सुविधाएं अक्सर समस्याएं लेकर आती हैं. इंटरनेट युग में आज जिंदगी भले ही आसान हो गई है, लेकिन दूसरी तरफ बड़ी समस्याएं भी पैदा हो रही हैं. कुछ समस्याएं आर्थिक नुकसान पहुंचा रही हैं, तो कई जानलेवा हैं. बढ़ते इंटरनेट के साथ साइबर क्राइम में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. दूर बैठे अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को लूट रहे हैं. कई बार धोखे से तो कई बार सीनाजोरी करके. सेक्सटॉर्शन उन्हीं में से एक है. इसकी वजह से बहुत लोग कंगाल हो गए, तो बहुतों ने अपनी जान दे दी. ताजा मामला नवी मुंबई का है, जहां एक शख्स से 43 लाख रुपए लूट लिए गए. अच्छी बात ये है कि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
जानकारी के मुताबिक, इस साल मई और अगस्त के बीच राजस्थान के रहने वाले 19 वर्षीय लड़के ने नवी मुंबई के एक 34 वर्षीय शख्स को कई बार व्हाट्सएप कॉल किया. इस दौरान दोनों निर्वस्त्र होकर बात करते रहे, जिसकी रिकॉर्डिंग आरोपी ने चुपके से कर ली. इसके बाद उस वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी देकर वो उसे ब्लैकमेल करने लगा. इस तरह एक-एक करके उसने 43 लाख रुपए पीड़ित से लूट लिए. इसके बाद भी उससे पैसों से मांग करता रहा. अंत में तंग आकर पीड़ित ने नवी मुंबई के साइबर सेल में अपनी शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 384 (जबरन वसूली), 420 (धोखाधड़ी) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी. पुलिस को पता चला कि ब्लैकमेलिंग की कॉल राजस्थान से आई है.
इसके बाद लोकेशन ट्रेस करते हुए पुलिस की टीम राजस्थान के डीग इलाके तक पहुंची. सबूतों के आधार पर वहां से 19 साल के आरोपी हामिल फरीद खान को 24 दिसंबर को राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सीमा पर एक सुदूर गांव पालड़ी से गिरफ्तार कर लिया गया. नवी मुंबई पुलिस के साइबर विंग के वरिष्ठ निरीक्षक गजानन कदम ने कहा कि आरोपी ने अश्लील वीडियो को यूट्यूब पर अपलोड करने की धमकी देकर शिकायतकर्ता से कुल 43,22,900 रुपये वसूले थे. उसके कब्जे से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और एटीएम कार्ड जब्त किए गए हैं. पीड़ित के रुपए भी जब्त कर लिए गए हैं, जो आरोपी ने विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए थे.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी हामिल फरीद खान को जिस जगह से गिरफ्तार किया गया, वह साइबर ठगों का गढ़ बन चुका है. आरोपी ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह महाराष्ट्र और अन्य जगहों पर इसी तरह के 13 अपराधों में शामिल है. पुलिस इस मामले की जांच में लगी है. इसके साथ ही नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त मिलिंद भारम्बे ने लोगों से अपील की है कि अज्ञात नंबरों से आने वाले व्हाट्सएप कॉल को इग्नोर करें. यदि कोई अनजान शख्स आपसे बातचीत करने की कोशिश करे तो उसे तुरंत ब्लॉक कर दें या फिर नजदीकी पुलिस स्टेशन में उसके बारे में सूचित करें. ऐसे मामलो में सावधानी और सतर्कता ही एक मात्र बचाव का उपाय है.
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मुंबई में सेक्सटॉर्शन में तेजी से उछाल
पिछले दो वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मुंबई में सेक्सटॉर्शन के केस में तेजी से उछाल आया है. साल 2021 में सेक्सटॉर्शन के 54 केस दर्ज हुए थे, जिसमें से 24 में 33 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इन 24 केसेज में से 4 ऐसे थे जिनमें पीड़ित से 10 लाख से ज्यादा पैसे वसूले गए थे. साल 2022 में सेक्सटॉर्शन के कुल 77 केस दर्ज हुए थे. इसमें से 30 में 52 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इन 77 मामलों में से 22 में पीड़ित से आरोपियों ने 10 लाख से ज्यादा पैसे वसूले थे. कुछ महीने पहले मुंबई के एक 71 वर्षीय व्यापारी से सेक्सटॉर्शन रैकेट चलाने वालों ने 51 लाख रुपए वसूले थे. इस तरह गैंग के लोग सोशल मीडिया के जरिए लोगों को टारगेट करके अपना शिकार बनाते हैं.
क्या है सेक्सटॉर्शन, कैस फंसते हैं लोग
सेक्सटॉर्शन रैकेट चलाने वाले गैंग में कई लोग एक साथ मिलकर काम करते हैं. इनमें महिलाएं और लड़कियां भी होती है. ये लोग ज्यादातर सोशल मीडिया के जरिए अपना शिकार खोजते हैं. जो लोग हाईप्रोफाइल दिखते हैं, उनको गैंग की लड़कियां फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजती हैं. इसके बाद धीरे-धीरे उनसे संपर्क बढ़ाती है. उसके बाद मोबाइल नंबर लेकर उनसे बातें करने लगती हैं. मौका देखकर व्हाट्सऐप कॉल के जरिए अश्लील बातचीत भी करती हैं. इस तरह सामने वाला उनकी जाल में फंस जाता है. उसका अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया जाने लगता है. सेक्सटॉर्शन दो शब्दों से मिलकर बना है. 'सेक्स' और 'एक्सटॉर्शन'. यह एक साइबर क्राइम है, जिसका शिकार कोई भी बन सकता है.
सेक्सटॉर्शन से बचने के लिए क्या करें
साइबर क्राइम से बचने के लिए सबसे पहला मंत्र यही है कि सोशल मीडिया इस्तेमाल करते समय सावधान रहना चाहिए. सावधानी हटी, दुर्घटना घटी. सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति से दोस्ती करने से बचना चाहिए. खासकर किसी महिला या लड़की से तो बिल्कुल भी नहीं. फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले हर प्रोफाइल की ठीक से जांच करनी चाहिए. मसलन वो किस तरह की पोस्ट डालता है. कैसी तस्वीरें शेयर करता है. कॉमन फ्रेंड कौन हैं. इसके अलावा व्हाट्सऐप पर किसी भी अनजान नंबर से आ रही वीडियो कॉल को उठाने से बचना चाहिए. यदि किसी वजह से ऐस मामले में फंस गए हैं, तो ब्लैकमेल होने की बजाए सीधे पुलिस के पास जाना चाहिए. इस मामले की शिकाय करना चाहिए.