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अलवर: 30 महीने में 11 करोड़ रुपए की ठगी, सेक्सटॉर्शन और साइबर ठग गैंग के 3 आरोपी गिरफ्तार

अलवर पुलिस ने सेक्सटॉर्शन और साइबर ठगी करने वाले गैंग के तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से आठ एटीएम कार्ड, चार मोबाइल, एक स्वाइप मशीन, एक क्रेटा कार और सवा लाख रुपए नकद जब्त किए हैं. पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 3 दिन का पुलिस रिमांड मांगी है.

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

राजस्थान की अलवर पुलिस ने सेक्सटॉर्शन और साइबर ठगी करने वाली गैंग तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. गैंग के सदस्यों ने 30 महीने में 11 करोड़ रुपए से अधिक ठगी की है. पुलिस ने आरोपियों के पास से आठ एटीएम कार्ड, चार मोबाइल, एक स्वाइप मशीन, एक क्रेटा कार और सवा लाख रुपए नकद जब्त किए हैं.

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दरअसल, 11 जनवरी को पुलिस की टीम गश्त कर रही थी. इसी दौरान सूचना मिली कि टैम्परेरी नंबर की एक सफेद रंग की क्रेटा गाड़ी में तीन लोग बैठे हुए हैं. वह जगह-जगह एटीएम मशीन से रुपए निकाल रहे हैं.

सूचना देने वाले ने बताया कि अब वे गोविंदगढ़ के एटीएम मशीन से रुपए निकालने की फिराक में हैं. इस सूचना पर पहुंची पुलिस ने पीएनबी एटीएम के पास खड़ी गाड़ी से तीन बदमाशों को दबोच लिया.

करीब तीन साल साल से कर रहे हैं सायबर ठगी 

आरोपियों की पहचान 23 साल के कासम, 20 साल के जाहुल और 19 साल के दिनु खां रूप में हुई है. सभी आरोपी भरतपुर जिले के जुरहड़ा थाना के सहसन गांव के रहने वाले हैं. आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे पिछले करीब 3 साल से अलग-अलग बैंक खातों से करीब 11 करोड़ रुपए निकाल चुके हैं.

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लड़कियों के नाम से सोशल साइट पर बनाते थे अकाउंट

आरोपियों ने बताया कि वे लड़कियों के नाम से फेसबुक या सोशल साइट पर अकाउंट बनाते थे. फिर लोगों से बातें करना शुरू कर देते थे. उनको बातों में बहलाकर व्हाट्सएप पर न्यूड होकर कॉल करने के लिए प्रेशर बनाते थे.

इसके बाद व्यक्ति न्यूड होकर कॉल करने लग जाता था. फिर उसका स्क्रीन रिकॉर्डिंग की सहायता से वीडियो बना लिया जाता था. उस वीडियो को भेजकर उसके एवज में पैसे ऐंठने का काम करते थे. 

कमीशन पर करता था काम
 
आरोपियों ने आगे बताया कि सारा काम धानका के रहने वाले राहुल और खान के लिए करते हैं. वह अलग-अलग तरीके से ऑनलाइन ठगी करके हमारे बैंक खातों में डाल देते हैं. इसके बाद हम तीनों मिलकर अलग-अलग एटीएम कार्ड से वह रुपए निकाल लेते थे. इसके बाद अपना कमीशन काटकर शेष पैसों को राहुल और खान को दे देते थे. 
 
मामले में गोविंदगढ़ के थानाधिकारी ताराचंद शर्मा ने बताया, "गोविंदगढ़ क्षेत्र के कुछ गांव में साइबर क्राइम और सेक्सटॉर्शन के मामले बढ़ रहे हैं. इसके तहत अलवर पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी ने एक टीम का गठन किया. साइबर ठगों की निगरानी बढ़ाई और मुखबिरो की निशानदेही पर दबिश दी गई. पकड़े गए तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 3 दिन का पुलिस रिमांड देने की मांग की गई है."

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(रिपोर्ट- संतोष शर्मा)

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