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गोंडा टू दिल्लीः लड़की ने दोस्ती के जाल में फंसाया, फिर हो गया अपहरण, ऐसे बची जान

अपहरण के फौरन बाद गौरव को नशे का इंजेक्शन दिया जाता है और अपहरणकर्ता सीधे उसे गोंडा से दिल्ली ले जाते हैं. यूपी के बहराइच में गौरव के पिता निखिल हलदल उसी शाम करीब 4 बजे अपने मेडिकल स्टोर पर बैठे थे. तभी उनके फोन की घंटी बजी. फोन करने वाले ने निखिल हलदल को बताया कि उनके बेटे का अपहरण हो चुका है.

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पुलिस ने तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है
पुलिस ने तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गोंडा से बीएएमएस डॉक्टर का अपहरण
  • महिला डॉक्टर ने फोन कर हनी ट्रैप में फंसाया
  • पुलिस कर रही है महिला की तलाश

उत्तर प्रदेश में अपहरण का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने गोंडा जिले से लेकर नोएडा तक पुलिस को हिलाकर रख दिया. एक लड़की ने पहले फोन पर कॉलेज के एक लड़के से दोस्ती की. फिर उसे हॉस्टल के बाहर मिलने के लिए बुलाया. बस इसके बाद हुआ एक बड़ा अपहरण कांड. किडनेपिंग करने वालों ने 70 लाख रुपये की फिरौती मांग ली. जब गोंडा पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की तो मामला दिल्ली तक जा पहुंचा. फिर नोएडा में एक एनकाउंटर हुआ और ऐसा खुलासा हुआ कि सबके होश उड़ गए. 

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15 जनवरी 2021

अपहरण की चौंकाने वाली कहानी का आगाज़ यूपी के गोंडा से हुआ. गौरव नाम का युवक गोंडा के SCPM पैरा मेडिकल कॉलेज से बीएएमएस की पढ़ाई कर रहा था. ये कहानी उसी की है, जो शुरू होती है 15 जनवरी से. पैरा मेडिकल कॉलेज में छात्र गौरव के पास अचानक एक अनजान लड़की का फोन आता है. वो गौरव से प्यार भरी बातें करती है और पलभर में ही गौरव से उसकी दोस्ती हो जाती है. 

18 जनवरी 2021 

गौरव अपने कॉलेज में था. गौरव के पास फिर से उसी लड़की का फोन आता है. लड़की गौरव से कहती है कि वो उससे मिलना चाहती है. गौरव उस लड़की से मिलने के लिए कैंपस से बाहर आता है. लड़की ठीक कॉलेज के सामने खड़ी थी. गौरव उससे मुलाकात करता है. दोनों के बीच वहीं बातचीत शुरू होती है. बात चल ही रही होती कि तभी पीछे से तीन लोग आते हैं और गौरव को अगवा कर साथ ले जाते हैं. 

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अपहरण के फौरन बाद गौरव को नशे का इंजेक्शन दिया जाता है और अपहरणकर्ता सीधे उसे गोंडा से दिल्ली ले जाते हैं. यूपी के बहराइच में गौरव के पिता निखिल हलदल उसी शाम करीब 4 बजे अपने मेडिकल स्टोर पर बैठे थे. तभी उनके फोन की घंटी बजी. फोन करने वाले ने निखिल हलदल को बताया कि उनके बेटे का अपहरण हो चुका है. उसे सही सलामत चाहते हैं तो 70 लाख रुपये का इंतज़ाम कर लें. 

ये बात सुनकर गौरव के पिता को एकाएक यकीन नहीं हुआ. इस बात को कन्फर्म करने के लिए उन्होंने अपने बेटे गौरव के हॉस्टल में फोन किया. वहां से पता चला कि गौरव हॉस्टल में नहीं है. ये सुनकर निखिल घबरा गए. परेशान होकर उन्होंने पुलिस को फोन किया और बेटे के अपहरण की जानकारी दी. गौरव के पिता ने पुलिस को अपने मोबाइल पर किडनैपर्स और उनके बेटे की आवाज़ की रिकॉर्डिंग भी सुनाई. जिसमें उनका बेटा कह रहा है कि पापा ये मुझे मार देंगे. मुझे बचा लो.

इसके बाद किडनैपर्स एक और धमकी देते हैं, इस धमकी से तो जैसे गौरव के पिता के हाथ-पैरों को दम ही निकल जाता है. अपहरणकर्ता उन्हें कहते हैं कि अगर उनकी बात नहीं मानी तो वे अपने बेटे को बोरी में भरकर ले जाएंगे. 

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पुलिस को समझ में नहीं आता कि आखिर ये किडनैपर्स कौन हैं. पुलिस को ना कोई सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मिल रही थी, ना कोई चश्मदीद. अब पुलिस उस नंबर की पड़ताल करती है, जिससे कॉल करके फिरौती मांगी गई थी. फिर पुलिस ने हाइवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की. तब पता लगा कि आरोपी दिल्ली के नवादा इलाके में छुपे हुए हैं. गोंडा पुलिस की टीम फौरन दिल्ली के लिए रवाना हो गई.

