दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को शर्मनाक बुल्ली बाई (Bulli Bai) केस में असम के जोरहाट से इंजीनियरिंग द्वितीय वर्ष के छात्र नीरज बिश्नोई को गिरफ्तार किया है. यह इस मामले में चौथी गिरफ्तारी है. इससे पहले मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. दिल्ली पुलिस की टीम अब उससे पूछताछ कर रही है.
पुलिस के मुताबिक 21 वर्षीय नीरज बिश्नोई इस मामले का 'मुख्य साजिशकर्ता' है. जोरहाट निवासी नीरज बिश्नोई भोपाल में पढ़ता है. वह गिटहब प्लेटफॉर्म पर बुल्ली बाई ऐप का निर्माता होने के साथ-साथ उसका ट्विटर अकाउंट भी चलाता है. उसे दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) यूनिट ने गिरफ्तार किया है. उसे दिल्ली लाया गया है.
आईएफएसओ के पुलिस उपायुक्त के.पी.एस. मल्होत्रा ने बताया कि नीरज को तकनीकी विश्लेषण और आईपीडीआर (इंटरनेट प्रोटोकॉल डिटेल रिकॉर्ड्स) और गेटवे का इस्तेमाल करते हुए जोरहाट से गुरुवार की सुबह गिरफ्तार किया गया. बिश्नोई मध्य प्रदेश की राजधानी के वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में बी.टेक द्वितीय वर्ष का छात्र है. इस मामले में यह चौथी गिरफ्तारी है.
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मुंबई पुलिस की साइबर सेल भी इस मामले की जांच कर रही है. उन्होंने इस केस में तीन गिरफ्तारियां की हैं. इनमें श्वेता सिंह को उत्तराखंड से, इंजीनियरिंग छात्र विशाल कुमार को बेंगलुरु से और एक अन्य आरोपी शामिल है, जो उत्तराखंड का ही रहने वाला है.
सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं का अपमान करने और उनकी बोली लगाने वाला बुल्ली बाई मोबाइल एप्लिकेशन सुल्ली डील ऐप का क्लोन प्रतीत होता है, जिसका का मामला पिछले साल इसी तरह सामने आया था.
बुल्ली बाई ऐप मामले में पीड़ित एक महिला पत्रकार ने शनिवार अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी. उन्होंने शिकायत की कॉपी भी ट्विटर पर शेयर की थी.
देर शाम आरोपी नीरज बिश्नोई को IFSO यूनिट ने ड्यूटी मैजिस्ट्रेट के घर पर पेश किया और 7 दिन की पुलिस कस्टडी की मांग की. जज ने 7 दिन की पुलिस कस्टडी ग्रांट कर दी. अब 7 दिन शातिर नीरज साइबर सेल और IFSO यूनिट की कस्टडी में रहेगा.
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