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7 साल बाद फिर लौटा 'स्टोन मैन' का आतंक, खुलेआम देता है धमकी

राजकोट के इतिहास में ये पहला मौका नहीं है. बल्कि आज से ठीक सात साल पहले इसी तरह गुमनाम कातिल ने एक-एक कर तीन लोगों को पत्थरों से कुचल कर मौत के घाट उतार दिया था.

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वो रात के अंधेरे में आता है और सुनसान जगहों पर अकेले होने वाले किसी भी शख्स का सिर पत्थरों से कुचल अंधेरे में ही गायब हो जाता है. इस तरह ये शख्स पिछले डेढ़ महीने में तीन लोगों की जान ले चुका है. लेकिन हर कत्ल के बाद वो पुलिस को चैलेंज करना नहीं भूलता. क्योंकि हर कत्ल के बाद वो अपने शिकार के मोबाइल से ही फोन कर उनके घरवालों को कत्ल की सूचना भी देता है. आखिर कौन है ये पत्थर वाला कातिल? और क्या है इस स्टोन मैन का राज?

गुजरात के राजकोट शहर में बुधवार 20 अप्रैल की सुबह शहर के रेलवे इलाके में पुलिस को एक लाश मिलती है. लाश का सिर किसी भारी पत्थर से बुरी तरह कुचला गया है. और पास ही खून से सना एक पत्थर भी पड़ा है. जिसे देख लगता है कि मरने वाले की जान पत्थर से कुचल कर ही ली गई है. लेकिन इससे पहले कि पुलिस अपनी तफ्तीश आगे बढ़ाती, उसे एक चौंकाने वाली बात पता चलती है. वो ये कि कातिल ने मरने वाले शख्स के घर उसी के मोबाइल से एक कॉल किया था. और उसने कहा था 'मैंने इसको टपका दिया है. जो कर सकते हो, कर लो.'

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पांच दिन बाद फिर हुई घटना
घटना के ठीक पांच दिन बाद यानी मंगलवार, 25 अप्रैल की सुबह भी ठीक ऐसी ही एक दूसरी वारदात सामने आती है. इस बार लाश शहर के गांधीग्राम इलाके से मिली है. लेकिन इस बार भी लाश का सिर किसी भारी पत्थर से कुचला हुआ है. अभी पुलिस पांच दिन पहले हुए उस कत्ल के साथ इस नई वारदात को जोड़ कर देख ही रही होती है कि उसे एक अजीब सी बात पता चलती है कि उसके होश उड़ जाते हैं. क्योंकि इस बार भी कातिल ने मरने वाले के मोबाइल फोन से उसके घरवालों को फोन किया है. और फिर वही बात कही है 'मैंने इसको टपका दिया है. जो कर सकते हो, कर लो!'

अब पुलिस को ये लगने लगता है कि हो ना हो इन दोनों ही वारदातों के पीछे किसी एक ही शख्स या गैंग का हाथ है. जो ना सिर्फ पत्थरों से कुचल कर लोगों की जान ले रहा है, बल्कि मरने वाले के घरवालों को फोन कर एक ही तरह से डरा भी रहा है और चुनौती भी दे रहा है.

तीसरी लाश मिलने से सनसनी
अब पुलिस अपनी तफ्तीश और तेज कर देती है. वो हर हाल में मामले की तह तक जल्द से जल्द पहुंचना चाहती है. लेकिन कई रोज गुजरने के बाद ना तो कत्ल का मकसद पता चलता है और ना ही कातिल का. उधर, धीरे-धीरे लोगों की याददाश्त से दोनों ही वाकये धुंधलाने लगते हैं. लेकिन ठीक 38 रोज बाद. गुरुवार, 2 जून को एक और ऐसी वारदात सामने आती है, जिससे पुलिसवालों के साथ-साथ आम शहरियों के पैरों तले भी जमीन खिसक जाती है. और इस बार शहर में पत्थरों से कुचली तीसरी लाश मिलती है. चूंकि इस बार भी लाश सुबह ही मिली है, शक है कि पहले दो कत्ल की तरह इस बार भी वारदात रात के अंधेरे में ही अंजाम दी गई है. और सितम देखिए कि इस बार भी कातिल ने मरने वाले के घरवालों को फोन किया है. और इस बार भी फोन पर वही दो पंक्तियां कहीं.

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जाहिर है, अब ये बात पूरी तरह साफ है कि तीनों ही मामलों का एक दूसरे से ना सिर्फ बेहद करीबी रिश्ता है, बल्कि तीनों ही कत्ल का गुनहगार कोई एक ही है, जो ना सिर्फ एक-एक लोगों की जान ले रहा है. बल्कि उन्हीं के मोबाइल से उनके घरवालों को फोन कर उन्हें डराने और रुलाने की कोशिश कर रहा है. लेकिन सवाल ये है कि आखिर ये शख्स है कौन? और वो क्यों एक-एक कर लोगों की जान ले रहा है?

