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सोना-हीरे-जवाहरात... सबसे बड़ी चोरी के वो राज जो 48 घंटे बाद भी नहीं सुलझा सकी है दिल्ली पुलिस

दिल्ली के जंगपुरा इलाके के भोगल मार्केट में ज्वेलरी के कई विशाल और आलीशान शो रूम हैं. उन्हीं में से एक है उमराव सिंह ज्वेलर्स नाम की दुकान. जिसे उमराव सिंह और महावीर प्रसाद जैन मिल कर चलाते हैं. लेकिन सोमवार की छुट्टी के बाद अगले दिन जब शोरूम खुला तो सबके होश उड़ गए.

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शोरूम से चोरों ने कम से कम 25 करोड़ का माल साफ कर दिया
शोरूम से चोरों ने कम से कम 25 करोड़ का माल साफ कर दिया

साउथ ईस्ट दिल्ली के भोगल इलाके में मौजूद आलीशान ज्वेलरी शो रूम को शातिर चोरों ने अपना निशाना बनाया. शो रूम की दीवार में कई एक फीट लंबी और डेढ फीट चौड़ा सुराख बना दिया गया. वैसे देखा जाए तो वो छेद अपने-आप में काफी छोटा है. जिसे बनाने में बमुश्किल एक-सवा घंटे का वक्त लगा होगा. लेकिन उसी छोटे से सुराख से होते हुए कुछ गुमनाम चोरों ने रविवार यानी 24 सितंबर को दिल्ली में 'ज्वेलरी हाइस्ट' की इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया, जितनी इससे पहले कभी नहीं हुई.

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सबसे बड़ी चोरी
जी हां, ज्वेलरी शो रूम में चोरी और वो भी 25 करोड़ रुपये से ज्यादा की. शो रूम के मालिक ने मंगलवार की सुबह जब अपनी दुकान की बुरी हालत देखी, तो उनका तो दिमाग ही घूम गया. आनन-फानन में पुलिस को ख़बर दी गई और इसी के साथ हाल के दिनों में दिल्ली में हुई इस सबसे बड़ी चोरी में शामिल चेहरों की तलाश शुरू कर दी गई. 

मगंलवार को सामने आई चोरी 
दिल्ली के जंगपुरा इलाके के भोगल मार्केट में ज्वेलरी के कई विशाल और आलीशान शो रूम हैं. उन्हीं में से एक है उमराव सिंह ज्वेलर्स नाम की दुकान. जिसे उमराव सिंह और महावीर प्रसाद जैन मिल कर चलाते हैं. भोगल का ये मार्केट हफ्ते में एक रोज़ सोमवार के दिन बंद रहता है. रविवार 24 सितंबर को दिन भर के कारोबार के बाद रात करीब 8 बजे ये दुकान बंद हुई थी. लेकिन जब एक रोज़ बाद यानी मंगलवार सुबह साढे दस बजे शो रूम का ताला खोला गया, तो अंदर की हालत देख कर दुकानदार के साथ-साथ वहां मौजूद मुलाजिमों के पैरों तले भी ज़मीन खिसक गई. 

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पूरा शो रूम साफ कर गए चोर
चोरों ने पूरा का पूरा शो रूम ही साफ कर दिया था. मानों किसी ने बंद शो रूम के अंदर झाडू फेर दिया हो. दुकान की अलमारियों और शो केस में रखी ज्वेलरी के साथ-साथ यहां बने खुफिया स्ट्रॉन्ग रूम तक में सेंधमारी कर चोरों ने सोने-चांदी की ज्वेलरी के अलावा कीमती जेम्स स्टोन यानी हीरे-जवाहरात तक, सब कुछ उड़ा दिए.

चोरों ने खराब कर दिए थे CCTV कैमरे
स्ट्रॉन्ग रूम की दीवार पर बना सुरंगनुमा छेद अपने-आप में सारी कहानी बयान कर रहा थी. वैसे तो इस दुकान में चोरी की किसी भी वारदात को रोकने के लिए कुल छह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन चोरों ने ना सिर्फ उन सभी के सभी छह कैमरों को खऱाब कर दिया, बल्कि उनके तार भी निकाल दिए थे. चोरों ने जिस स्ट्रॉन्ग रूम को खास तौर पर टार्गेट किया, वो स्ट्रॉन्ग रूम शो रूम के गाउंड फ्लोर पर मौजूद है, जिसके तीन तरफ तो कंक्रीट की दीवार है, जबकि एक तरफ लोहे का मजबूत दरवाजा. लेकिन इतनी सख्त सुरक्षा के बावजूद चोरों ने करीब डेढ़ फीट चौड़ी स्ट्रॉन्ग रूम की दीवार को रातों-रात आसानी से छेद दिया और स्ट्रॉन्ग रूम के 32 अलग-अलग लॉकर्स में में रखी ज्वेलरी पर भी हाथ साफ कर फरार हो गए.