दिल्ली पहुंचकर गोंडा पुलिस की टीम दो दिनों तक दिल्ली-नोएडा के अलग-अलग इलाकों में भटकती रही. लेकिन उन्हें गौरव का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था. इसी दौरान 21 जनवरी को गौरव के पिता के पास फिर से अपहरणकर्ताओं का फोन आया और फिरौती की मांग की. इस बार किडनैपर्स बेहद गुस्से में थे और उन्होंने फिरौती की रकम 70 लाख से बढ़ाकर 80 लाख कर दी. बातचीत के दौरान बदमाशों ने गौरव के पिता को काफी गालियां भी दीं.

जिस तरह से किडनैपर्स की गौरव के पिता से बात हुई, बदमाशों को लगने लगा कि फिरौती की रकम उन्हें मिलने वाली है. इस बीच वे गौरव को कार से लेकर लखनऊ की तरफ निकल पड़े. तभी पुलिस को उनके मूवमेंट की जानकारी मिल गई. इसके बाद पुलिस ने तुरंत नोएडा एसटीएफ से संपर्क किया और दोनों की संयुक्त टीम ने आरोपियों को यमुना एक्सप्रेस वे के पास घेर लिया. 

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पुलिस का कहना है कि खुद को पुलिस के बीच घिरा देखकर भी आरोपी घबराए नहीं. ना ही उन्होंने सरेंडर किया. बल्कि वे पुलिस टीम पर गोली चलाते हुए भागने की कोशिश करने लगे. लेकिन पुलिस ने इस मुठभेड़ में तीन आरोपियों को दबोच लिया. और कार से ही बेहोशी की हालत में पीड़ित गौरव को भी बरामद कर लिया. पुलिस ने गौरव के पिता को फोन किया और वो फौरन नोएडा आ गए. जैसे ही बेटा सामने आया, दोनों बाप-बेटे लिपटकर रोने लगे. गौरव ने बताया कि बदमाशों ने उसे किसी कैबिन में बंद करके रखा था. 

अब तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके थे. मगर ये बदमाश थे कौन. जब इस बात का खुलासा हुआ तो सब दंग रह गए. आरोपियों की पहचान डॉ. अभिषेक सिंह, नितेश और मोहित सिंह के तौर पर हुई. पुलिस ने उनके पास से घटना में इस्तेमाल की गई एक कार, देसी तमंचा और कारतूस बरामद किए. गौरव को बेहोश करने के लिए प्रयोग हुआ नशे का इंजेक्शन भी बरामद कर लिया गया. 

पुलिस ने बताया कि जिस लड़की ने गौरव को अपने जाल में फंसाया था, उसका नाम डॉ. प्रीति मेहरा है. प्रीति ने गौरव को फोन करके मिलने के लिए बुलाया और फिर उसको अगवा कर लिया गया. गौरव को फ्लैट में बंद करके रखा गया था. उसे नशे का इंजेक्शन देकर बेहोश किया गया था. लेकिन गोंडा और नोएडा पुलिस ने किडनैपर्स का सारा खेल बिगाड़ कर रख दिया. अभी डॉक्टर प्रीति फरार है. पुलिस उसकी तलाश कर रही है.

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पुलिस के मुताबिक इस वारदात का मास्टरमाइंड डॉ. अभिषेक है. अभिषेक ने रोहित के साथ मिलकर इस वारदात की साजिश रची थी. और इस साजिश को अंजाम देने के लिए अपनी सहयोगी डॉक्टर प्रीति को भी शामिल कर लिया था. दरअसल, अभिषेक भी गोंडा का ही रहने वाला है. वो जानता था कि गौरव हॉस्टल में रहकर बीएएमएस की पढ़ाई कर रहा है. पीड़ित का एक और जानकर रोहित भी अभिषेक को जनता था. 

इन दोनों ने पैसा कमाने के लिए गौरव के अपहरण की साजिश रची. इसके लिए अभिषेक ने अपनी महिला मित्र डॉक्टर प्रीति को हनी ट्रैप के लिए इस्तेमाल किया. पहली बार उसने 15 जनवरी को गौरव के नंबर पर कॉल की. और दो दिन में ही दोनों की दोस्ती हो गई और कई बार दोनों ने एक दूसरे को कॉल की. इसके बाद वे सब 18 की शाम को पीड़ित के हॉस्टल के पास पहुंचे. 

प्रीति ने फ़ोन कर गौरव को बाहर बुलाया और फिर रोहित, अभिषेक, मोहित, नितेश सबने मिलकर पीड़ित को इंजेक्शन लगाकर कार में डाल लिया और उसे दिल्ली ले आए. दिल्ली में वे नवादा के पास छिपे रहे. फिर वे लखनऊ की तरफ जा रहे थे. तभी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और दो आरोपियों सतीश और रोहित को गोंडा से गिरफ्तार किया गया.

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