक होटल में रुकते हैं. तब कहानी में राजस्थान पुलिस की एंट्री भी हो जाती है.
लड़की की मानें तो अब दिल्ली पहुंच कर जयपुर सदर थाने के एसएचओ अपनी टीम के साथ उसे धमकाने लगते हैं. फिर उसे जबरन जयपुर लाकर अस्पताल में भर्ती करवा देते हैं और मनमाने तरीक़े से उसका बयान लेने की कोशिश करने लगते हैं. और तो और इस दौरान रोहित पुलिस की मौजूदगी में ही लड़की के साथ एक बार फिर से मारपीट करता है. हालांकि लड़की इसके लिए तैयार नहीं होती और आख़िरकार थाने में चल रही इस पूरी ड्रामेबाज़ी का वीडियो किसी तरह शूट करने में कामयाब हो जाती है.
लेकिन इसके बाद रोहित उससे दूरी बनाने लगता है. उसे फ़ोन से लेकर सोशल मीडिया तक में ब्लॉक कर देता है. हद तो ये है कि आख़िरी बार 17 अप्रैल 2022 को भी जब रोहित लड़की से मिलता है, तो उसका यौन शोषण करने से बाज़ नहीं आता. और फिर आख़िर में इस डायलॉग के साथ चला जाता है कि अगर उसने रोहित का पीछा नहीं छोड़ा, तो एक और भंवरी देवी कांड हो जाएगा और वो और उसका परिवार कहां गायब हो जाएगा, किसी को पता भी नहीं चलेगा.
अब लड़की ने मंत्री के बलात्कारी के बेटे के खिलाफ दिल्ली के सदर बाज़ार थाने में तहरीर दी है, जिस पर पुलिस आईपीसी की धारा 376, 328, 312, 366, 377, 506 और 509 के तहत लड़के के ख़िलाफ 9 मई को एफआईआर भी दर्ज की है. लेकिन कमाल यही है कि मंत्री पुत्र लगातार छुपता फिर रहा है और इल्ज़ाम है कि राजस्थान का पूरा का पूरा सरकारी तंत्र ही उसे बचाने की कोशिश कर रहा है.
अब बेटा तो फरार है लेकिन मंत्री जी अपने बेटे को संस्कारी बताते नहीं थक रहे. आजतक ने इस सिलसिले में रोहित के पिता और राजस्थान मंत्री महेश जोशी से बात की. उनका कहना है उनका बेटा ऐसा कर ही नहीं सकता. इस तमाम सिलसिले के बीच सबसे अफसोसनाक पहलू ये है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को इसमें भी राजनीति नज़र आ रही है. वो इसे विपक्ष की साज़िश बता रहे हैं. बहरहाल, अब जब सरकार ख़ुद ही इंसाफ़ के आड़े नज़र आ रही है तो राजस्थान की बेटी को इंसाफ कैसे मिलेगा?