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पुलिस जोड़ रही है शीना बोरा मर्डर मिस्ट्री की कड़ी दर कड़ी

शीना बोरा मर्डर मिस्ट्री रिश्तों के भंवर में फंसी एक ऐसी कहानी है जिसके जंजाल में खुद मुंबई पुलिस भी फंस कर रह गई है. मुंबई पुलिस भले ही ये दावा कर ले कि उसने शीना के कत्ल का राज खोल दिया है लेकिन वो अभी तक कत्ल की वजह के राज से पर्दा नहीं उठा पाई है.

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शीना के कत्ल का राज
शीना के कत्ल का राज

शीना बोरा मर्डर मिस्ट्री रिश्तों के भंवर में फंसी एक ऐसी कहानी है जिसके जंजाल में खुद मुंबई पुलिस भी फंस कर रह गई है. मुंबई पुलिस भले ही ये दावा कर ले कि उसने शीना के कत्ल का राज खोल दिया है लेकिन वो अभी तक कत्ल की वजह के राज से पर्दा नहीं उठा पाई है.

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पुलिस इस मर्डर केस से जुड़े हर किरदार से पूछताछ और इस केस से जुड़े हर एंगल पर बारीकी से तफ्तीश कर रही है. इस केस में अब तक चार चेहरे सामने आए हैं, इंद्राणी मुखर्जी, उसका ड्राइवर श्याम राय, पीटर मुखर्जी की पहली पत्नी का बेटा राहुल मुखर्जी और इंद्राणी का दूसरा पति संजीव खन्ना.

शीना की हत्या का सच जानने के लिए मुंबई पुलिस ने पीटर मुखर्जी के बेटे राहुल मुखर्जी को बुधवार देर रात को तलब किया. राहुल और शीना के अफेयर की चर्चा है साथ ही यह भी कहा जाता कि दोनों शादी करने वाले थे. बताया जाता है कि राहुल और शीना के बीच प्रेम संबंध इंद्राणी को मंजूर नहीं थे. 2012 के बाद से राहुल लगातार देहरादून में रह रहा था. राहुल ने पुलिस पूछताछ में ये खुलासा भी किया.

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'मैं तुमसे रिश्ता नहीं रखना चाहती'
27 अप्रैल 2012 को शीना के मोबाइल से उसे एक एसएमएस आया कि मैं तुमसे रिश्ता नहीं रखना चाहती और मैं अमेरिका चली गई हूं. पुलिस सूत्रों की मानें तो शीना के कत्ल के 20 दिन तक उसका मोबाइल फोन चालू था और ये फोन इंद्राणी के पास था. इंद्राणी ने ही राहुल को ये एसएमएस भेजा था. सिर्फ राहुल ही नहीं बल्कि मुंबई के खार पुलिस स्टेशन में खुद पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया इंद्राणी और उसके ड्राइवर राय से पूछताछ कर रहे हैं.

पूछताछ में ड्राइवर राय ने नया खुलासा करते हुए कहा कि इंद्राणी ने शीना को गला दबाकर मारा, और इंद्राणी के दूसरे पति संजीव खन्ना ने शीना के हाथ पकड़े हुए थे. उधर कोलकाता से गिरफ्तार हुए इंद्राणी के दूसरे पति संजीव खन्ना की पुलिस को ट्रांजिट रिमांड मिल गई है. संजीव खन्ना ने पुलिस को बताया कि जिस दिन शीना का कत्ल हुआ वो मुंबई में ही थे, लेकिन वो अपनी बेटी विधि से मिलने गए थे. रिश्तों के भंवर में फंसी कत्ल की इस गुत्थी को लेकर पुलिस भी हैरान है. शीना मर्डर केस में खुलासों के बाद, एक के बाद एक नई कड़ियां जुड़ती ही चली जा रही हैं.

