गैंगरेप एक ऐसा लफ्ज है जिसे सुनते ही सिरहन दौड़ जाती है, मन खट्टा हो जाता है लेकिन क्या आप यकीन करेंगे कि इस दुनिया में ऐसे भी लोग मौजूद हैं, जो गैंगरेप जैसी किसी संगीन वारदात को भी हथियार बना कर किसी को ब्लैकमेल कर सकते हैं? ऐसी एक जहरीली जोड़ी है जो गैंगरेप की झूठी रिपोर्ट लिखवा कर लोगों को ब्लैकमेल करती थी लेकिन इस बार बाजी उल्टी पड़ गई और एक स्टिंग ऑपरेशन में इस जोड़ी की असलियत कैद हो गई.
दिल्ली पुलिस ने गैंगरेप के नाम पर ब्लैकमेलिंग और सौदेबाजी के इल्जाम में जिस जोड़ी को गिरफ्तार किया है उसकी करतूत ही कुछ ऐसी है. एक स्टिंग ऑपरेशन में ये ब्लैकमेलर जोड़ी खुद अपनी जुबान से अपना गुनाह कुबूल करती दिख रही है और ये स्टिंग ऑपरेशन इस जोड़ी की ताबूत में आखिरी कील साबित हुआ.
स्टिंग ऑपरेशन में सामने आया सच
स्टिंग में गैंगरेप की रिपोर्ट लिखवाने वाली लड़की अपनी पार्टनर के साथ खुद ही गैंगरेप के मुल्जिमों से बात कर रही है. और न सिर्फ बात कर रही है, बल्कि खुलेआम से ये कह रही है कि कैसे वो अगली बार जब पुलिस के सामने बयान देगी तो खुद अपनी ही बातों से मुकर जाएगी. कह देगी कि जब ज्यादती हुई तब वो नशे में थी और पुलिस ने जिन लड़कों को पकड़ा, ये न तो वो लड़के हैं और न ही ये वो कार है, जिसमें उसके साथ गैंगरेप की वारदात हुई थी.
करते थे टार्गेट का पीछा
दरअसल, ये कहानी है दिल्ली की उस जहरीली जोड़ी की जो घूम-घूम कर अपने शिकार की तलाश करती थी. फिर ये कुछ लड़कों को टार्गेट कर उन पर गैंगरेप का झूठा इल्जाम लगा देती. और जब शिकार जाल में फंस जाता, तो फिर शुरू होता है गैंगरेप की झूठी रिपोर्ट के बदले ब्लैकमेलिंग और सौदेबाजी का खेल लेकिन इस तरह एक के बाद एक कई लोगों को लूटने के बाद जब इस जोड़ी ने दिल्ली की सनलाईट कॉलोनी थाने में 10 जून की रात गैंगरेप की जो आखिरी रिपोर्ट लिखाई, वही झूठी रिपोर्ट इनके लिए जी का जंजाल साबित हुई. इनका भांडा फूट गया लेकिन गैंगरेप के इल्जाम से ब्लैकमेलिंग के जाल बिछाने तक, किसी को लूटने का इनका तरीका बड़ा ही अजीब और चौंकानेवाला था.
वीडियो ने खोली झूठी लड़की की पोल
बेगुनाहों को गैंगरेप के झूठे इल्ज़ाम में फंसा कर उन्हें ब्लैकमेल करनेवाली जोड़ी ने इस बार दो लड़कों को अपने जाल में फंसाया था. दो ऐसे लड़के, जो इस लड़की को जानते तक नहीं थे. पुलिस ने लड़की की शिकायत पर दोनों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कर ली लेकिन ऐन मौके पर मिले एक फुटेज ने लड़की की चुगली कर दी. इस फुटेज में ये लड़की नजर आ रही थी.
क्या है पूरा मामला?
