हरियाणा के गुरुग्राम में 61 साल की बुजुर्ग महिला से सीमा शुल्क निकासी के बहाने कथिततौर पर दो करोड़ रुपये की ठगी की गई. पुलिस के मुताबिक, महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि दिसंबर 2022 में उसे एक व्यक्ति से सोशल मीडिया पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी. आरोपी ने खुद को ब्रिटिश एयरवेज के पायलट बताया था.
दरअसल, आरोपी ने पांच दिसंबर को बुजुर्ग महिला से कहा कि उसके पास आईफोन, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, घड़ी, एक्सेसरीज और कैश जैसे गिफ्ट आइटम के साथ एक सरप्राइज पैकेज है. इसके लिए आपको अपना पता और फोन नंबर देना होगा. आरोपी ने आगे कहा कि अगर महिला उसे 35 हजार रुपये देगी, तो वह सरप्राइज पैकेज उसे भेज देगा.
एयरपोर्ट अथॉरिटी का अधिकारी बनकर किया फोन
पुलिस ने कहा कि जब पीड़ित महिला ने रुपयों का भुगतान किया, तो उसके पास एयरपोर्ट अथॉरिटी के एक अधिकारी के रूप में एक अन्य व्यक्ति का फोन आया और उसे एक लाख रुपये का जुर्माना देने को कहा. जुर्माने की रकम वापस पाने के धोखेबाज के आश्वासन पर महिला ने 95,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए. कुछ समय बाद उसने फिर से महिला को फोन किया.
फिर महिला को जाल में फंसाते चले गए आरोपी
इसके बाद आरोपी ने कहा USD से INR में मुद्रा एक्सचेंज करने के लिए आवश्यक प्रमाण पत्र के लिए दो लाख रुपये का भुगतान करना होगा. महिला फिर से धोखा खा गई. आरोपी यहीं नहीं रुके, 9 दिसंबर को उन्हें एक अन्य नंबर से एक एसएमएस किया, जिसमें दावा किया गया कि यह 'संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद विरोधी विभाग' से है. उन्हें पैकेज के लिए एक निकासी फॉर्म प्राप्त करना था, जिसके लिए उन्हें भुगतान करना था.
महिला ने गहने गिरवी रखे, प्लॉट भी बेच दिया
महिला ने कहा मुझे मुथूट फाइनेंस के साथ अपने सभी गहनों पर ऋण लेने के लिए मजबूर किया गया था और आरोपी ने मुझे उस लोन के रुपयों को भी ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया. उसने अपने खाते से 35 लाख रुपये ट्रांसफर किए और 50 लाख रुपये की और व्यवस्था करने के लिए एक प्लॉट भी बेच दिया. मुझसे और पैसे मांगे गए, तो मैंने अपने बेटे के साथ अपने संयुक्त बैंक खाते से पैसे निकाले. तब पता चला कि मुझसे लगभग 2 करोड़ रुपये की ठगी हो गई है.
रिश्तेदारों से भी लिए 24.5 लाख रुपये उधार
मामले मे जांच अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि पीड़ित महिला ने ठगी की शिकायत दर्ज कराई है. उसने आरोपी को रुपये देने के लिए रिश्तेदारों से 24.5 लाख रुपये उधार लिए थे और बाकी के रकम खुद दिए थे. इस मामले में सोमवार को साइबर अपराध पुलिस स्टेशन मानेसर में अज्ञात जालसाजों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 419 (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी) और 420 (धोखाधड़ी) और आईटी अधिनियम की धारा 66-डी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. मामले में जांच चल रही है.