जेल में कौन रहना चाहता है? जाहिर है कोई नहीं, क्योंकि हरेक को आजादी पसंद है. पर उसने कत्ल किया था. जुर्म संगीन था, लिहाजा सजा भी कड़ी मिली. उम्र कैद, यानी अब उसकी पूरी उम्र जेल में ही कटनी थी. मगर वो जेल में रहने को तैयार नहीं था. पर सवाल ये था कि जेल से भागे तो कैसे? और फिर वो सचमुच भाग गया.
दरअसल, पंकज पहाड़े मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जेल में कत्ल के इलजाम में उम्रकैद की सजा काट रहा है. सजा उम्रकैद की है, तो जेल में ताउम्र ही रहना था. पर यह जेल से 19 सेकेंड में ही फरार हो गया.
दरअसल, जिन सीसीटीवी कैमरे में कैदी के भागने की तस्वीरें कैद हुईं, वे जेल में कैदियों पर नजर रखने के लिए लगाए गए हैं. पर जब कोई कैमरे पर ही नजर न रखे, तो फिर इन तस्वीरों का क्या कीजिगा. कंपाउंड में नहा रहे कैदियों के ठीक पीछे वाली दीवार पर सफेद कुर्ता-पाजामा पहने एक लंबा-सा शख्स नमूदार होता है. फिर देखते ही देखते वो बेहद फुर्ती से दीवार के ऊपर चढ़ जाता है. एक और दीवार तक पहुंचने के लिए बैंलेस बनात हुआ चंद कदमों तक चलता है और फिर छंलाग लगाकर सामने वाली दीवार पर चढ़ जाता है.
इसके बाद वो बड़े इत्मिनान से दीवार पर बैठ कर धीरे-धीरे सरकता हुआ दीवार के किनारे तक पहुंच जाता है और फिर जेल की आखिरी दीवार आखिरी दीवार कूदने के बाद वो छूमंतर हो जाता है.
पुलिस फिलहाल पंकज की तलाश कर रही है और तस्वीरें देख-देखकर बस यही सोच रही है कि पंकज जैसे लंबे कैदी के लिए जेल की दीवारें क्या सचमुच ऊंची हैं या और ऊंची होनी चाहिए?