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दुकान मालिक ने स्टाफ पर जताया भरोसा
चोरी के बाद दुकान का मंजर देख कर दुकानदार को तो खैर संभलने में ही कई मिनट लग गए, लेकिन पुलिस के पहुंचने पर उन्होंने जो कुछ बताया उसके मुताबिक दुकान से 30 किलो सोने की ज्वेलरी के साथ-साथ, लाखों रुपये के कीमती जेम्स स्टोन और 5 लाख रुपये कैश भी गायब थे. हालांकि 75 साल पुरानी इस दुकान के मालिक महावीर प्रसाद जैन ने इस वारदात को लेकर किसी पर शक होने के बारे में पूछने पर उनका जवाब ना में ही था. बल्कि उन्होंने कहा कि यहां काम करने वाले सारे के सारे मुलाजिम सालों से उनके यहां काम कर रहे हैं, ऐसे में वो किसी पर शक नहीं कर सकते.

तीन मंजिला है ज्वेलर्स की दुकान
लेकिन सवाल ये है कि एक ऐसी दुकान, जिसमें सामने से ताला बंद हो और पीछे से भी कोई दीवार या दरवाज़ा ना तोड़ा गया हो, चोरों ने आखिर उस दुकान के अंदर एंट्री कैसे मारी और कैसे वो रातों-रात सारा माल लेकर रफूचक्कर हो गए? तो सीन ऑफ क्राइम यानी मौका-ए-वारदात को देख कर पुलिस और दुकानदार दोनों का ये मानना है कि चोर इस शो रूम में छत के रास्ते से दाखिल हुए. असल में उमराव सिंह ज्वेलर्स नाम की ये दुकान तीन मंजिला है. जिसमें ग्राउंड फ्लोर पर मेन शो रूम है, जहां ज्वेलरी खरीदने और बेचने का काम होता है, इसी फ्लोर पर स्ट्रॉन्ग रूम भी बना है, जिसे जरूरत के मुताबिक खोला और बंद किया जाता है. जबकि ऊपर की तीन मंजिलों पर स्टॉक स्टोर करने के साथ-साथ डिजाइनिंग और रिपयेरिंग का काम चलता है. 

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छत के रास्ते आए थे चोर
चूंकि दुकान का ताला सामने से बिल्कुल इंटैक्ट था और इसकी बाहरी दीवार पर कहीं से कोई सेंधमारी नहीं हुई थी, तो ये साफ था कि चोर छत के रास्ते ही अंदर आये थे. वैसे भी मंगलवार की सुबह दुकानदार को छत के दरवाजे का ताला टूटा हुआ मिला. एक सवाल ये भी है कि चोर आखिर दुकान की छत पर कैसे पहुंचे, तो पुलिस इस संभावना को भी समझने की कोशिश कर रही है. शक है कि शायद चोर पहले आस-पास की किसी दूसरी बिल्डिंग की छत पर पहुंचे होंगे और फिर वहां से दुकान की छत पर आए होंगे.

CCTV फुटेज में नजर आए नकाबपोश चोर
दुकान के अंदर आते ही चोरों ने ना सिर्फ सीसीटीवी बल्कि वाई-फाई के सारे तार भी डिस्कनेक्ट कर दिए और अपने काम में लग गए. हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने अपनी तफ्तीश की शुरुआत सीसीटीवी फुटेज से ही की. पुलिस को दुकान के अंदर तीन नकाबपोश नजर आए, जो सीसीटीवी कैमरों को डिस्कनेक्ट करने से पहले उनमें कैद हो गए थे, इसके अलावा आस-पास की दुकानों में लगे कुछ और सीसीटीवी कैमरों में पुलिस को कुछ और संदिग्ध लोगों की तस्वीरें नजर आईं. ये तस्वीरें रविवार की रात करीब साढे ग्यारह बजे के बीच कैद हुई थी, जिन्हें देख कर पुलिस को ये यकीन है कि चोरी की वारदात रात साढे ग्यारह से 12 बजे के बीच ही हुई. पुलिस को रविवार की रात को मार्केट में एक टाटा सूमो गाड़ी भी संदिग्ध तरीके से चक्कर लगाती हुई नजर आई है और उसे शक है कि चोर शायद इसी गाड़ी में सवार होकर वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे.

