झारखंड पुलिस ने एक ऐसे साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो रांची के डीएसपी सुमित कुमार की वर्दी वाली तस्वीर और वीडियो दिखाकर लोगों से लाखों की ठगी करता था. पुलिस ने इस गिरोह के 11 शातिर साइबर अपराधियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया है. इनके गिरोह में कुछ लड़कियां भी शामिल हैं. पुलिस इस गिरोह के अन्य लोगों को तलाश रही है.
रांची पुलिस के मुताबिक इस गिरोह में शामिल लड़कियां पहले व्हाट्सएप पर न्यूड होकर लोगों को अपने चंगुल में फंसाती थी और फिर साइबर सेल के डीएसपी सुमित कुमार की तस्वीर उन लोगों को दिखाकर जेल भिजवाने की धमकी देती थी. जब शिकार इनके जाल में फंस जाता था, तो उनसे लाखों रुपये की वसूली की जाती थी. लोगों को अपने जाल में फंसा कर ब्लैकमेल करने वाले इस गिरोह के 11 साइबर अपराधी रांची के डीएसपी सुमित कुमार के प्रयास से ही पकड़े गए हैं.
पुलिस के अनुसार इस गिरोह की जानकारी बीती 4 जून को डीएसपी सुमित प्रसाद को मिली थी. इसके बाद डीएसपी सुमित ने संबंधित साइबर अपराधियों की लोकेशन का पता लगाया. सभी अपराधियों की लोकेशन राजस्थान के अलवर में पाई गई. डीएसपी ने अलवर में संबंधित थाने से संपर्क किया और पूरे मामले की जानकारी दी. फिर रांची पुलिस के इनपुट पर ही अलवर पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
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पकड़े अपराधियों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उन्होंने ऐसे ही लोगों को फंसाकर अब तक 80 लाख रुपये से अधिक की वसूली की है. पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया. जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है.
बता दें कि रांची के साइबर सेल के डीएसपी सुमित कुमार ने लोगों को ठगी से बचाने के लिए सोशल साइट पर एक वीडियो अपलोड किया था. लेकिन उसी वीडियो को शातिर साइबर अपराधियों ने ठगी और ब्लैकमेलिंग का हथियार बना लिया.
इस गिरोह में शामिल लड़कियां पहले लोगों को व्हॉट्सएप पर न्यूड होकर अपने जाल में फंसाती थीं, फिर न्यूड रिकार्डिंग करने के बाद वर्दी में डीएसपी की वीडियो दिखाकर गिरोह के पुरुष सदस्य खुद को डीएसपी बताकर ठगी और ब्लैकमेलिंग का खेल करते थे.