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साइबर क्राइम का नया गढ़ बनता जा रहा है हरियाणा का ये चर्चित इलाका, ऐसे मिले थे सबूत

जामताड़ा का नाम साइबर क्राइम के लिए चर्चा में रहता है. अब मेवात का साइबर ठगी के मामले में झारखंड के जामताड़ा की तरह नाम सामने आ रहा है. यहां के हजारों नौजवानों ने अब इसी को अपना पेशा बना लिया है.

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नूंह हिंसा के दौरान वहां के साइबर क्राइम थाने को निशाना बनाया गया था (फाइल फोटो)
नूंह हिंसा के दौरान वहां के साइबर क्राइम थाने को निशाना बनाया गया था (फाइल फोटो)

हरियाणा के नूंह जिले का मेवात इलाका यानी वो जगह जिसके बारे में कहते हैं कि वहां रात के अंधेरे में तो क्या, दिन के उजाले में भी पुलिस को जाने से पहले सोचना पड़ता है. इसी मेवात में कई ऐसे मौके भी आ चुके हैं, जब पुलिस किसी मुल्जिम की गिरफ्तारी के लिए वहां गई और पिट-पिटा कर वापस लौटी. लेकिन अब जिस अब एक नई करतूत मेवात की साख पर बट्टा लगा रही है, वो है मेवात का जामताड़ा बन जाना.

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जामताड़ा से आप समझ ही गए होंगे कि हम बात कर रहे हैं साइबर क्राइम की. यानी मेवात का साइबर ठगी के मामले में झारखंड के जामताड़ा की तरह उभर कर सामने आना, जहां के हजारों नौजवानों ने अब इसी काम को अपना पेशा बना लिया है. साइबर ठगी का नया अड्डा बने मेवात के हालात क्या हैं, इसका अंदाजा अब इसी बात से लगा  सकते हैं कि कुछ दिनों पहले पुलिस ने मेवात के चालीस गांवों में सक्रिय करीब 2 लाख सिम कार्ड बंद कराए हैं.

उन गांवों और वहां से चलते सिम कार्ड से ठगी के मामलों की शिकायत नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत देश के कई राज्यों से सामने आ चुकी है. पुलिस को वहां छुपे बैठे ठगों की गिरफ्तारी के लिए बाकायदा लवाजमे के साथ जाना होता है, क्योंकि यहां पुलिस पर हमला एक मामूली बात है. सूत्रों की मानें तो अनपढ़ से लेकर आठवीं, दसवीं पास लड़के और यहां तक कि अच्छे खासे पढ़े लिखे लोग इस धंधे में शामिल हैं.

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मेवात के ठग खुद को बैंक और बीमा कंपनी के मैनेजर बता कर लोगों को ठगते हैं. ये फिल्म एक्टर्स से लेकर, कई नामचीन लोगों.. यहां तक कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की बेटी को भी ठग चुके हैं. राजस्थान पुलिस के मुताबिक 2019 से 2022 तक 560 साइबर फ्रॉड के केस दर्ज हुए थे, जिनमें ज्यादातर मेवात के इलाके से थे. 

इसी साल मार्च में केंद्र सरकार ने बताया था कि देश के नौ राज्यों के 32 इलाके ऐसे हैं जो साइबर क्राइम का गढ़ बन गए हैं. इनमें मेवात भी शामिल था.मेवात किस तरह साइबर क्राइम का गढ़ बन रहा है या बन चुका है, इसे ऐसे समझ सकते हैं कि जैसे ही आप यहां पहुंचेंगे, वैसे ही जगह-जगह पर साइबर अपराध से जुड़ी चेतावनियां लिखे बैरिकेड-बैनर दिखने लगेंगे. इसके अलावा, नूंह जिले में जुरेहरा पहला पुलिस थाना पड़ता है, यहां पर भी साइबर अपराध को लेकर चेतावनी लिखी है. ताकि भोले-भाले लोग साइबर ठगों का शिकार न बन जाएं.

फिलहाल मेवात में तेजी से पांव पसारते साइबर ठगी के मामलों को देखते हुए ही नूंह में साइबर ठगी को रोकने के लिए नया थाना खुला था. लेकिन मेवात में हुई हिंसा के दौरान वही थाना आग की भेंट चढ़ गया था. अब उसे फिर दुरुस्त किया जा रहा है.

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