हाथरस कांड के बाद जो गुस्सा गुबार बनकर फूटना शुरू हुआ था, वो करीब 10 दिनों में साज़िश और कमशकश के बाद अब चक्रव्यूह में उलझा नज़र आ रहा है. ये चक्रव्यूह सिर्फ एक चक्र से नहीं बल्कि कई चक्रों से मिलकर बना लगता है. लिहाज़ा इसके एक-एक चक्र को समझने, परखने और जांचने की दरकार है. तो शुरुआत सबसे पहले उस रात से, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि हाथरस के बूलगढ़ी के 4 मनचलों ने गांव की बेटी के साथ ना सिर्फ ज्यादती की, बल्कि उसे बुरी तरह ज़ख्मी भी कर डाला. जिस जगह से ज़ुल्म की ये दास्तान शुरू होती है, ठीक उसी जगह से साज़िश की बू भी आने लगती है.
हाथरस के 'चक्रव्यूह' का पहला चक्र!
इस कांड में सबसे बड़ा मोड़ तब सामने आया, जब पता चला कि जिस रात ये वारदात हुई, ठीक उसी रात वारदात से पहले पीड़िता का भाई, अपनी बहन के हत्याकांड के मुख्य आरोपी संदीप सिंह से लगातार बात कर रहा था. वो भी छोटी नहीं बल्कि दोनों नंबरों पर लंबी बातचीत हुई. सवाल ये कि जब युवती और आरोपी संदीप सिंह के घरों का फासला भी ज्यादा नहीं है. तो मोबाइल के जरिये दोनों नंबरों पर इतनी बातचीत की वजह आखिर क्या है.
कॉल डिटेल से ये खुलासा हुआ है कि पीड़िता के भाई के नंबर से आरोपी संदीप सिंह के नंबर पर एक दो बार नहीं बल्कि 62 बार और संदीप के नंबर से युवती के भाई के मोबाइल पर 42 बार काल की गई. कॉल डिटेल से ये भी सामने आया है कि इन बाचतीत के दौरान दोनों नंबरों की लोकेशन भी गांव की ही थी. यानी इतना तो तय है कि पीड़िता के भाई और मुख्य आरोपी के बीच पुरानी जान-पहचान है. इस खुलासे के बाद पुलिस ने इसकी जांच शिद्दत से शुरू कर दी है. साथ ही मुख्य आरोपी से पूछताछ भी हो रही है. हालांकि पुलिस इस मसले पर फिलहाल कुछ बोलने को राज़ी नहीं.
हाथरस के 'चक्रव्यूह' का दूसरा चक्र!
इस मामले की जांच यूपी एसआईटी कर रही है. मगर जिस तरह इस मामले ने तूल पकड़ा, उसे देखते हुए यूपी सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश भी कर दी है. हालांकि अभी CBI जांच शुरू होने में वक्त लग सकता है. मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है. ऐसे में जांच की प्रक्रिया क्या होगी. ये कोर्ट से तय होगा. कोर्ट की निगरानी में CBI जांच के लिए भी यूपी सरकार कह चुकी है. लेकिन परिवार को CBI जांच पर भरोसा नहीं.
घरवाले लगातार न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं. लगातार तफ्तीश के बीच हाथरस अभी छावनी में तब्दील है. मामले की संजीदगी को देखते हुए परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. वहीं हाथरस का सच सामने आने में 10 दिन का और वक्त लग सकता है, क्योंकि यूपी सरकार ने एसआईटी को फाइनल रिपोर्ट देने के लिए 10 दिन और दिए हैं.
हाथरस के 'चक्रव्यूह' का तीसरा चक्र!
इस केस में जो दिल दलहा देने वाला सच इस चक्रव्यू को तोड़कर बाहर आया है. वो ये है कि इस मामले को मुद्दा बनाकर यूपी में दंगे कराने की साज़िश रची जा रही थी. और इसके लिए 100 करोड़ की फंडिंग का खुलासा भी हुआ है. इतना ही नहीं इसमें मॉरिशस कनेक्शन भी सामने आ रहा है. इस इंटरनेशनल साजिश का पर्दाफाश तब हुआ जब यूपी पुलिस ने मथुरा के टोल प्लाजा से चार संदिग्ध लोग गिरफ्तार किए गए.
बताया जा रहा है कि इनका ताल्लुक पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई से है. आग की तफ्शीश से पता चला कि हाथरस में दंगे की साज़िश के तार मॉरिशस से जुड़ रहे हैं. और इसके लिए 100 करोड़ से ज्यादा की फंडिंग भी जुटाई गई थी. लेकिन खुफिया एजेंसियों ने इस इंटरनेशनल साजिश के प्लान को पहले ही फेल कर दिया.