हाथरस कांड को लेकर हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं. पीड़ित परिवार जहां नार्को टेस्ट से इनकार करते हुए न्याय की गुहार लगा रहा है, वहीं आरोपियों के परिजन भी दूध का दूध और पानी का पानी करने की मांग कर रहे हैं. इस बीच एक आरोपी संदीप और पीड़ित परिवार के बीच बातचीत का फोन कॉल रिकॉर्ड भी सामने आया है, जिसके बाद मामले की जांच में नया मोड़ आ गया है.
पीड़ित परिवार और आरोपी संदीप के बीच बातचीत को लेकर एक आरोपी रामू की मां ने कहा कि इसकी हमें कोई जानकारी नहीं है. हम इस पर कुछ नहीं बोलेंगे. उन्होंने कहा कि अगर परिवार वाले यह कह रहे हैं कि उनका नंबर है, तो यह संदीप के पास कैसे पहुंचा? आरोपी की मां ने आशंका जताई कि संदीप को यह नंबर उस लड़की ने ही दिया होगा.
अपने बेटे रामू को निर्दोष बताते हुए मां ने कहा कि वह तो चिलर (डेरी) गया था. वह दावा करती हैं कि रामू सुबह जाता था और शाम को वापस आता था. मां ने कहा कि हम तो कह रहे हैं कि जहां काम करता था, उसकी हाजिरी देख सकते हो. उसके स्टाफ से पूछ सकते हो. उन्होंने कहा कि उसे पुलिस पहले भी पकड़ ले गई थी. चार दिन तक उसे थाने में रखा गया था. चार-पांच दिन बाद जब संदीप हाजिर हो गया, तब उसे छोड़ दिया गया था.
रामू की मां ने सवालिया अंदाज में कहा कि अगर वह मुलजिम था तो उसको छोड़ा क्यों? आजतक से बात करते हुए आरोपी की मां ने कहा कि इस केस में उसका नाम बाद में लिखवा दिया गया. हमने उसे पुलिस के सामने हाजिर करा दिया. रामू पर लगे आरोप झूठे बताते हुए मां ने कहा कि अगर दोषी है तो उसे गोली मार दो. नार्को टेस्ट करा लो, सीबीआई जांच करा लो, जांच निष्पक्ष होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि हम भी सच जानना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि बेटी चाहे हमारी हो या उनकी, बेटी होती है. हम चाहते हैं कि इस मामले में न्याय होना चाहिए. पीड़ित परिवार की ओर से बार-बार बयान बदले जा रहे हैं. लड़की पहले ठीक थी, जब दिल्ली गई तो उसकी मौत हो गई. आरोपी रामू की मां की तरफ से कहा गया कि पीड़िता के परिवार की तरफ से बार-बार बयान बढ़ते बदला जा रहा है.