दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने एक ऐसे फेक कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है, जिसके कारिंदे बेरोजगार युवकों को कॉल करके उन्हें देश विदेश में बढ़िया सैलेरी वाली नौकरी दिलाने का झांसा दिया करते थे और उनसे रजिस्ट्रेशन समेत कई औपचारिकताओं के नाम पर मोटी रकम वसूलते थे.
पुलिस के साइबर सेल ने दिल्ली के जनकपुरी इलाके में छापेमारी कर एक फर्जी कॉल सेंटर की हकीकत उजागर कर दी. पुलिस ने मौके से 7 लोगों को गिरफ्तार किया है. जिनमें 3 महिलाएं भी शामिल हैं. पुलिस ने वहां से 5 डेस्कटॉप कंप्यूटर, 1 लैपटॉप, 10 कीपैड मोबाइल फोन, 7 स्मार्टफोन और पीड़ित लोगों का डाटा बरामद किया है.
पश्चिमी दिल्ली जिला पुलिस के साइबर सेल को जनकपुरी इलाके में संचालित किए जा रहे इस फेक कॉल सेंटर के बारे में जानकारी मिली थी. इस गिरोह के लोग पूरे देश मे फैले अपने सूत्रों से बेरोजगार लोगों के नंबर हासिल कर लेते थे. पुलिस से बचने के लिए ये लोग व्यस्त बाजार में अपना गोरखधंधा चलाते थे और तीन से चार महीने में अपना ठिकाना भी बदल देते थे.
पहले साइबर सेल ने इस गोरखधंधे के सुराग जुटाए और फिर छापा मारकर सभी को पकड़ लिया. छापे के वक़्त मौके पर शैलेश, हिमांशु, शादाब और अमित के अलावा 3 महिलाएं भी मौजूद थी. पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि वे अब तक 200 लोगों के साथ ऑनलाइन ठगी कर चुके हैं.
पुलिस के मुताबिक एक बार डाटा मिलने के बाद ये लोग अपने शिकार को फोन करते थे. फिर कभी रजिस्ट्रेशन के नाम पर तो कभी किसी और बहाने से ऑनलाइन पेमेंट करा लेते थे. जब एक बार सामने वाला पैसा भेज देता था तो उसका नंबर ब्लॉक कर देते थे. पुलिस के मुताबिक ये लोग 40 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक अपने शिकार से ठग लेते थे.