लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेशनंस कमांडर आतंकी जकीउर रहमान लखवी को टेरर फंडिंग मामले में पांच साल की सजा सुनाई गई है. उन्हें तीन अलग-अलग मामलों में पांच-पांच साल की सजा मिली है. ये तीनों सजा एक साथ चलेगी. यानी कि कुल पांच साल. हालांकि सभी रिपोर्ट में लखवी को 15 साल की सजा देने की बात कही गई है.
टेरर फंडिंग से जुड़े एक मामले में बीते दिनों ही लखवी को गिरफ्तार किया गया था, अब शुक्रवार को लाहौर की एंटी टेररिज्म कोर्ट ने उसकी सजा का ऐलान किया है. आपको बता दें कि जकीउर रहमान लखवी साल 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमले का मास्टरमाइंड भी था.
लाहौर में जकीउर रहमान लखवी के खिलाफ टेरर फंडिंग का मामला दर्ज है. उसपर आरोप था कि डिस्पेंसरी के नाम पर पैसा इकट्ठा करता था और उसका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में करता था. मुख्य रूप से इसका इस्तेमाल नए आतंकियों को तैयार करने में किया जाता था.
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आपको बता दें कि जकीउर रहमान लखवी को संयुक्त राष्ट्र द्वारा भी आतंकी घोषित किया हुआ था, जो लंबे वक्त से गिरफ्तार से बाहर था. लेकिन हाल ही में FATF की बैठक से पहले पाकिस्तान में उसपर एक्शन लिया गया और जेल में डाला गया.
मुंबई में हुए आतंकी हमले के मामले में हाफिज़ सईद के साथ जकीउर रहमान लखवी भी आरोपी है. इस मामले में भी उसे जेल हुई थी, लेकिन 2015 से ही वो बेल पर बाहर है. बीते दिनों हुई उसकी गिरफ्तारी पर अमेरिका की ओर से भी संतोष जाहिर किया गया था.
पिछले दिनों अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा था कि हम पाकिस्तान के आतंकी सरगना जकी उर रहमान लखवी की गिरफ्तारी का स्वागत करते हैं. हम उसके अभियोजन और सजा सुनाए जाने को लेकर बारीकी से नजर रखेंगे और अनुरोध करेंगे कि उसे मुंबई हमलों में शामिल होने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाए.
गौरतलब है कि जनवरी-फरवरी में फाइनेंशियल एक्शन टॉस्क फोर्स (FATF) की बैठक होनी है, ये संस्था देशों को आतंक के खिलाफ लड़ने के लिए पैसा देती है. लंबे वक्त से पाकिस्तान पर यहां ग्रे लिस्ट में जाने की तलवार लटकी है, ऐसे में हर बार ऐसा देखा गया है कि बैठक से पहले पाकिस्तान आतंकियों पर शिकंजा कसता आया है.