कोलकाता पुलिस ने बुधवार को छापेमारी कर धोखाधड़ी करने वाले एक रैकेट का भंड़ाफोड़ किया है. पुलिस को छापेमारी में करीब 4 करोड़ का कैश बरामद हुआ है. विधाननगर पुलिस ने बुधवार को न्यूटाउन इलाके में चल रहे कई अवैध कॉल सेंटरों पर विशेष छापेमारी के दौरान यह कैश बरामद किया है. पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है.
जानकारी के मुताबिक 2 मार्च को नाका चेकिंग के दौरान पुलिस ने कुछ लोगों की गतिविधियां संदिग्ध पाई थीं. इसके बाद पुलिस की एक टीम ने संदिग्धों को ट्रेस करना शुरू कर दिया. इस दौरान पुलिस उनके ठिकाने पर जा पहुंची. पुलिस का दावा है कि उनके फ्लैट पर छापेमारी कर 13 लाख 60 हजार रुपये बरामद किए गए हैं.
वहीं पुलिस ने मौके से चार लोगों को अरेस्ट कर लिया. पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी गुजरात और नई दिल्ली के रहने वाले हैं. इसके बाद पुलिस ने गिरोह के सरगना का पता लगाने के लिए मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी.
दोनों आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को गिरोह सरगरना गौरव सोनी और उसके भाई सौरव का पता लगाया. पड़ताल में पता चला है कि वे धोखाधड़ी का रैकेट चलाते हैं और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों में शामिल हैं. इसके बाद पुलिस ने उनके घर पर रेड मारी. इस दौरान उनके घर से पुलिस ने दो लग्जरी कारें और एक किलो सोना समेत कई दस्तावेज जब्त किए.
जांच में यह भी पता चला कि गौरव सोनी और उसका भाई सौरव कोलकाता में अलग-अलग जगहों पर कम से कम 8-10 अवैध कॉल सेंटर चलाते हैं. इन कॉल सेंटरों के लोग विदेश में फर्जी कॉल करते हैं और कंप्यूटर तकनीकी सहायता प्रदान करने या बड़ी राशि व्यक्तिगत ऋण देने के बहाने विदेशियों को ठगते हैं.
इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के बयान के आधार पर बुधवार को न्यूटन क्षेत्र में कई अवैध कनसेंटर्स के यहां फिर से छापेमारी की और भारी मात्रा में नगदी बरामद की. डीसीपी (न्यूटाउन) प्रवीण प्रकाश ने कहा, "छापे के दौरान बिधाननगर पुलिस ने अवैध कॉल सेंटरों से 3 करोड़ 96 लाख 60 हजार रुपये बरामद किए. मामले में जांच अभी जारी है. कई और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है."
(रिपोर्ट: राजेश साहा, इनपुट: अरिंदम भट्टाचार्य)