जेल और सजा अगर मजाक बन जाए तो क्या होता है? वही होता है, जो आज कल पाकिस्तान में हो रहा है. कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान की एक अदालतन ने लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद को 15 साल कैद की सजा सुनाई थी. पिछले हफ्ते ही 26/11 के गुनाहगार लखवी को भी सजा सुनाई गई.
इन दोनों को टेरर फंडिंग के मामले में ये सजा सुनाई गई है. क्या वाकई ये सजा सच है या पाकिस्तान कुछ छिपा रहा है? इसे दिखावा ना कहें तो क्या कहें दुनिया जानती है. सबको पता है कि एफएटीएफ में अगर पाकिस्तान की गर्दन ना फंसी होती तो ना ये नौटंकी होती और ना ही इनकी गिरफ्तारी. ये सिलसिला आज का नहीं है. भारत ने बड़े स्तर पर पाकिस्तान के ढोंग को बेनकाब किया है.
वो जो आतंक के आका है. वो जिनके दर से नफरत की नदी बहती है. वो जो अमन के दुश्मन हैं. सबसे पहले आतंक पर उनका ढोंग देखिए. गिरफ्तारी का खेल और फिर सजा. इसे दिखावा ना कहें तो क्या कहें. दुनिया जानती है. सबको पता है कि एफएटीएफ में अगर पाकिस्तान की गर्दन ना फंसी होती. तो ना ये नौटंकी होती और ना ही इनकी गिरफ्तारी. ये सिलसिला आज का नहीं है. हमेशा हमेशा से पाकिस्तानी की यही कारस्तानी रही है. मगर अब ये नहीं चलेगा. क्योंकि भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान की इस मॉडस ऑपरेंडी की कलई खोलकर रख दी है. सिर्फ आतंक के आका पाकिस्तान की ही नहीं बल्कि उसके आका चीन की भी.
विदेश मंत्री जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र के मंच पर इन दोनों देशों से साफ कर दिया है कि आतंक के मामले में नो इफ नो बट. फैसला होना चाहिए फटाफट. भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को बेनकाब कर दिया. कैसे पाकिस्तान आतंकवाद को पनाह देता रहा है. कैसे ये पड़ोसी मुल्क दुनिया की नजरों में आतंकवाद पर चोट करने के नाम पर सिर्फ और सिर्फ धोखा देता रहा है. और कैसे पाकिस्तान की हुकूमत भारत के खिलाफ आतंकियों की मदद करती रही है. विदेश मंत्री जयशंकर ने उसका कच्चा चिट्ठा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मंच से खोला है.
विदेश मंत्री जयशंकर ने पाकिस्तान को ये धमकी या कहें सलाह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के वर्चुअल सत्र में दी. उन्होंने देश का कूटनीतिक मोर्चा संभाला और दुनिया को बताया कि भारत के मोस्ट वॉन्टेड कैसे पाकिस्तान के मेहमान बने बैठे हैं. और आतंक को पनाह देने वाला मुल्क कैसे उनसे फाइव स्टार बर्ताव करता है. दुनिया जानती है कि विदेश मंत्री की बातें सौ फीसदी सच है. पाकिस्तान में पल रहे आतंकी और उनके आकाओं के अड्डे इस बात के सबूत हैं. एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान को तो बेनकाब किया. लगे हाथ सबकुछ जान कर भी अनजान बने रहने वाले और दोस्त की भूमिका निभाने वाले चीन को भी नहीं छोड़ा.
मगर फिर भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता. उसे बार बार मात खाने की आदत सी पड़ चुकी है. और दुनिया की फटकार सुनकर भी वो सुधरने को तैयार नहीं. तभी तो पाक की मिट्टी आतंकियों के लिए लॉन्च पैड बनी हुई है. LAC पर जब से चीन की गुस्ताखी बढ़ी है, तब से पाकिस्तान और चीन दोनों मिलकर पश्चिमी मोर्चे पर हिन्दुस्तान के खिलाफ साजिश रचते रहे हैं. लेकिन 21वीं सदीं के अटल इरादों ने दोनों देशों को नाकों चने चबाने पर मजबूर कर दिया है.
पाकिस्तान के दिलोदिमाग में ये बात अच्छे से बैठ चुकी है कि वो भारत का बाल भी बांका नहीं कर सकता. लेकिन फिर भी आदत से मजबूर है. और अभी भी आतंकियों को पनाह दे रहा है. उसकी खुफिया एजेंसी ISI और सेना उन आतंकियों को ट्रेनिंग देती है. फिर घुसपैठ में मदद कर भारतीय सरजमीं पर दहशतगर्दी की साजिश रचती है.
अभी हाल ही में भारतीय सेना प्रमुख नरवणे ने भी उस पाकिस्तान को बातों-बातों में समझाया तो लगे हाथ चीन को भी चेतावनी दे डाली. पाकिस्तान के दोमुंहेपन की लंबी चौड़ी फेहरिस्त है. एक तरफ वो आतंकियों को शह देता है. दूसरी तरफ दुनिया के सामने ये दिखावा करता है कि वो आतंकवाद के खिलाफ गंभीर है. लेकिन भारत ने उसकी पोल खोलकर फिर से उसे बेनकाब कर दिया है.