बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबाहानी को साइबर फ्रॉड का शिकार होना पड़ा. साइबर ठगों ने उनके अकाउंट में सेंधमारी कर 90 हजार रुपये उड़ा लिए. आमिर सुबाहानी ने तुरंत ही इस घटना की सूचना आर्थिक अपराध शाखा को दी. जिसके बाद जालसाज को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है.
यह मामला सचिव आमिर सुबाहानी जुड़ा था, इसलिए राज्य सरकार की सभी एजेंसिया हाई एलर्ट पर आ गई और साइबर ठग को धर दबोचा लिया गया. सचिव के जिस अकाउंट में 90 हजार रुपये थे उसे तुरंत ही सीज करा दिया गया. पुलिस द्वारा अपराधी के नाम और उसकी पहचान का खुलासा नहीं किया गया है. ऐसी उम्मीद की जा रही है कि पुलिस आने वाले समय में कोई बड़ा खुलासा कर सकती है.
साइबर ठगी के हर दिन कई मामले सामने आते हैं, लेकिन अपराधियों तक पुलिस पहुंच नहीं पाती है. चूंकि यहां मामला बिहार के सबसे बड़े अधिकारी से जुड़ा हुआ था. इसलिए ईओयू की टीम ने भी तत्काल एक्शन लिया और खाते से पैसे उड़ाने वाले जालसाज तक पहुंच गई.
बिहार के पड़ोसी राज्य झारखंड के जामताड़ा तो साइबर फ्राड के लिए पहले से ही बदनाम है लेकिन बिहार का नालंदा नवादा और शेखपुरा ज़िला भी जामताड़ा से पीछे नही है. 2022 में साइबर फ्राड मामले में नवादा में 66 और नालंदा 51 गिरफ्तारी अगस्त महीने तक हुई थी. आम आदमी हर रोज सायइर फ्रॉड के शिकार हो रहे है. लेकिन मुख्य सचिव की तरह कम ही खुशनसीब होते हैं जिनके पैसे मिल पाते हैं.