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आखिर क्या है 23 मई 2012 की रात का सच?
24 मई 2012 को मुंबई से करीब 103 किलोमीटर दूर रायगढ़ जिले के जंगल में ठीक एक महिला की अधजली लाश के कुछ हिस्से मिलते हैं. लोकल पुलिस मरने वाली की शिनाख्त करने की कोशिश करती है, लेकिन कोई फायदा नहीं होता. ये लाश इंद्राणी मुखर्जी की बेटी शीना की थी. जिसका मर्डर 24 अप्रैल 2012 को हुआ लेकिन 24 अप्रैल की कहानी इससे भी ज़्यादा सनसनीखेज थी.

पुलिस सूत्रों की मानें, तो इंद्राणी मुखर्जी शाम के करीब साढ़े 6 बजे मुंबई के बांद्रा में कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत करने के लिए शीना को बुलाती है. इस वक्त इंद्राणी अपने दूसरे पति संजीव खन्ना के साथ कार में थी, और कार उसका ड्राइवर श्यामवीर राय चला रहा था. शीना को जैसे इंद्राणी ने कॉल किया था, वो अपने ब्वॉयफ्रेंड राहुल मुखर्जी के साथ मौके पर पहुंच जाती है और उसे वहां छोड़कर चला जाता है.

शीना की मां इंद्राणी उससे कार के अंदर आने को कहती है, लेकिन वो कार में आने से मना कर देती है. इस पर इंद्राणी, शीना को जबरदस्ती कार के अंदर खींच लेती है. उसके बाद खन्ना शीना के हाथ पकड़ता है और राय शीना के पैर जबकि इंद्राणी अपनी बेटी का गला दबा देती है. उसके बाद शीना की लाश रखकर कार को पीटर मुखर्जी के गैरेज में ही खड़ा कर दिया जाता है. पूरी रात लाश वहीं गैरेज में बंद रहती है.

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अगले दिन जंगल में जलाई लाश
अगले दिन 25 अप्रैल को शीना की लाश रायगढ़ के जंगलों में ले जाई जाती है और वहां पेट्रोल डालकर उसे जला दिया जाता है. 26 अप्रैल को राहुल मुखर्जी जब शीना को कॉल करता है तो उसका फोन स्विच ऑफ आता है, जिसके चलते राहुल खार पुलिस थाने में उसकी रिपोर्ट करता है लेकिन खार पुलिस इस पर कोई कार्रवाई ना करते हुए, उसे वर्ली पुलिस का केस बताती है. अब वर्ली पुलिस इंद्राणी से पूछती है कि किसने बताया कि शीना अमेरिका में है.

शीना की गुमशुदगी सबसे सनसनीखेज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद राहुल इंद्राणी को कॉल करता है और इंद्राणी कहती है कि शीना अमेरिका चला गई है, ऐसे में राहुल कहता है कि शीना का पासपोर्ट तो उसके पास है, फिर वो अमेरिका कैसे जा सकती है लेकिन अगले दिन शीना के मोबाइल नंबर से उसको एक एसएमएस आता है कि अब वो राहुल से अपना रिश्ता तोड़ रही है. इसके बाद कहानी में सन्नाटा आ जाता है और सब खामोश हो जाते हैं लेकिन 3 साल बाद शीना की गुमशुदगी सबसे सनसनीखेज मर्डर मिस्ट्री बनकर सामने आती है.

पुलिस की मानें तो इंद्राणी मुखर्जी ने अपनी बेटी शीना बोरा के कत्ल के बाद एक साल तक उसका मोबाइल फोन ऑन रखा और इस दौरान इंद्राणी ने शीना बन कर राहुल से भी कई बार बात की. फिलहाल तो शीना हत्याकांड में पुलिस कातिल, मकतूल के साथ कुछ और कड़ियों को जोड़ रही है और इसके लिए सबसे अहम हथियार है उनके मोबाइल फोन के कॉल डीटेल. पुलिस ने इंद्राणी मुखर्जी, शीना बोरा, इंद्राणी के दूसरे पति संजीव खन्ना, पीटर मुखर्जी के बेटे राहुल मुखर्जी और इंद्राणी के ड्राइवर श्याम राय की कॉल डीटेल्स निकाली हैं.

