यूट्यूब और फेसबुक पर लाइक, कमेंट और सब्सक्राइब कर होने वाली कमाई के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाला आरोपी युवक इंदौर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इंदौर साइबर पुलिस को काफी समय से आरोपी की तलाश थी. आरोपी के गिरफ्तार होने के बाद पूछताछ में सामने आया है कि वह केवल 8वीं क्लास तक पढ़ा है. मगर, उसको सोशल मीडिया के साथ-साथ हैकिंग की बहुत ही अच्छी जानकारी है. इसी के चलते वह लोगों को बेवकूफ बनाया करता था और उनसे मोटी रकम ऐंठ लिया करता था.
दरअसल, इंदौर साइबर पुलिस के हाथ एक ऐसा आरोपी लगा है, जिसने फर्जी बैंक अकाउंट और उन एकाउंट से कई क्रिप्टो करंसी वॉलेट बनाकर करोड़ों की ठगी की है. इंदौर के राज्य साइबर क्राइम पुलिस को एक निजी कंपनी के मैनेजर ने उसके साथ हुई ठगी की शिकायत की थी. मैनेजर के मुताबिक, सोशल मीडिया ऐप टेलीग्राम के माध्यम से फेसबुक और यूट्यूब पर लाइक शेयर और सब्सक्राइब करने के नाम पर उसे लाखों रुपए कमाने का लालच देकर ढाई लाख रुपए की ठगी की गई है.
महिला ने पहुंचाया आरोपी तक
मामला सामने आने के बाद साइबर पुलिस जांच में जुट गई थी. पीड़िता द्वारा ठगी के जुड़े मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने के बाद पुलिस ने उन नंबरों को ट्रेस किया था. नंबर किसी महिला का निकला. पुलिस ने उस महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की. तब सामने आया कि यह नंबर उसका रिश्तेदार ऑपरेट कर रहा है. पुलिस ने जब महिला के रिश्तेदार इमरान गौरी को हिरासत में लिया. उससे पूछताछ की. आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए.
सायबर क्राइम का मास्टरमाइंड है इमरान
इंदौर के राज्य साइबर क्राइम के एसपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि इमरान के मोबाइल ने कई जानकारी मिली हैं. इमरान आठवीं पास है लेकिन कंप्यूटर और सायबर क्राइम का मास्टरमाइंड है. उसने अपने कई रिश्तेदारों के नाम पर मोबाइल सिम लेकर फर्जी बैंक खाते खोले.
करोड़ों रुपए में बेचे क्रिप्टो करेंसी के दो वॉलेट
एसपी जितेंद्र सिंह के मुताबिक, फिर इन खातों से क्रिप्टो एकाउंट बनाकर ऑनलाइन गेमिंग करने वाले अपराधियों को यह अकाउंट किराए पर दिए. जब धंधा चल पड़ा तो इमरान ने कई अकाउंट ऊंची रकम में बेच दिए. पुलिस को 64 से ज्यादा अकाउंट की जानकारी मिली है. इमरान इतना शातिर है कि इसने क्रिप्टो करेंसी के दो वॉलेट ही करोड़ों रुपए में बेचे हैं.