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दुकान के कर्मचारियों पर पुलिस की नजर 
वैसे दुकान के मालिक बेशक अपने किसी मुलाजिम पर कोई शक ना हो, लेकिन पुलिस को लगता है कि बगैर किसी इनसाइडर यानी भेदिये के सिवाय इस तरह की वारदात को अंजाम दिया ही नहीं जा सकता है. क्योंकि जिस तरह से चोरों ने दुकान को छत के रास्ते से टार्गेट किया, शो रूम के बाहर लगे ताले को तोड़ने से बचते रहे और जिस तरह से अंदर घुस-घुस कर एक-एक ज्लेवरी के साथ-साथ स्ट्रॉन्ग रूम की दीवार तक में सेंध लगा कर माल उड़ा लिया, वो दुकान के अंदर की पूरी जानकारी रखने वाले किसी कर्मचारी, पूर्व कर्मचारी, रिश्तेदार या ग्राहक के सिवाय कोई और कर ही नहीं सकता. पुलिस की रडार पर वैसे तो इस वक्त हर कोई शामिल है, लेकिन दुकान के वैसे कर्मचारियों पर ध्यान थोड़ा ज्यादा है, जो या तो लंबी छुट्टी पर हैं या फिर काम छोड़ कर जा चुके हैं.

चोरी का खुलासा होने तक बीते 30 घंटे
मौका-ए-वारदात को अंजाम देने के तरीके को देख कर ये भी शक है कि शायद इस वारदात के पीछे दिल्ली से बाहर का कोई क्रिमिनल गैंग शामिल है. चोरों की बॉडी लैंग्वेज और उनके द्वारा इस्तेमाल की गई गाड़ी के साथ-साथ वारदात को अंजाम देने की उनकी टाइमिंग को देख कर भी पुलिस को शक है कि ये किसी बाहरी गैंग का काम हो सकता है. जिस तरह से चोरों ने रविवार की रात को दुकान के बंद होने के कुछ ही देर बाद इस वारदात को अंजाम देने का फैसला किया, उससे साफ था कि चोर वारदात को अंजाम देकर जल्द से जल्द दिल्ली से दूर चले जाना चाहते होंगे. क्योंकि चोरी के बाद से इसका खुलासा होने तक पूरे 30 घंटे का वक्त निकल गया. और इतने टाइम में चोर दिल्ली पुलिस और कानून से आराम से दूर भाग जाना चाहते होंगे. 

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जांच के लिए पुलिस की 10 टीम 
फिलहाल, थाना हजरत निजामुद्दीन पुलिस ने इस सिलसिले में रिपोर्ट दर्ज करने के साथ-साथ दस टीमें बना कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है. पुलिस की ये दस टीमें अलग-अलग तरीके से मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं.

-एक टीम सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर चोरों के बारे में सटीक जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है.

-कुछ पुलिस वाले इलाके से लिए गए मोबाइल फोन का डंप डाटा रीड करने में लगे हैं.

-एक टीम कर्मचारियों से पूछताछ करने और उनका बयान लेने का काम कर रही है.

-एक टीम दिल्ली से बाहर के वैसे गैंग्स के बारे में जानकारी जुटा रही है जो ऐसे काम करते हैं.

-पुलिस उस टाटा सूमो गाड़ी की भी तलाश कर रही है, जो वारदात के वक्त नजर आई थी.

-पुलिस की एक टीम फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर मौके से कलेक्ट किए गए फिंगर प्रिंट का पुराने बदमाशों के फिंगर प्रिंट से मिलान कर रही है.

-एक टीम ने ज्वेलरी की सारी पुरानी तस्वीरें निकाली हैं और उनके सहारे चुराई गई ज्वेलरी की तलाश शुरू कर दी है.

दिल्ली पुलिस की साख का सवाल
ये मामला दिल्ली में हुई अब तक की सबसे बड़ी चोरी का है. जाहिर है इस वारदात ने ना सिर्फ पुलिस के हाथ पांव फुला दिए हैं, बल्कि वो जल्द से जल्द इसका खुलासा भी करना चाहती है, क्योंकि ये सिर्फ कानून और इंसाफ की बात नहीं बल्कि दिल्ली पुलिस की साख का भी सवाल है.
 

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