तेलंगाना सहित देश भर में 319 साइबर धोखाधड़ी के मामलों में शामिल 18 ठगों को हैदराबाद पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इन ठगों ने डिजिटल अरेस्ट, सेक्सटॉर्शन, ओटीपी फ्रॉड और इश्योरेंस फ्रॉड के जरिए लोगों को सात करोड़ रुपए का चूना लगाया था. इनके खिलाफ हैदराबाद सिटी साइबर क्राइम यूनिट, कर्नाटक, महाराष्ट्र और राजस्थान सहित कई राज्यों की पुलिस टीम ने संयुक्त अभियान चलाया था.
हैदराबाद सिटी पुलिस कमिश्नर सीवी आनंद ने कहा कि आरोपियों से 5 लाख रुपए नकद, 26 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं. उनके बैंक खातों में 1 करोड़ 61 लाख 25 हजार 876 रुपए फ्रीज कर दिए गए हैं. वहीं, इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर ने कहा कि सीबीआई, ईडी या पुलिस वीडियो कॉल के जरिए लोगों को गिरफ्तार नहीं करती है. ऐसी किसी भी तरह की कॉल से सावधान रहना चाहिए.
'घबराएं नहीं, सतर्क रहें, पुलिस वीडियो कॉल नहीं करती'
साइबर सिक्योरिटी एजेंसी ने लोगों को इंटरनेट के जरिए किए जाने वाले अपराधों का शिकार न बनने की चेतावनी दी है. उसके द्वारा जारी की गई सलाह में कहा गया है, "घबराएं नहीं, सतर्क रहें. सीबीआई, पुलिस या ईडी वीडियो कॉल पर गिरफ्तार नहीं करते हैं." फेसबुक, व्हाट्सएप और स्काइप जैसे कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने कहा है कि बेहतर सुरक्षा के लिए साइबर सिक्योरिटी एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहे हैं.
क्या होता है डिजिटल अरेस्ट, कैसे करते हैं ठगी?
डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी का एक नया तरीका है. इसमें धोखेबाज ऑडियो या वीडियो कॉल करते हैं. खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसी के अधिकारी के तौर पर पेश करते हैं. उन्हें केस से मुक्ति दिलाने के नाम पर वसूली करते हैं. ताजा मामले में गिरोह के एक ठग ने 1 सितंबर को आरआरसीएटी में वैज्ञानिक को फोन किया और ट्राई का अधिकारी बनकर लाखों का चूना लगा दिया.
सीबीआई का ऑपरेशन चक्र-3, 26 ठग गिरफ्तार
बताते चलें कि पिछले हफ्ते सीबीआई ने वैश्विक स्तर पर लोगों के साथ साइबर ठगी करने के आरोप में 26 अपराधियों को गिरफ्तार किया था. ऑपरेशन चक्र-3 के तहत ये कार्रवाई पुणे, हैदराबाद, अहमदाबाद और विशाखापत्तनम में 32 अलग-अलग जगहों पर छापेमारी के साथ शुरू हुई. इसके साथ ही जांच एजेंसी ने 58.45 लाख रुपए नकद, लॉकर की चाबियां और तीन लग्जरी गाड़ियां जब्त की हैं.
फर्जी कॉल सेंटरों के जरिए ऐसे करते हैं शिकार
जानकारी के मुताबिक, ये जालसाज फर्जी कॉल सेंटरों के जरिए लोगों को अपनी जाल में फंसाते थे. इसके बाद उनसे लाखों रुपए ठग लेते थे. पुणे के रीजेंट प्लाजा में वी.सी. इनकॉन्फॉर्मिटीज प्राइवेट लिमिटेड, विशाखापत्तनम के मुरली नगर में वी.सी. इंफ्रोमेट्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद में वायाजेक्स सॉल्यूशंस और विशाखापत्तनम में अत्रिया ग्लोबल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर छापेमारी की गई है.
सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि इन चारों कॉल सेंटरों में लाइव ऑनलाइन साइबर ठगी की गतिविधियों में शामिल 170 लोगों को पकड़ा गया है. इस ऑपरेशन में साइबर अपराधी कई तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल थे. ये अमेरिका सहित कई देशों के लोगों को अपनी जाल में फंसाकर उनसे ठगी करते थे. खासकर अमेरिका में लोगों कॉल करके उनको तकनीकी सहायता की बात करते.
इसके बाद लोगों के सिस्टम को हैक कर लेते थे. इसके बाद उनके खातों से पैसे अपने अकाउंट में ट्रासफर कर लेते थे. कई मामलों में साइबर अपराधियों ने पीड़ितों को इंटरनेशनल गिफ्ट कार्ड या क्रिप्टो करेंसी के जरिए पैसे ट्रांसफर करने लिए धमकाया. सीबीआई ने अब तक पुणे से 10, हैदराबाद से 5 और विशाखापत्तनम से 11 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. सभी से पूछताछ की जा रही है.