पुलिस को सौ नंबर पर एक कॉल मिलती है. कॉल करने वाली लड़की बेहद परेशान है और बताती है कि एक मारुति स्विफ्ट कार में अगवा कर उसके साथ तीन लड़कों ने बलात्कार किया है. चूंकि शिकायत बेहद संगीन है इसलिए कॉल सुनते ही पुलिस हरकत में आ जाती है. फौरन एक पीसीआर वैन लड़की के बताए ठिकाने पर आईटीओ के करीब पहुंचती है, जहां पीड़ित लड़की और उसका एक दोस्त पुलिस को मिलते हैं. दोनों बताते हैं कि अभी वो निजामुद्दीन के कमसम रेस्त्रां में डिनर के लिए जा ही रही थी कि रास्ते में लड़की को एक स्विफ्ट कार में आए लड़कों ने अगवा कर लिया और चलती कार में ही उसके साथ गैंगरेप किया गया. इसके बाद गैंगरेप करने वाले लड़के उसे आईटीओ के पास फेंक कर चले गए.
पुलिस को पहली बार हुआ शक
निर्भया कांड के बाद जब देश में गैंगरेप के मामलों को लेकर इतनी हलचल हो, ठीक उसी तर्ज पर फिर से दिल्ली में किसी लड़की को अगवा कर उसके साथ गैंगरेप की कहानी वाकई पुलिस को परेशान कर देती है. लिहाज़ा, पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर तेजी से तफ्तीश शुरू कर देती है. लेकिन इसके बाद पुलिस को तब पहली बार झटका लगता है, जब लड़की के बताए नंबर के मुताबिक वो उस स्विफ्ट कार ट्रेस करती है, जिसमें गैंगरेप की बात कही गई है. ये बात उभर कर सामने आती है कि उस रात उस स्विफ्ट कार में निजामुद्दीन तक जाने वाले लड़के तीन नहीं, बल्कि दो ही थे. और दोनों ही लगातार गैंगरेप के इल्जाम से हैरान हो रहे थे.
झूठी निकली लड़की की कहानी
ऐसे में पुलिस को रिपोर्ट लिखवाने वाली लड़की पर शक होने लगा, लेकिन वो किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले तस्दीक करना चाहती थी. और इसी इरादे से वो उस रेस्त्रां तक भी पहुंची, जिसके बाहर से लड़की के अगवा होने की बात कही गई थी. लेकिन रेस्त्रां के सीसीटीवी फुटेज में उसे एक ऐसी तस्वीर नजर आई, जिसने उसके कान खड़े कर दिए. दरअसल, इस फुटेज में खुद को पीड़ित बताने वाली लड़की रेस्त्रां के अंदर बड़े आराम से घूमती नज़र आ रही थी जबकि लड़की ने अपनी शिकायत में ये कहा था कि गैंगरेप करने वाले लड़कों ने उसे रेस्त्रां तक पहुंचने से पहले ही अगवा कर लिया था.
पुलिस ने लड़कों से कराया स्टिंग ऑपरेशन
ऐसे में सवाल ये था कि फिर वो लड़की रेस्त्रां के अंदर सीसीटीवी कैमरे में कैसे कैद हुई? जाहिर है, लड़की झूठ बोल रही थी. उधर, लड़के पुलिस से ये फरियाद तो कर रहे थे कि मामला झूठा है, साथ ही ये भी बता रहे थे पीड़ित लड़की और उसका दोस्त गैंगरेप की रिपोर्ट वापस लेने के लिए उनसे दस लाख रुपए मांग रहे हैं. अब मामला यू टर्न लेने को तैयार था और तभी पुलिस ने आखिरी सुबूत के तौर पर एक स्टिंग ऑपरेशन करवाने का फैसला किया. ऑपरेशन झूठी शिकायत करने वाली लड़की और उसके दोस्त का.
