कहते हैं सुविधाएं अपने साथ समस्याएं भी लेकर आती हैं. आज मोबाइल और इंटरनेट की वजह से इंसान की जिंदगी आसान हो गई है. लेकिन दूसरी तरफ बड़ी समस्याएं भी पैदा हुई हैं. कुछ समस्याएं आर्थिक नुकसान पहुंचा रही हैं, तो कई जानलेवा हैं. इंटरनेट के बढ़ते प्रसार के साथ साइबर क्राइम में तेजी से इजाफा हुआ है. दूर बैठे अपराधी अलग-अलग तरकीबों के जरिए लोगों को लूट रहे हैं. कई बार धोखे से तो कई बार सीनाजोरी करते हुए ब्लैकमेल करके. सेक्सटॉर्शन भी उनमें से एक है. इसकी वजह से बहुत लोगों ने अपनी जान दे दी है. ताजा मामला मुंबई का है, जहां एक रेलवे कर्मचारी ने सेक्सटॉर्शन से दुखी होकर अपनी जान दे दी है. वो अपने पीछे दो बच्चों और पत्नी को छोड़ गया है.
गुजरात का रहने वाला 36 वर्षीय एक रेलवे कर्मचारी मुंबई के डोंबिवली ईस्ट में अपने परिवार के साथ रहता था. वो सेंट्रल रेलवे के माटुंगा वर्कशॉप में काम करता था. एक दिन फेसबुक पर उसे एक अनजान लड़की की रिक्वेस्ट आई. उसने स्वीकार कर ली. उस लड़की का नाम कोमल शर्मा है. इनबॉक्स में बात करते-करते दोनों की मोबाइल पर बात होने लगी. एक दिन लड़की ने उसे व्हाट्सऐप पर वीडियो कॉल किया. उस दौरान कोमल ने उसका अश्लील वीडियो बना लिया. इसके बाद वो उसे ब्लैकमेल करने लगी. उससे दो लाख रुपए की मांग की गई. पीड़ित ने किसी तरह पैसों का जुगाड़ करके कोमल को दिया. लेकिन उसके बाद भी वो उसे ब्लैकमेल करती रही. ज्यादा पैसों की डिमांड करने लगी.
रेलवे कर्मचारी ने पैसे देने से मना कर दिए, तो कोमल शर्मा अपने कुछ साथियों के साथ उसे धमकाने लगी. वीडियो को वायरल करने की धमकी देने लगी. इसी बीच मुंबई क्राइम ब्रांच के नाम पर किसी विकास सिंह की कॉल आने लगी. कोमल और विकास ने उसे इतना धमकाया कि वो डिप्रेशन में चला गया. एक दिन ऑफिस के लिए घर से निकला, लेकिन माटुंगा रेलवे स्टेशन पर आकर ट्रेन के सामने छलांग लगा दी. घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई. उसने सुसाइट नोट में पूरी घटना को सिलसिलेवार तरीके से लिखा है. सभी आरोपियों के नाम और नंबर भी लिखे हैं. दादर जीआरपी ने मृतक की पत्नी की तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया. उनकी तलाश की जा रही है.
साइबर क्राइम का नया 'जामताड़ा' भरतपुर
जीआरपी के अफसर के मुताबिक, इस मामले में एक महिला और तीन पुरुष के खिलाफ केस दर्ज की गई है. उन्हें पकड़ने की कोशिश की जा रही है. उनका ये भी कहना है कि इस तरह के रैकेट ज्यादातर राजस्थान के भरतपुर से संचालित किए जा रहे हैं. बीते दिनों इसी तरह के कई केस सामने आए हैं, जिनमें यहां के लोगों की संलिप्तता मिली है. पुलिस की एक टीम भरतपुर जाकर भी जांच करने वाली है भरतपुर और मेवात साइबर क्राइम के लिहाज से नया जामताड़ा बनते जा रहे हैं. ज्यादातर सेक्सटॉर्शन के केस में भरतपुर और मेवात इलाके के लोगों की भूमिका संदिग्ध रहती है. हालही में सीबीआई की टीम ने इन इलाकों में लंबी रेड की थी. यहां से दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया गया था.
मुंबई में सेक्सटॉर्शन में तेजी से उछाल
पिछले दो वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मुंबई में सेक्सटॉर्शन के केस में तेजी से उछाल आया है. साल 2021 में सेक्सटॉर्शन के 54 केस दर्ज हुए थे, जिसमें से 24 में 33 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इन 24 केसेज में से 4 ऐसे थे जिनमें पीड़ित से 10 लाख से ज्यादा पैसे वसूले गए थे. साल 2022 में सेक्सटॉर्शन के कुल 77 केस दर्ज हुए थे. इसमें से 30 में 52 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इन 77 मामलों में से 22 में पीड़ित से आरोपियों ने 10 लाख से ज्यादा पैसे वसूले थे. कुछ महीने पहले मुंबई के एक 71 वर्षीय व्यापारी से सेक्सटॉर्शन रैकेट चलाने वालों ने 51 लाख रुपए वसूले थे. इस तरह गैंग के लोग सोशल मीडिया के जरिए लोगों को टारगेट करके अपना शिकार बनाते हैं.
क्या है सेक्सटॉर्शन, कैस फंसते हैं लोग
सेक्सटॉर्शन रैकेट चलाने वाले गैंग में कई लोग एक साथ मिलकर काम करते हैं. इनमें महिलाएं और लड़कियां भी होती है. ये लोग ज्यादातर सोशल मीडिया के जरिए अपना शिकार खोजते हैं. जो लोग हाईप्रोफाइल दिखते हैं, उनको गैंग की लड़कियां फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजती हैं. इसके बाद धीरे-धीरे उनसे संपर्क बढ़ाती है. उसके बाद मोबाइल नंबर लेकर उनसे बातें करने लगती हैं. मौका देखकर व्हाट्सऐप कॉल के जरिए अश्लील बातचीत भी करती हैं. इस तरह सामने वाला उनकी जाल में फंस जाता है. उसका अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया जाने लगता है. सेक्सटॉर्शन दो शब्दों से मिलकर बना है. 'सेक्स' और 'एक्सटॉर्शन'. यह एक साइबर क्राइम है, जिसका शिकार कोई भी बन सकता है.
सेक्सटॉर्शन से बचने के लिए क्या करें
साइबर क्राइम से बचने के लिए सबसे पहला मंत्र यही है कि सोशल मीडिया इस्तेमाल करते समय सावधान रहना चाहिए. सावधानी हटी, दुर्घटना घटी. सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति से दोस्ती करने से बचना चाहिए. खासकर किसी महिला या लड़की से तो बिल्कुल भी नहीं. फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले हर प्रोफाइल की ठीक से जांच करनी चाहिए. मसलन वो किस तरह की पोस्ट डालता है. कैसी तस्वीरें शेयर करता है. कॉमन फ्रेंड कौन हैं. इसके अलावा व्हाट्सऐप पर किसी भी अनजान नंबर से आ रही वीडियो कॉल को उठाने से बचना चाहिए. यदि किसी वजह से ऐस मामले में फंस गए हैं, तो ब्लैकमेल होने की बजाए सीधे पुलिस के पास जाना चाहिए. इस मामले की शिकाय करना चाहिए.