दिल्ली पुलिस की शाहदरा जिला साइबर सेल ने नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है. आरोपियों ने करीब 150 से ज्यादा लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है. पुलिस ने छापे के दौरान एक मास्टरमाइंड और 6 टेलीकॉलर पकड़े हैं, जिनके पास से 8 कॉलिंग डिवाइस और 2 लैपटॉप बरामद किए गए हैं.
पुलिस के मुताबिक, साइबर पोर्टल यानी www.cybercrime.gov.in पर उन्हें एक शिकायत मिली थी. इसके बाद साइबर थाना शाहदरा में आईपीसी 420 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया गया. शिकायतकर्ता प्रतिज्ञा चड्डा ने आरोप लगाया था कि उन्होंने शिक्षक के रूप में नौकरी के लिए अपना बायोडाटा www.shine.com (नौकरी प्रदान करने वाली वेबसाइट) पर अपलोड किया था. बाद में उसे एक कॉल आया और कॉल करने वाले ने खुद को डीपीएस (DPS) रिक्रूटर होने का दावा किया और कहा कि उसका बायोडाटा नौकरी के लिए चुना गया है.
100 की जगह काटे 30000
बाद में, निर्देशानुसार, पीड़ित ने फर्जी वेबसाइट लिंक www.dpsjobs.in के माध्यम से प्रदान किए गए लिंक पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए 100 रुपये का भुगतान करने का प्रयास किया. इस दौरान आरोपी ने पीड़िता के एसबीआई अकाउंट से तुरंत 30,000 रुपये काट लिए गए. बाद में आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर स्विच ऑफ कर लिया.
ऐसे जुटाई केस की जानकारी
मामले की जानकारी मिलने के बाद केस को सुलझाने और साइबर ठग को गिरफ्तार करने के लिए एक टीम का गठन किया. सेल की एक टीम ने कथित मोबाइल नंबर की जानकारी जुटाई जो कॉलिंग में इस्तेमाल किया गया था और स्विच ऑफ पाया गया था. आरोपी के क्रेडिट कार्ड और बैंक डिटेल निकालने के बाद, पता चला कि आरोपी ने फर्जी पते पर बैंक खाता भी खोला है. साइबर सेल ने कथित मोबाइल नंबरों और खाता नंबरों की जांच कर तिलक नगर में बने कॉल सेंटर पर छापा मारा, जहां से पुलिस ने मास्टमाइंड समेत 7 लोगों को धरदबोचा.
फर्जी वेबसाइट बनाईं
पुलिस की पूछताछ के दौरान मास्टरमाइंड आरोपी हेमंत ने बताया, उसने दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) और अन्य प्रतिष्ठित कंपनियों समेत संगठनों के नाम पर नकली वेबसाइट बनाईं. जब नौकरी की तलाश कर रहे लोग www.shine.com पर जॉब का आवेदन करते हैं, तो उनकी गैंग लोगों को भुगतान के लिंक भेज देती थी. इसके लिए आरोपी की तरफ से प्रोवाइड कराए लिंक में, आवेदनकर्ता अपने डेबिट कार्ड की डिटेल, सीवीवी नंबर और ओटीपी भर देते थे, जिसको देखकर आरोपी बिना एक पल गंवाए अपने जाल में फंसे लोगों के बैंक खातों से हजारों रुपए अपने ऑनलाइन वॉलेट में डाल लेते थे.
3 बैंक एकाउंट खोले थे
पूछताछ में पता चला कि इन जालसाज़ों ने 3 बैंक एकाउंट खोले हुए थे. आरोपी हेमंत कोहली नौकरी चाहने वालों का डेटा भी खरीदा था, जिसके बाद ये लोग उन्हें कॉल कर अपने जाल में फंसाते थे. पुलिस के मुताबिक, अभी तक की जांच में पता चला है कि 150 से ज्यादा लोगों को इन शातिर जालसाजों ने अपनी ठगी का शिकार बनाया है. फिलहाल मामले की जांच जारी है.