स्टिंग में ब्लैकमेलर्स ने खोल दी अपनी पोल
पुलिस को अब इस जहरीली जोड़ी के खिलाफ कई सुबूत मिल चुके थे लेकिन ताबूत में आखिरी कील ठोंकने के लिए उसे एक और सुबूत का इंतजार था. लिहाज़ा, पुलिस ने इस जोड़ी का शिकार बने लड़कों को ही उनका स्टिंग ऑपरेशन करने के लिए तैयार किया. फिर इस जोड़ी ने खुफिया कैमरे पर ऐसी-ऐसी बातें कही कि सुनने वाले बस, सुनते रह गए. इस स्टिंग ऑपरेशन में रिपोर्ट का सच तो सामने आ ही गया, ये भी साफ हो गया कि कैसे रिपोर्ट लिखवाने वाली लड़की और उसका दोस्त अपने शिकार यानी मामले के मुल्जिमों से एफआईआर वापस लेने के लिए दस लाख रुपए मांग कर रहे थे.
पुलिस ने किया ब्लैकमेलर जोड़ी को गिरफ्तार
इस मामले में लड़की के बार-बार बदलते बयान और लड़कों की बेगुनाही के एक के बाद एक कई सुबूतों से अब मामला शीशे की तरह साफ हो चुका था. लिहाज़ा, पुलिस ने गैंग रेप का मामला खारिज कर उल्टा लड़की और उसके पार्टनर को ही गिरफ्तार कर लिया. अब गैंगरेप के नाम पर ब्लैकमेल करने वाले ये दोनों धंधेबाज शिकंजे में आ चुके थे और साथ ही सामने चुका इनका पूरा कच्चा-चिट्ठा.
आरोपियों ने किए कई खुलासे
गैंगरेप की झूठी रिपोर्ट लिखवाने के इल्जाम में पुलिस ने सपना नाम की लड़की को उसके दोस्त के साथ गिरफ्तार कर लिया. लेकिन जब तफ्तीश आगे बढ़ी, तो पता चला लाखों लुटवा चुके इस जोड़ी के शिकार और भी थे. जैसे-जैसे मामले की तफ्तीश आगे बढ़ती है इस लड़की और उसके दोस्त के बारे में पुलिस को ऐसी-ऐसी कहानियां पता चलती है कि खुद वर्दीवाले भी हैरान रह जाते हैं.
पहले भी बेगुनाहों को फंसा चुकी थी ये जोड़ी
ये पता चलता है कि इस जोड़ी ने ये हरकत कोई पहली बार नहीं की, जब किसी लड़के को रेप या गैंगरेप के जाल में फंसा कर उनसे रुपए ऐंठना चाहा, बल्कि ये जोड़ी तो ऐसा पहले भी कई बार कर चुकी थी. उधर, पुलिस की इस कार्रवाई का पता चलते ही ऐसे कई लोग दिल्ली के सनलाइट कॉलोनी थाने के पास जमा हो जाते हैं, जिनके साथ या फिर जिनके अपनों के साथ इस जोड़ी ने यूं ही पहले कभी ठगी की थी.
शातिर तरीके से देते थे घटना को अंजाम
इस जोड़ी की मॉडस ऑपरेंडी चौंकानेवाली थी. ये शिकार की तलाश में किसी रेस्त्रां या फिर ऐसी ही किसी दूसरी जगह पर जाते, फिर जैसे ही वहां से कोई निकलता नजर आता, उसका पीछा करते. फिर रास्ते में गैंगरेप की कहानी गढ़ कर पुलिस को फोन कर देते. जब मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस की जाती, तो शिकायत सही लगती
क्योंकि आरोपी और लड़की के मोबाइल फोन का लोकेशन साथ मिलता. और इस तरह बेगुनाहों पर भी शिकंजा कस जाता.
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
इसके बाद शुरू होता ब्लैकमेलिंग का सिलसिला. लड़की और उसका दोस्त अपने शिकार को गैंगरेप के झूठे मामले में जेल भिजवाने की धमकी देते और शिकायत वापस लेने का ऑफर दे कर रुपए मांगते. फिर सौदेबाजी शुरू होती और तब जबरन वसूली लेकिन अब ये जोड़ी पुलिस के शिकंजे में हैं और ये यकीनन पुलिस के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी राहत की खबर है.