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जर्मनी: पुलिस के पास अरबों के बिटकॉइन, लेकिन पासवर्ड नहीं पता, जेल में बंद क्रिमिनल नहीं बता रहा कोड

बिटकॉइन को डिजिटल वैलेट पर स्टोर किया जाता है और इसे पासवर्ड के जरिए ही खोला जाता है. अगर आप इस पासवर्ड को भूल जाते हैं तो इस बिटकॉइन को उपयोग नहीं कर पाएंगे.

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बिटकॉइन (प्रतीकात्मक तस्वीर)
बिटकॉइन (प्रतीकात्मक तस्वीर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बिटकॉइन का पासवर्ड नहीं जानती है पुलिस
  • जर्मन एजेंसियों के पास 4 अरब 36 करोड़ रुपये
  • पासवर्ड के बिना एक रुपया भी नहीं निकाल पा रही पुलिस

जर्मनी में पुलिस के पास अरबों रुपयों का साइबर खजाना हाथ लगा है. इतनी भारी जब्ती के बाद भी पुलिस और कानूनी एजेंसियों के हाथ बंधे हुए हैं और वो इस खजाने से एक रुपये भी खर्च नहीं कर पा रहे हैं. इस वजह है एक पासवर्ड जिसकी जानकारी पुलिस को नहीं है. हालांकि इस पासवर्ड को एक अपराधी जानता है, ये अपराधी पुलिस की पकड़ में भी है, लेकिन ये शातिर साइबर क्रिमिनल इस पासवर्ड को पुलिस को बता ही नहीं रहा है. 

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जर्मनी में पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने एक साइबर क्रिमिनल से 50 मिलियन यूरो यानी 60 मिलियन डॉलर के बिटकॉइन (Bitcoin) जब्त किए हैं. भारतीय रुपयों में ये रकम 4 अरब 36 करोड़ 72 लाख रुपये होती है. 

अनलॉक करने के लिए पासवर्ड नहीं

जर्मनी की एजेंसियों के पास अब एक मात्र दिक्कत ये है कि वे इस बिटकॉइन को खर्च नहीं कर सकते हैं. उनके पास इस बिट क्वाइन को अनलॉक करने के लिए पासवर्ड नहीं है.

डिजिटल वॉलेट में स्टोर होता है बिटकॉइन

बिटकॉइन एक वर्चुअल मुद्रा है, यह एक डिजिटल करेंसी है. जिसको आप ना तो देख सकते हैं और न ही छू सकते हैं. लेकिन इसका इस्तेमाल आप लेन-देन के लिए कर सकते हैं. 

बिटकॉइन को डिजिटल वॉलेट पर स्टोर किया जाता है और इसे पासवर्ड के जरिए ही खोला जाता है. अगर आप इस पासवर्ड को भूल जाते हैं तो इस बिटकॉइन को उपयोग नहीं कर पाएंगे. 

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पूरी कहानी ये है

दरअसल जिस व्यक्ति को इस बिटकॉइन के पासवर्ड की जानकारी है उसे साइबर क्राइम के जुर्म में दो साल जेल भेजा गया है. पुलिस ने इसके पास से 1700 बिटकॉइन जब्त किए हैं. पुलिस इस बिटकॉइन को अनलॉक करने के लिए कई बार कोशिश कर चुकी है. लेकिन फेल रही है. ये घटना जर्मनी के केम्पटन की है. 

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने कहा कि दोषी से कई बार पासवर्ड के बारे में पूछा गया है लेकिन वो चुप है. शायद उसे पासवर्ड की जानकारी नहीं है. लेकिन वो कुछ नहीं बोल रहा है. 

इस शख्स पर आरोप है कि उसने चुपके से दूसरे लोगों के कम्प्यूटर में एक विशेष सॉफ्टवेयर लगा दिया और बिटकॉइन की चोरी करने लगा. इस आरोप में उसे 2 साल की सजा हुई है.

जब वो जेल गया था उस वक्त उसके बिटकॉइन की कीमत मौजूदा मूल्य का मामूली भाग था, लेकिन हाल के दिनों में बिटकॉइन की कीमत बढ़ी है. अब कानूनी एजेंसियों की कोशिश है कि ये शख्स इन बिटकॉइन को किसी भी हालत में इस्तेमाल न कर सके. 

 

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