कातिल के बारे में बस इतना जानती है पुलिस...
स्टोन मैन के खौफ ने राजकोट शहर की रातों की नींद हराम कर दी है. सुनसान जगहों पर अकेले होने वाले लोग जल्दी घर लौटना चाहते हैं. क्या पता. कब, कहां से स्टोन मैन आ जाए. और सिर कुचल कर आगे निकल जाए. लेकिन ये स्टोन मैन कितना शातिर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वो कत्ल के बाद अपने शिकार का मोबाइल फोन तो लूटता है, लेकिन उससे उनके घरवालों को एक कॉल करने के बाद मोबाइल दोबारा कभी ऑन नहीं करता. शहर में स्टोन मैन कातिल खुला घूम रहा है. और कत्ल के इस सिलसिले को शुरू हुए चालीस दिनों का वक्त गुजरने के बावजूद पुलिस के हाथ खाली हैं. पुलिस अगर इस रहस्यमयी कातिल के बारे में ले दे कर कुछ जानती है, तो सिर्फ इतना कि पिछले चालीस दिनों में इस गुमनाम कातिल ने ना सिर्फ एक-एक कर तीन लोगों को मौत के घाट उतारा है, बल्कि हर बार पत्थर से सिर कुचल कर लोगों की जान लेने के बाद उनके घरवालों को एक ही तरीके से फोन कर कत्ल की खबर भी दी है.

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कत्ल के पीछे का असली मकसद क्या है?
छानबीन के दौरान पुलिस को ये पता चला कि हर कत्ल के साथ कातिल ने मरने वालों के रुपये-पैसे और दूसरी कीमती चीजें लूटी, साथ ही उनका मोबाइल फोन भी लूट लिया. ऐसे में अब पुलिस को फिलहाल ये समझ में नहीं आ रहा है आखिर इन कत्ल के पीछे का असली मकसद क्या है? अगर मकसद लूट का है, तो फिर कातिल एक ही तरह से पत्थरों से कुचल कर अपने शिकार की जान क्यों ले रहा है और क्यों हर बार वो फोन कर वारदात का शिकार हुए लोगों के घरवालों को दुखी करता है? और अगर कत्ल के पीछे कोई और वजह है, तो वो क्या है? क्या ये किसी साइको किलर की करतूत है? या फिर पुलिस से खार खाए किसी ऐसे गुनहागर की हरकत, जो उसे चैलेंज करने के लिए यूं एक-एक कर बेगुनाहों की जान ले रहा है. सवाल तमाम हैं और फिलहाल राजकोट पुलिस के पास जवाब एक भी नहीं.

सात साल पहले भी आया था स्टोन मैन
राजकोट के इतिहास में ये पहला मौका नहीं है. बल्कि आज से ठीक सात साल पहले इसी तरह गुमनाम कातिल ने एक-एक कर तीन लोगों को पत्थरों से कुचल कर मौत के घाट उतार दिया था. एक वो दिन था. और एक आज का दिन. इस पत्थर मार कातिल की वापसी ने लोगों को उन्हीं पुराने दिनों की याद दिला दी है. जानकार बताते हैं कि साल 2009 में भी ठीक इसी तरह तीन लोगों को पत्थरों से कुचल कर मारे जाने की वारदात सामने आई थी. इसके बाद पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया था. लेकिन जब इन लोगों ने कत्ल के पीछे की कहानी सुनाई, तो पुलिसवाले भी चौंक गए.

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सिर्फ रिकॉर्ड के लिए कत्ल!
साल 2009 में दो कातिलों ने सिर्फ रिकॉर्ड बनाने के लिए तीन लोगों का कत्ल किया था. वो मुंबई के सीरियल किलर राघव रमन के कत्ल का रिकॉर्ड तोड़ना चाहते थे. राघव रमन के बारे में कहा जाता है कि उसने अपने दौर में 55 लोगों की जान ली थी. हालांकि सात साल पहले के राजकोट के कातिल तब सुबूतों के अभाव में बरी हो गए थे. लेकिन अहम बात ये थी कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद उन दिनों कत्ल का सिलसिला रुक गया था.

अब एक बार फिर से राजकोट पुलिस के सामने वैसी ही चुनौती है. चुनौती इस नए स्टोन मैन उर्फ पत्थरमार कातिल उर्फ सीरियल किलर को दबोचने की. और ये भी एक इत्तेफाक ही है कि इधर राजकोट इस नए सीरियल किलर से डर से सहमा है. उधर, बालीवुड में अपने दौर से खौफनाक सीरियल किलर राघव रमन पर भी एक फिल्म बन कर तकरीबन तैयार है.

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