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इंद्राणी ने शीना बनकर इस्तेमाल किया मोबाइल फोन
कॉल डीटेल्स के मुताबिक पुलिस इस नतीजे पर पहुंची है कि इंद्राणी ने शीना बोरा की हत्या की बात छुपाने के लिए लंबे समय तक कोशिश की. यहां तक की शीना बोरा का मोबाइल फोन वारदात के दो दिन बाद तक बंद रहा लेकिन शक है कि उसके बाद एक साल तक चालू रहा. पुलिस को शक है कि इंद्राणी एक साल कर शीना बनकर उसका मोबाइल फोन इस्तेमाल करती रही. जब भी राहुल का फोन आता वो शीना बनकर उससे बात करती और बार-बार रिश्ता खत्म करने की बात कहती. पुलिस के मुताबिक, लंबे समय तक इंद्राणी और शीना के फोन की टॉवर लोकेशन एक ही रही जबकि बकौल इंद्राणी शीना यूएस जा चुकी थी.

मोबाइल नेटवर्क ने खोली पोल
पुलिस ने घटना वाले दिन 24 अप्रैल 2012 की कॉल डीटेल्स भी निकाली हैं, जिससे साबित होता है कि इंद्राणी मुखर्जी, उसका पूर्व पति संजीव खन्ना और ड्राइवर श्याम राय तीनों एक ही नेटवर्क एरिया में सफर कर रहे थे. जाहिर है कि जिस दिन शीना की हत्या हुई ये तीनों एक ही साथ थे और मुंबई से बाहर रायगढ़ की ओर सफर कर रहे थे. इन सबूतों के आधार पर पुलिस इंद्राणी और गुनाह में शामिल उसके साथियों पर शिकंजा कस रही है. शीना के भाई मिखाइल ने पुलिस को कुछ ऐसे सबूत दिए हैं जिससे लगता है कि शीना मर्डर केस में रिश्तों की पहेली सुलझ जाएगी और इसमें सबसे अहम सबूत शीना का वो ई-मेल है जो उसने पीटर, इंद्राणी और राहुल के नाम लिखा था. इस ईमेल में शीना ने अपने और इंद्राणी के रिश्तों का पूरा सच बयां किया था.

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तस्वीरों से खुलेगा रिश्तों का सच
दो दिनों से मिखाइल वोरा पुलिस को अहम सुराग देने का दावा करता रहा लेकिन गुरुवार को जब थाने पहुंचा तो खुद पुलिस के हाथों दबोच लिया गया. इससे दो घंटे पहले मिखाइल बोरा सबूतों की सूची लेकर खड़ा हो चुका था. मिखाइल का दावा है कि 2011 में शीना ने एक मेल किया था. मिखाइल का दावा है कि उसके पास तमाम ऐसी तस्वीरें हैं जो रिश्तों के तमाम सच से दुनिया को रूबरू करा देंगी. इन तस्वीरों में इंद्राणी के साथ मिखाइल की तस्वीर है. राहुल के साथ शीना की तस्वीर है तो पहले पति सिद्धार्थ दास के साथ मिखाइल, शीना और इंद्राणी की भी तस्वीरें हैं.

ये भी हैं अहम सबूत
'आजतक' से बातचीत में मिखाइल ने ये भी खुलासा किया कि शीना और राहुल 2010 में उनके घर दीवाली पर गुवाहाटी आए थे. तब की तस्वीरें भी अब तक उसके अलबम में सजी थीं और शायद जिन्हें अब वो पुलिस को सौंप चुका है. इंद्राणी मुखर्जी अपने बूढे मां-बाप को हर महीने 40 से 50 हजार रुपए भेजती थी. मिखाइल के अकाउंट में अलग से 12 हजार रूपए ट्रांसफर होते थे. वो डीटेल भी मिखाइल ने शायद पुलिस को सौंपी हैं ताकि रिश्तों को लेकर कोई उलझन ना रहे हालांकि मिखाइल का ये भी कहना है कि इंद्राणी बुजुर्ग मां-बाप को कोलकाता ले जाना चाहती थी. मिखाइल के सबूतों से रिश्तों की पहेली तो शायद सुलझ जाएगी लेकिन हत्या की कड़ियां जुड़ना फिर भी बाकी रह जाएगा.

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