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कानपुर शूटआउटः विकास दुबे के भतीजे अमर दुबे की शादी में सुलगी थी बिकरू कांड की चिंगारी

विकास दुबे के भतीजे और शार्गिद अमर दुबे की शादी खुशी के साथ 29 जून को हुई थी. लेकिन तब उस शादी में ज्यादा लोग शामिल नहीं हुए थे. इसलिए दूसरे दिन यानी 30 जून को विकास दुबे ने सभी यार-दोस्तों के लिए खास पार्टी का इंतजाम किया था.

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अमर दुबे की शादी में विकास के खास मेहमानों के लिए अलग पार्टी दी गई थी (फाइल फोटो)
अमर दुबे की शादी में विकास के खास मेहमानों के लिए अलग पार्टी दी गई थी (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 29 जून 2020 को हुई थी शूटर अमर दुबे की शादी
  • 30 जून 2020 को विकास दुबे ने दी थी खास पार्टी
  • 2 जुलाई 2020 को हुआ था खूनी बिकरू कांड

कानपुर के बिकरू शूटआउट में आठ पुलिसवालों की जान लेने वाले गैंगस्टर विकास दुबे के भतीजे अमर दुबे की शादी में कई पुलिसवालों के साथ-साथ कुख्यात शूटर भी शामिल हुए थे और उस शादी की दावत के दो दिन बाद ही 2 जुलाई को विकास दुबे ने अपने गांव में खाकी पर कहर बरपाया था. ये बात कम ही लोग जानते हैं कि 2 जुलाई की उस आग की चिंगारी 30 जून 2020 को ही सुलगी थी. 

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दरअसल, विकास दुबे के भतीजे और शार्गिद अमर दुबे की शादी खुशी के साथ 29 जून को हुई थी. लेकिन तब उस शादी में ज्यादा लोग शामिल नहीं हुए थे. इसलिए दूसरे दिन यानी 30 जून को विकास दुबे ने सभी यार-दोस्तों के लिए खास पार्टी का इंतजाम किया था. शादी के दोनों कार्यक्रम विकास दुबे के घर पर ही आयोजित किए गए थे. जिसका पूरा खर्चा भी खुद विकास ने ही उठाया था. 

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अमर दुबे विकास का भतीजा ही नहीं बल्कि सबसे तेज शूटर भी था. 30 जून की उस पार्टी में विकास के परिचित बड़े-बड़े शूटर शामिल हुए थे. उस पार्टी में इलाके के चौकी इंचार्ज के.के. शर्मा भी अपनी पुलिस टीम के साथ मौजूद थे. जो इस वक्त विकास की मदद करने के आरोप में जेल में बंद है. उनके साथ चौबेपुर के थानेदार रहे विनय अवस्थी भी जेल में हैं. लेकिन विनय 30 जून की पार्टी में शामिल नहीं हुए थे.

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पार्टी में उठा था राहुल तिवारी की जमीन का मसला

30 जून की पार्टी में ही विकास जब अपने खतरनाक साथियों के साथ बैठा था, तभी राहुल तिवारी की जमीन का मामला वहां जोर शोर से उठा था. विकास को बताया गया कि राहुल तिवारी बिल्हौर के सीओ देवेंद्र मिश्रा के दम पर फूल रहा है. उसने सीओ से विकास की शिकायत की है. राहुल ने सीओ से कहा था कि विकास दुबे मुझे जमीन को लेकर धमका रहे हैं. राहुल तिवारी जस्सी निवादा गांव का रहने वाला था. उसकी विकास के रिश्तेदार बाल मुकुंद के यहां रिश्तेदारी थी. राहुल अपनी ससुराल की जमीन बेचकर तीसरे नंबर की साली की शादी करना चाहता था.

अपने रिश्तेदार को जमीन दिलवाना चाहता था विकास

जबकि गैंगस्टर विकास दुबे वो जमीन अपने रिश्तेदार को दिलवाना चाहता था. विकास ने राहुल को ऐसा न करने की धमकी दी थी लेकिन राहुल ने उसकी शिकायत पहले चौबेपुर थाने में की. वहां विकास का खास दोस्त विनय अवस्थी थानेदार था. इसलिए सुनवाई नहीं हुई तो राहुल ने बिल्हौर के सीओ देवेंद्र मिश्रा से इस बारे में शिकायत की थी. 

  

'राहुल का यहीं इंतजाम करेंगे'

यही बात जब 30 जून को पार्टी में विकास और उसके साथियों के सामने उठी तो विकास को गुस्सा आ गया था. उसने अपने शूटरों से कहा था कि कल यानी एक जुलाई को राहुल को पकड़कर ले आना. उसका यहीं इंतजाम करेंगे. समारोह की रौनक में विकास का आदेश सुनते ही प्रभात अवस्थी और अमर दुबे आग बबूला हो गए थे. विकास दुबे ने शूटरों को ये अधिकार भी दे दिया था कि अगर राहुल नहीं मानेगा तो उसको उड़ा देना.

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राहुल तिवारी की हुई पिटाई

इसके दूसरे दिन सुबह ही विकास के शागिर्दों ने राहुल तिवारी को रास्ते से पकड़कर विकास के आगे पेश किया था. राहुल को पीटने के बाद विकास ने उसको अपने घर में ही बंधक बना लिया था. जिसको छुड़ाने के लिए शाम को खुद चौबेपुर के थानेदार विनय अवस्थी विकास के घर आए थे. बताया जाता है कि विकास ने पहले विनय को भी बेइज्जत किया था. लेकिन विनय ने उसे अपनी नौकरी का वास्ता दिया. तब विकास ने राहुल को थानेदार के साथ भेज दिया था. लेकिन साथ ही राहुल को धमकी दी थी कि अब उस जमीन के बारे में सोचना भी नहीं.

विकास दुबे पर रेड की खबर हुई लीक

एक जुलाई को छूटने के बाद राहुल ने 2 जुलाई को सीओ देवन्द्र मिश्रा को जाकर पूरी घटना की जानकारी दी. सीओ देवन्द्र मिश्रा ने राहुल की शिकायत पर  चौबेपुर में विकास दुबे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. इसके बाद सीओ देवेंद्र मिश्रा ने 2 जुलाई की रात ही बिकरू गांव में दबिश देकर विकास को पकड़ने की योजना बनाई थी लेकिन चौबेपुर की पुलिस ने इस योजना को पहले ही विकास दुबे तक पहुंचा दिया था. 

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पुलिस आने की जानकारी मिलते ही विकास ने अपने दो दर्जन शूटरों को घर के चारों तरफ पहले से मुस्तैद कर दिया था और उसी का परिणाम था कि 2 जुलाई की रात पुलिस के वहां पहुंचते ही एक साथ आठ-आठ पुलिसकर्मियों को विकास दुबे के गैंग मौत के घाट उतार डाला था. उसने बेरहमी के साथ पुलिसवालों का कत्ल किया था.

 

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